सोलर यूनिट फेल,पीने के पानी की किल्लत

छिंदवाड़ा,ग्रामीण इलाकों में पानी की सुविधा के लिए लगाए गए सौर उर्जा आधारित सोलर यूनिअ इकाईयों ने कई ग्रामों में काम करना बंद कर दिया है। वही जो चालू है उनमें तकनीकी समस्याएं आने लगी है। लेकिन इसके बाद भी पीएचई विभाग आकड़ो की बाजीगरी में अटका हुआ है। बेटरी चोरी, तोड फोड और अन्य तकनीकी खामियों के चलते पहले ही जिले की दूरस्थ बसाहटों में 21 सोलर यूनिट दम तोड चुकी है। रही सही कसर मेंटनेंस के आभाव में निकल रही है। वर्तमान में यह हाल है कि करीब 4 दर्जन के आसपास सोलर यूनिटों ने वर्तमान में पानी उगलना बंद कर दिया है। इनमें कुछ ऐसी भी शामिल है जिनमें फ्लोराईड प्रभावित हैं। खास बात यह है कि बंद योजनाओं में सबसे ज्यादा परासिया खंड अंर्तगत आने वाले ग्रामों में है। अलग उपखंड बने करीब दो माह का समय गुजर जाने के बाद भी विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने इनके सुधार को लेकर कोई पहन नहीं की है। जबकि सबसे ज्यादा जल संकट वाले ग्राम में भी परासिया उपखंड में शामिल हैं।
:: योजनाओं पर नहीं हुआ काम
वर्ष 2014- 2015 में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम और राष्ट्रीय स्वच्छ उर्जा कार्यक्रम के अंर्तगत जिले मं सौलर पंप आधारित लधु पेयजल प्रदाय योजना की शुरूआत की गई थी। इसके अहत उन ग्रामों का चयन किया गया था। जहां 150 से 250 के बीच आबादी हो। सोलर पंप और उसके पूरे सेट के निर्माण का कार्य मप्र उर्जा विकास निगम के माध्यम से किया गया था। इसके चार मीटर ऊचाई पर 5 हजार लीटर की पानी टंकी और पाइप लाइन बिछाकर घरेलू नल कनेक्श् ान किया गया था। इसमें भी देख रेख की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत के माध्यम से विभाग को करनी थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
:: कही बेटरी चोरी तो हो गई तोड फोड
विभाग ने जिले भर में जितने भी जगह सौलर सेट लगाए है उनमें से आश्रम छात्रावास के अलावा ग्रामीण आबादीय क्षेत्र में लगे है। जो सौलर पंप छात्रावासों में लगे है वह तो सुरक्षित बताए जा रहे है लेकिन ग्रामों में लगने वाले सोलर पंपों से कहीं बेटरी चोरी हो गई है तो कही टंकी चोरी हो गई है। इसके अलावा कुछ ग्रामों तो सरारती तत्वों ने तोड फोड कर दी है। जिसका असर जल संकट के रूप में सामने आ रहा है।
:: क्या था उद्देश
सोलर पंप सेटों को लगाने के पीछे विभा द्वारा जो उद्देश बताए गए है उसके तहत ग्रामीणों को बिजली की वजह से पेय की परेशानी से बचाना था। वहीं लोगों को आसानी से 24 घंटे जल सप्लाई भी शामिल है। इसके लिए विभाग ने जिले भर में 224 सोलर पंप सेट लगाए थे।
:: यह है वे ग्राम जहां बंद है सोलर पंप
घूसावानी, धुलनिया, साजकुही, कांगला, करंजपानी, सटोटी, पखडिया, बिसनगोंदी टोला, दैनी, कामठी, जामुनटोला, बेलपठार, साफाढ़ाना, जमनई ढ़ाना, बडेगांव, मेहलोन, चंदनगांव, कोपाखेड़ा, खडकीढ़ाना, जाखावाडी¸, दुलियाढाऩा, कामठी खुर्द, नांदनवाडी, बीरपठार, लिंगाबढ़ ढाना, ध्ुार्वाढ़ाना, कंजरपानी घुडी, मोयाकई, हवेलीढ़ाना, मेहलोन वे गांव हैं जहां सोलर पंप बंद हैं।

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