ऐलियन्स से संपर्क के लिए शुरू होगा प्रॉजेक्ट मेटी, खत्म हो सकती है मानवता

वॉशिंगटन. ऐलियन्स से जुड़ी कई कहानियां हम पढ़ते-सुनते रहते हैं. धरती पर रहने वालों की ऐलियन्स के साथ मुलाकात की कल्पनाओं पर कई फिल्में भी बन चुकी हैं. कई बार कुछ लोग ऐलियन्स के विमानों को देखने का दावा भी करते हैं. इसे लेकर कई तरह की अफवाहें हैं. इन सब किस्सों-कहानियों और कल्पनाओं से हटकर विज्ञान की बात करें, तो वैज्ञानिकों का भी मानना है कि इतने बड़े और अथाह ब्रह्मांड में केवल धरती पर ही जीवन है, यह सोचना बचकाना और अव्यावहारिक है. वैज्ञानिकों को भी लगता है कि ब्रह्मांड में कई ऐसे ग्रह हो सकते हैं जहां जीवन मौजूद हो. ऐलियन्स शब्द का मतलब भी ऐसे ही जीवों से है, जो कि पृथ्वी के नहीं हैं. ऐलियन्स को खोजने और उनके साथ संपर्क करने की पहले भी कई कोशिशें की जा चुकी हैं. इस सिलसिले में अब एक नया प्रयास किया जा रहा है और इस प्रॉजेक्ट को मेटी नाम दिया गया है. इसके द्वारा ऐलियन्स तक धरतीवासियों का संदेश पहुंचाने और उनसे संपर्क करने की कोशिश की जाएगी.
क्या है मेटी?
ऐलियन्स के साथ संपर्क करने के इस महत्वाकांक्षी अभियान को मेटी नाम दिया गया है. यह मानव की ओर से भेजे गए संदेश को पृथ्वी के वायुमंडल के बाहर दूर ब्रह्मांड तक भेजने की कोशिश करेगा. इसकी भाषा और प्रारूप ऐसा चुना जाएगा जिसे ऐलियन्स समझ सकें, डीकोड कर सकें. साल 2018 से ब्रह्मांड में संदेश भेजने की यह कोशिश शुरू कर दी जाएगी. इस अभियान का मकसद इंसानों का संपर्क ऐलियन्स के साथ कायम करना है. अभियान का लक्ष्य है कि ऐलियन्स धरती को खोज लें, इसका इंतजार करने से बेहतर है कि हम उन्हें खोजने और उनतक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश करें.
कई वैज्ञानिक इस अभियान का विरोध कर रहे हैं. स्टिवन हॉकिन्ज ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा किया गया, तो इंसानों का अस्तित्व खत्म हो सकता है. हॉकिन्ज ने कहा है कि इस तरह ऐलियन्स के पास संदेश भेजना इंसानों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि अगर ऐलियन्स के पास इस तरह संदेश भेजकर उन्हें मानवों के अस्तित्व की जानकारी दी गई, तो इसका परिणाम धरती और इंसानों का खात्मा भी हो सकता है. हॉकिन्ज ने कहा कि ऐलियन के साथ संपर्क करने और उन्हें इंसानों की मौजूदगी की भनक देने से बचना चाहिए. हॉकिन्ज का कहना है कि हम ऐलियन्स की जिन सभ्यताओं के साथ संपर्क की कोशिश करेंगे, उनके इंसानों की तुलना में कई गुणा अधिक विकसित होने की संभावना है. ऐसे में वे इंसानों को जीवाणुओं से अधिक विकसित नहीं समझेंगे. ऐसे में शायद वे हमें खत्म भी कर डालें.
क्या कहा स्टिवन हॉकिन्ज ने?
प्रसिद्ध वैज्ञानिक स्टिवन हॉकिन्ज ने मेटी जैसे अभियानों के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा, ऐलियन्स को संदेश देकर इंसानों के होने की भनक देना और फिर उनसे हमारी मुलाकात कुछ इस तरह होगी जैसे कि कोलंबस के अमेरिका पर पहुंचने के बाद वहां के मूल वाशिंदों के साथ कोलंबस की मुलाकात थी. ऐलियन्स के लिए हम ऐसे ही होंगे. कोलंबस के मामले में भी अमेरिका के मूल निवासियों के लिए चीजें अच्छी साबित नहीं हुई थीं. बाहर की दुनिया द्वारा उन्हें खोज लिया जाना उनके लिए बुरा साबित हुआ था.

मेटी कैसे भेजेगा ऐलियन्स को संदेश?
ऐलियन्स के साथ संपर्क करना चाहिए या नहीं, इसे लेकर कोई नियम-कानून नहीं है. ऐसे में मेटी अभियान के द्वारा ऐलियन्स को किसी भी तरह का संदेश भेजा सकता है, फिर चाहे भले ही कितने भी लोगों को इससे आपत्ति क्यों ना हो. इस संबंध में किसी भी तरह के नियम के अभाव के कारण, मेटी के द्वारा जो भी चाहे वह संदेश ऐलियन्स तक पहुंचाने की कोशिश की जा सकती है. मेटी अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि इसका इस्तेमाल ऐलियन्स के साथ सूचनाएं साझा करना और उनसे सीखने की कोशिश करना है. मेटी की टीम यह कोशिश करेगी कि वे जो संदेश भेजें, वह ऐलियन्स की समझ में आए. शुरुआती संदेश तैयार करने में बुनियादी गणित और वैज्ञानिक अवधारणाों का इस्तेमाल किया जा सकता है.
मेटी की फंडिंग
मेटी की टीम को उम्मीद है कि काम शुरू करने के लिए वह करीब 68 करोड़ रुपये का शुरुआती फंड जमा कर लेगी. इस रकम का कुछ हिस्सा एक बेहद ताकतवर ट्रांसमिटर बनाने में किया जाएगा. यह ट्रांसमिटर इतना ताकतवर होना चाहिए कि ब्रह्मांड में मानव के संदेश को ऐलियन्स के पास पहुंचा सके.
पहले भी हो चुकी हैं ऐलियन्स के साथ संपर्क करने की कोशिशें
इससे पहले भी वैज्ञानिक ब्रह्मांड में संदेश भेजकर ऐलियन्स के साथ संपर्क की कोशिशें कर चुके हैं. नासा का पायनियर 10 और 11 एयरक्राफ्ट भी शामिल हैं. इन दोनों एयरक्राफ्ट्स में ऐलियन्स के लिए रेडियो संदेश और रेकॉड्र्स भेजे गए हैं. ये अब भी ब्रह्मांड में ही हैं. अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि इंसानों के भेजे इन संदेशों को ऐलियन्स ने सुना या फिर उन्हें मिला या नहीं. ऐसा माना जाता है कि शायद ऐलियन्स की ओर से भी इंसानों के पास ऐसे संदेश भेजे गए हों, लेकिन ज्यादातर वैज्ञानिकों का मानना है कि अब तक हमें ऐलियन्स की ओर से भेजे गए संदेशों को सुनने या उनतक अपनी बात पहुंचा पाने में कोई कामयाबी नहीं मिल पाई है.

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