हाथरस, उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में दलित समुदाय की एक लड़की के सामूहिक दुष्कर्म और हत्या केस में जमकर सियासी हंगामा जारी है। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी। लेकिन पीड़ित परिवार सीबीआई जांच की सिफारिश से संतुष्ट नजर नहीं आया। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने सीबीआई जांच की मांग नहीं की थी। उनकी मांग है कि पूरे प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज से करवाई जाए। हालांकि परिवार ने यह विश्वास जताया कि उन्हें योगी सरकार पर पूरा भरोसा है। पीड़िता के भाई ने कहा कि हमने सीबीआई जांच की मांग नहीं की थी क्योंकि मामले में पहले से ही एसआईटी की जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज से होनी चाहिए। पीड़िता के भाई ने कहा कि परिवार किसी भी चीज से संतुष्ट नहीं है। बहन की अस्थियां तब तक विसर्जित नहीं की जाएगी जब तक कि आरोपियों को फांसी नहीं हो जाती। इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद राज्य सरकार ने हाथरस मामले की जांच के लिए सीबीआई की सिफारिश कर दी। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि हाथरस की दुर्भाग्यपूर्ण घटना और उससे जुड़े सभी बिंदुओं की गहन पड़ताल के उद्देश्य से सरकार इस प्रकरण की विवेचना केंद्रीय जांच ब्यूरो से कराने की संस्तुति कर रही है। इस घटना के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को कठोरतम सजा दिलाने के लिए हम संकल्पबद्ध हैं।
हाथरस केस में सीबीआई नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी जांच चाहता है पीड़ित परिवार