..और बारात को लौटना पड़ा

सीहोर,पिछली रात उस समय हैरान रह गए जब बारात को बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ गया, ढोल नगाड़ों की गूंज तब रूक गई जब पुलिस के साथ जिला सशिक्तकरण की टीम ने शादी वाले स्थान पर पहुंच कर कागजात देखने को मांगे। तब वधू की उम्र 6 माह कम पाई गई।
समझाइश देते हुए 6 माह का इंतजार कर शादी करने की सलाह दी गई।
महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्रीमती रंजीता पटेल अभियान चलाकर बाल विवाह रोकने के प्रयास कर रही हैं, फिर भी कुछ लोग कुप्रथा को छोडऩा नहीं चाहते।
पिछले दिनों 28 फरवरी को एक बालिका के बाल विवाह की सूचना पर जिला महिला सशक्तिकरण की टीम तत्काल कार्यवाही करने हेतु विवाह स्थल पर पहुंची. टीम द्वारा बालिका के माता पिता से बालिका की आयु के संबंध मे दस्तावेज मांगे गए परिजनों द्वारा बालिका की आयु के प्रमाण हेतु जो दस्तावेज दिखाए गए उनके आधार पर बालिका की आयु 17 वर्ष 6 माह पाई गई जो कि नाबालिग है बालिका के पिता जो की शासकीय सेवा में शिक्षक के पद पर कार्यरत है ने बताया की बालिका का विवाह अकलेख पिता हक्कीलाल निवासी ग्राम आलमखेड़ा जिला रायसेन से तय किया गया था आज बारात आना थी. इस पर माता पिता को समझाईश दी गई की बालिका का विवाह नही करें 18 वर्ष से कम उम्र मे विवाह बाल विवाह अपराध की श्र्रेणी मे आता है। यदि आप बाल विवाह करते है तो कानूनी कार्यवाही की जाएगी जिसमें 2 वर्ष की सजा एवं 1 लाख रूपए का जुर्माना होता है जिस पर परिवार के लोगो ने बाल विवाह नहीं करने हेतु सहमति व्यक्त एवं बालिका का विवाह रोक दिया तथा बारात जो कि प्रस्थान कर चुकी थी उसे रास्ते से ही वापस कर दिया।

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