जुगाड से बनी चरखी गली-गली घूम कर बेच रहे रस

महेश्वर,लोगों ने अब तक जुगाड़ के साथ साईकिल या फिर अन्य चीजें बनती देखी होंगी पर गन्ने का रस बनाने की चरखी बनते नहीं देखी होगी। महेश्वर में इसी करिश्मे के साथ आपको सडक़ किनारे गन्ने का रस इसी तरह की चरखी निकालते ठेले दिखाई दे जाएंगे। इसमें इंजन की जगह जनरेटर लगाया है। इसी जनरेटर से गन्ने की चरखी को चलाया जा सकता है। महेश्वर में बीते दो-तीन सालों स इस तरह के जुगाड़ के साथ आपको गन्ने के रस की दुकानें देखने को तकरीबन पूरे ही शहर में मिल जाएंगी। हालांकि अभी तक ठेले पर चरखी से गन्ने का रस निकालना और एक ही जगह पर खडे होकर उसे बेचा जाता था। लेकिन इस साल तेज गर्मी की वजह से लोग घरों के बाहर नहीं निकल रहे जिससे जुगाड की चरखी ठेले पर लोग गली-मौहल्लों के चक्कर काट कर घूम-घूम कर बेचते दिख जाएंगे।

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