मप्र विधानसभा का मानसून सत्र अगस्त में होगा

 

भोपाल, मप्र विधानसभा मानसून सत्र अगस्त में होगा। तारीखें तय करने के लिए मुख्यमंत्री का प्रस्ताव भेजा गया है। सत्र में अनुपूरक बजट पेश होगा। कोरोना संकट की वजह से प्रदेश की आमदनी पर पड़े प्रभाव को देखते हुए वित्तीय वर्ष 2021-22 के पहले अनुपूरक अनुमान (बजट) में किसी भी विभाग के नए प्रस्ताव शामिल नहीं किए जाएंगे। 25 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान वित्त विभाग की अनुमति लेने के बाद ही होगा। ऑक्सीजन, इंजेक्शन सहित अन्य खर्च के लिए स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग को अतिरिक्त राशि दी जाएगी। वहीं, अन्य विभागों को भी कोरोना संक्रमण की रोकथाम में खर्च हुई राशि तय बजट से अतिरिक्त दी जाएगी। तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के इन दोनों विभाग का बजट भी बढ़ाया जाएगा।
वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अप्रैल और मई में कोरोना कफ्र्यू की वजह से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित रही हैं। इसके कारण करीब साढ़े पांच हजार करोड़ रुपये राजस्व कम प्राप्त हुआ है। वहीं, खर्च बढ़ा है। इसके मद्देनजर निर्माण विभाग के बजट में कटौती की गई तो अन्य जगहों से भी राशि का इंतजाम किया गया है। अब अनुपूरक बजट में विभागों के लिए जरूरी वित्तीय प्रविधान किए जाएंगे। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए करीब छह सौ करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। यह राशि विभाग ने ऑक्सीजन क्रय करने, इंजेक्शन खरीदने सहित अन्य व्यवस्थाओं में व्यय की है। इसके लिए बजट प्रविधान नहीं था लेकिन आकस्मिक स्थिति को देखते हुए वित्त विभाग ने अन्य मदों से राशि उपलब्ध कराई थी। वित्तीय स्थिति को देखते हुए तय किया गया है कि ऐसे किसी भी प्रस्ताव को अनुपूरक बजट में शामिल नहीं किया जाएगा, जिसके लिए राज्य के वित्तीय संसाधनों से राशि की व्यवस्था करनी होगी। केंद्र सरकार की यदि कोई योजना होगी तो उसके लिए जरूर राशि का प्रविधान किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *