जबलपुर, नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में जबलपुर की एसआईटी से पहले ही गुजरात की सूरत पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर ले लिया है। ऐसे में एसआईटी को अभी कुछ और दिन इंतजार करने पड़ेंगे। इधर, एसआईटी जबलपुर में गिरफ्तार और रिमांड के दौरान की गई पूछताछ और बयानों का मिलान करने में जुटी है। सूत्रों की माने तो इस मामले के मास्टरमाइंड सिटी अस्पताल के संचालक सरबजीत मोखा, उसकी मैनेजर सोनिया, दवा कर्मी देवेश और गुजरात पुलिस की गिरफ्त में आए सपन के बयानों में कई विरोधाभास है।
एसआईटी के मुताबिक सरबजीत मोखा और उसकी मैनेजर सोनिया खत्री के बयान को लेकर कहा जा रहा है कि दोनों ने एक जैसे बयान दिए। उनके बयानों की स्क्रिप्ट एक जैसी रही। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि गिरफ्तारी के पहले ही दोनों को क्या बोलना है, ये तय कर लिया था। मोखा ने नकली इंजेक्शन मंगाने और लगाने के बाद उसे नष्ट करने की बात स्वीकार कर ली है, लेकिन वह बयान में यही दोहराता रहा कि जब उसने सपन से मंगवाया था, तब उसे नकली होने की बात मालूम नहीं था।
बयानों में यहां आया विरोधाभाष
सिटी अस्पताल से मिले दस्तावेजों में किए गए हेरफेर को लेकर मैनेजर सोनिया खत्री और डायरेक्टर सरबजीत सिंह मोखा के बयानों में विरोधाभास नजर आया है। इसके अलावा मोखा की पत्नी जसमीत का अस्पताल में दखल देने की बात भी सामने आई है। अस्पताल की सारी गतिविधियों की जानकारी जसमीत के पास होती थी। वहीं इंदौर में रीवा के सुनील, अधारताल के दवा संचालक सपन जैन के बयान भी एसआईटी ने लिए हैं। देवा कर्मी देवेश से भी पूछताछ हो चुकी है। सभी के बयान में कई तरह के विरोधाभाष भी सामने आया है। इसे बिंदुवार सूची बनाकर एसआईटी आरोपियों को आपस में घेरेगी।
रैपर मिटाना, मोबाइल तोड़ना और मोबाइल गायब करना बड़ी साजिश का संकेत
आरोपियों ने गुजरात में नकली इंजेक्शन मामले का भंडाफोड़ होके बाद जिस तरह नकली इंजेक्शन को लेकर सबूत मिटाने की पूरी कवायद की, वो किसी गहरे साजिश का हिस्सा लग रहा है। नकली इंजेक्शन को गरम पानी में डालकर रैपर को मिटाने से लेकर इंजेक्शनों को नष्ट करना, हरकरण का फरारी के दौरान अपने मोबाइल फोन तोड़ना, मोखा का मोबाइल गायब होना, कुछ और ही संकेत दे रहा है। मोखा यह बात अच्छी तरह से जानता था कि यदि मोबाइल एसआईटी के हाथ लगा तो उसके कई राज सामने आ जाएंगे।
इनका कहना है
गुजरात पुलिस की गिरफ्त में आए सपन जैन, सुनील मिश्रा, कौशल वोरा, पुनीत शाह की रिमांड पाने में एसआईटी को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। एसआईटी की टीम रविवार को गुजरात जाने वाली थी। प्रोडक्शन वारंट २९ मई को ही गुजरात जेल को तामील करा दी गई थी। पर ऐन वक्त पता चला कि सूरत पुलिस ने आरोपियों को तीन दिन की रिमांड पर ले लिया है। अब उनके जेल जाने के बाद ही यहां की एसआईटी गुजरात जाएगी।