जबलपुर, तीन साल के बाद हुये मध्य प्रदेश युवक कांग्रेस के चुनाव विवादों में हैं। युवक कांग्रेस के जो प्रदेश पदाधिकारी चुने गये हैं उनमें जबलपुर के हर्षित सिंघई का नाम भी बतौर प्रदेश महासचिव शामिल है। हर्षित सिंघई वहीं युवक कांग्रेस कार्यकर्ता है जिसने ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के समय ही पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। सिंघई एक न्यूज चैनल पर यह बयान देते नजर आये कि वे पहले एनएसयूआई के नगर अध्यक्ष और बाद में युकां के विधानसभा महासचिव भी रहे। वे चैनल पर यह भी कहते नजर आये हैं कि उन्होंने कांग्रेस छोड़ने की जानकारी, नगर अध्यक्ष से लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तक को दे दी थी। वे यह कहते नजर आये हैं कि तीन साल पहले उन्होंने युवक कांग्रेस के लिये सदस्यता अभियान भी चलाया था। जिस कार्यकर्ता ने पहले ही पार्टी छोड़ दी है उसका नाम सदस्यता से न हटाना और उसके चुनाव कार्यक्रम में शामिल हुये बगैर ही उसे महासचिव बनाना यह साबित करता है कि कांग्रेस के पास वास्तव में कार्यकर्ताओं की कमी है। युवक कांग्रेस के चुनाव में पूरे प्रदेश में फर्जीवाड़े की आवाजें उठ रही हैं।
मप्र युवा कांग्रेस के चुनाव में हुआ गड़बड़झाला, पार्टी छोड़ चुके युवक को बना दिया महासचिव