भोपाल,निलंबित पूर्व स्पेशल डीजी पुरूषोत्तम शर्मा ने आईपीएस एसोसिएशन को पत्र लिखकर कहा था कि कई आईएएस व आईपीएस अधिकारियों का
आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। शर्मा के पत्र को गंभीरता से लेते हुए आईपीएस एसोसिएशन ने आपािजनक वीडियो के संबंध में उनसे तथ्य मांगे है। शर्मा के पत्र की प्रशासनिक हल्कों में काफी चर्चा थी। उल्लेखनीय है कि शर्मा ने पत्र की कापी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा, मुख्यसचिव इकबाल सिंह बैंस और डीजीपी विवेक जौहरी को भी भेजी थी। उधर राज्य सरकार ने पिछले एक वर्ष में संचालनालय लोक अभियोजन द्वारा सरकार की अनुमति के बिना विभिन्न जिलों और मुख्यालय मे सबद्ध किए गए अधिकारियों और कर्मचारियों के
आदेश निरस्त कर दिए है। बताया जाता है कि संचालक लोक अभियोजन के पद पर रहते हुए पुरूषोत्तम शर्मा ने कई अधिकारियों व कर्मचारियों को उनके अनुरोध पर विभिन्न जिलों और मुख्यालय में सबद्ध किया था। राज्य सरकार ने संचालक लोक अभियोजन विजय यादव को पत्र भेजकर आठ अक्टूबर तक शासन की अनुमति के बिना सबद्ध किए गए अधिकारियों व कर्मचारियों को मूल इकाई में भेजने के निर्देश दिए हैं। ज्ञातव्य है कि शर्मा ने आईपीएस एसोसिएशन को लिखे पत्र में कहा है कि उनका निलंबन गलत है और उनके ािलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई। उन्होने कहा कि यह मामला घरेलू हिंसा या महिला प्रताडऩा नहीं बल्कि पुरूष प्रताडऩा का मामला है। शर्मा ने मुयमंत्री और गृह मंत्री से अनुरोध किया है कि उन्हें बहाल किया जाए। साथ ही अपना पक्ष प्रस्तुत करने का
भी मौका दिया जाए। आईपीएस एसोसिएशन को लिखे पत्र में शर्मा ने उनके पक्ष में ाड़ा होने की बात कही है। बताया जाता है कि अपने निलंबन को लेकर कैट में भी अपील करेंगे।
अब आईपीएस एसोसिएशन ने शर्मा से उनके आपत्तिजनक वीडियो के बारे में पड़ताल कर मांगे तथ्य