मप्र में कोरोना के 17 दिन में दो गुने हो गए एक्टिव केस, इंदौर और छिंदवाड़ा में 1-1 मरीज की मौत

भोपाल, मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण एक फिर तेजी से फैलना शुरू हो गया है। पिछले 24 घंटे में 603 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं। दो माह पहले यानी 10 जनवरी को 620 केस मिले थे। इसके बाद कोरोना की रफ्तार लगातार धीमी हो रही थी। लेकिन मार्च माह में मरीजों की संख्या बढऩे लगी है। प्रदेश में सबसे ज्यादा केस इंदौर और भोपाल में मिल रहे हैं। 2021 में सबसे ज्यादा केस एक दिन में 11 मार्च को इंदौर में 219 व भोपाल में 138 केस मिले। 31 दिसंबर को इंदौर में 219 व भोपाल में 147 लोग पॉजिटिव आए थे। हालांकि 10 जनवरी को भोपाल में 169 केस मिले थे।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पॉजिवटी रेट भी 4 प्रतिशत हो गया है, जो अच्छे संकेत नहीं है। 11 मार्च को 14,378 टेस्ट हुए, जिसमें से 603 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इस दौरान इंदौर और छिंदवाड़ा में एक-एक मरीज की मौत भी हुई है। कोरोना के आंकड़े देखें तो एक्टिव केस भी लगातार बढ़ रहे हैं। इनकी संख्या मात्र 17 दिन में दो गुना हो गई है। मध्य प्रदेश में 23 फरवरी को एक्टिव केस 2151 थे, जो 11 मार्च को बढ़ कर 4335 हो गए हैं। इंदौर में सबसे ज्यादा 2906 एक्टिव केस हैं। इसके बाद भोपाल में यह संख्या 1990 है।
विधानसभा में सतर्कता
कोरोना केस बढऩे के चलते विधानसभा ने फैसला लिया है कि बजट सत्र के दौरान अब सभी दीर्घाओं में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है। इसके साथ ही विधायकों को अब उनको अपने साथ एक व्यक्ति को ही विधानसभा में लाने की अनुमति होगी। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि सभी विधायक कोरोना का टैस्ट कराएं। बता दें कि कांग्रेस विधायक विजयलक्ष्मी साधौ और निलय डागा कोरोना संक्रमित हो गए है। बजट सत्र की बैठकें 15 मार्च से फिर शुरू हो रही है।
महाराष्ट्र में केस बढऩे से एमपी में खतरा
महाराष्ट्र में कोरोना के केस तेजी से बढ़ हैं। यही वजह है कि महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर में 15 से 31 मार्च तक लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया है। महाराष्ट्र की स्थिति को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने यहां से आने वालों की कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की है। महाराष्ट्र की सीमा से लगे जिलों में ज्यादा सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *