कट्टरता से चिंतित हैं सरसंघचालक

होशंगाबाद,तीन दिनों से मध्यप्रदेश के प्रवास पर चल रहे आरएसएस के सरसंघचालक मोहन राव भागवत ने दुनिया में तेजी से बढ़ रही कट्टरता पर अपनी चिंता जताई है.वह मध्यप्रदेश के होशंगाबाद के बनखेड़ी के पास गोविंदनगर में भाऊसाहब भुस्कुटे ट्रस्ट के रजत जयंती समारोह में शिरकत करते हुए बोल रहे थे.
उन्होंने कहा कि अगर आईएसआईएस जैसे संगठनों को रोकने की पहल होती है तो इसे कट्टरता का बढऩा कहा जाता है.उन्होंने कहा दुनिया में खून खराबा बढता जा़ रहा है और किसी के पास कोई इलाज नहीं है.
तीन समस्याएं बताई
भागवत ने समस्याओं पर कहा कि दुनिया के सामने पहली समस्या कट्टरता, दूसरी बिगड़ता पर्यावरण और तीसरी समस्या विज्ञान की बेलगाम प्रगति है. जिनके समाधान के लिए दुनिया भारत की ओर देख रही है. वह होशंगाबाद जिले में ग्रामीणों के बीच रहे.
बिना किसी धर्म या जाति का नाम लिए भागवत ने कहा, भारत का स्वभाव कट्टरता का नहीं है. हमारे संतों ने मिलजुल कर रहने को कहा है. संत चाहे किसी भी धर्म के हों उनके संदेश यही हैं. भुस्कुटे ट्रस्ट किसानी से जुड़ा है. ट्रस्ट की अपनी एक बड़ी गौशाला है. ट्रस्ट स्थानीय लोगों की मदद करता है. भागवत ने स्थानीय किसानों से भी बात की. उन्होंने उनसे भारतीय परंपरा से जैविक खेती करने को कहा. संघ प्रमुख के मुताबिक जब तक परंपरागत तरीके से खेती कर रहे थे, तब तक न तो बीमारियां बढ़ीं थी और न ही जमीन खराब हुई थी. उन्होंने अत्यधिक रसायनिक खाद का प्रयोग करने वाले पंजाब का भी उदाहरण दिया.

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