ध्रुव चला रहा था ISI का नेटवर्क

भोपाल, मध्यप्रदेश से ISI के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए खुफिया एजेंसिंयों ने रविवार को भी छानबीन जारी रखी एटीएस ने ध्रुव सक्सेना के लाजपत राय कॉलोनी के प्लाट नंबर 3 के कारोबारी स्थान पर अपनी दबिश देकर तफ्तीश को आगे बढ़ाया. कई संदिगध लोगों के ठिकानों पर दबिश और छानबीन कर संदिग्धों को हिरासत में लिया गया.पुलिस को जाँच में यह भी पता चला है की ध्रुव का भाई मयंक भी उसे कॉल सेंटर के संचालन में मदद करता था. लाजपत राय कॉलोनी के प्लाट नंबर 3 पर एक्सचेंज बना था.
आईएसआई के जो जासूस पकड़े गए हैं,उनके आपस में संबंध भी खंगाले जा रहे हैं.जब टीम रविवार को ध्रुव के कार्यालय पहुंची तो वहां ताला था,जिसे तोडक़र छानबीन की. वहां से कुछ अहम दस्तावेज मिले हैं.जिनसे संबंधित और जानकारी जुटाई जा रही है. सूत्रों ने कहा कि रविवार को जहां भी दबिश दी गई है,वे सभी ठिकाने ध्रुव सक्सेना से संबंधित हैं. उधर,एटीएस रविवार को 5 युवकों को कोर्ट में पेश किया. वहीं बलराम के बारे में भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई गई हैं.उसने ग्वालियर के सुनील गौड़ के जरिए धुव से मुलाकात की थी. ATS अब गौड़ की भी तलाश कर रही है.जो मामला खुलने के बाद से ही फरार बताया जा रहा है.गौरतलब है बलराम के 110 खातों में पाकिस्तान, दुबई, बांग्लादेश के रास्ते पैसे आए. यह सभी खाते अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग नामों से हैं. एक टीम सतना में लगातार उससे पूछताछ कर रही है.सूत्रों ने कहा कि पकड़े गए सभी लोगों से आमने-साने बैठाकर बात कराई जाएगी.
उधर,एटीएस ने गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों कुश पंडित निवासी डी-1 चेतक पुरी झांसी रोड ग्वालियर, जितेंद्र ठाकुर निवासी एन 8 चेतक पुरी झांसी रोड ग्वालियर, रितेश खुल्लर झांसी नाका ग्वालियर, जितेंद्र सिंह यादव निवासी ग्वालियर और त्रिलोक भदौरिया निवासी शिव कॉलोनी ग्वालियर को न्यायिक मजिस्ट्रेट शालू सिरोही ने 27 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया हैं.
इधर,पता चला है कि पूछताछ में बलराम ने कई लोगों के नाम बताए हैं.यह भी सामने आया है कि जिन खातों में पैसा आया है. सूत्रों ने कहा कि उसे दुबई में अजहर नाम के व्यक्ति ने आईएसआई में एंट्री कराई थी. उसे टेलीफोन एक्सचेंज का संचालन सिखाया गया. उधर,एटीएस को पता चला है कि पाकिस्तानी जासूस आयशा ध्रुव के साथ पिछले तीन वर्षों से लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी.

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