इंटरनेट से सीखा बम बनाना, ISIS से संबंध के सबूत UP Police को नहीं मिले

भोपाल/लखनऊ,उप्र की पुलिस का कहना है कि सैफुल्लाह और अन्य संदिग्ध आतंकियों के तार इस्लामिक स्टेट से सीधे तार पर जुड़े होने के उसे सबूत नहीं मिले हैं। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर दलजीत चौधरी ने बुधवार को कहा है कि यह लोग इंटरनेट, सोशल मीडिया और वेबसाइट के जरिए आईएस से प्रभावित हुए थे और खुरासान ग्रुप बनाकर खुद ही अपनी पहचान बनाना चाहते थे।
इससे पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि बम ब्लास्ट की तस्वीरें आतंकियों ने सीरिया भेजी हैं। इस पर चौधरी का कहना था कि हो सकता है कि मध्य प्रदेश पुलिस के पास ऐसी कोई जानकारी हो, लेकिन हमें ऐसा कोई तथ्य नहीं मिला है।
राजधानी आकर जाबड़ी रेल दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही एनआईए की टीम
मालवांचल के कुछ स्थानों पर आरोपियों का पनाह देने वालों की तफतीश कर रही है।इधर, पिपरिया में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को पुलिस ने बुधवार को भोपाल की अदालत में पेश किया,जहां से उन्हें 23 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इधर,आरोपियों ने स्वयं जिरह के लिए सरकारी वकील लेने से इंकार दिया है.
इधर,मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले पर विधानसभा में अपने वक्तव्य में कहा कि भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में कल हुआ धमाका आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया की विचारधारा से प्रभावित आतंकवादियों द्वारा किया गया एक सुनियोजित षडयंत्र है.
उन्होंने पैसेंजर ट्रेन के जनरल कोच में प्रदेश के शाजापुर जिले के जाबड़ी रेलवे स्टेशन के पास कल सुबह आईईडी द्वारा धमाका किया गया।
उन्होंने कहा कि इस घटना के उपरांत त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रदेश की पुलिस, एटीएस और केन्द्रीय एजेंसियों द्वारा समन्वय करते हुए पांच घंटे में ही संदिग्धों को पकड़ा जा सका। यह प्रदेश पुलिस की एक बहुत बडी सफलता है. चौहान ने बताया कि इस मामले में अग्यात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और तीन संदिग्धों को वाहन चेकिंग के दौरान पकड़ा गया है और उनकी सहभागिता निश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और इलाके में नाकाबंदी के निर्देश दिये गये हैं। चौहान ने इसके लिए प्रदेश पुलिस, एटीएस एवं केन्द्रीय एजेंसियों को बहुत-बहुत बधाई दी। उन्होंने कहा कि ट्रेन धमाके में गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रपये एवं सामान्य रूप से घायलों को 25-25 हजार रपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
क्या है खुरासान मॉड्यूल
एक अधिकारी के मुताबिक इस आतंकी समूह के पकड़े गए सदस्यों से रातभर चली पूछताछ में उनके मंसूबों की जानकारी मिली है। ट्रेन ब्लास्ट के मास्टर माइंड की पहचान आतिफ मुजफ्फर (अल-कासिम) के रूप में हुई है। अलीगढ़ का इंजिनियरिंग स्टूडेंट आतिफ भारत में खुरासान मॉड्यूल का स्वघोषित एमिर (अरब शासक, सेनापति या मुखिया) है।आईएस की शाखा के तौर पर अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा के पास अस्तित्व में आया खुरासान मॉड्यूल अब दूसरे देशों में अपने पैर पसार रहा है. यहां लड़ाकों की भर्ती की जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा जगहों पर आतंकी हमले किए जा सकें।

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