पीएचई के रिटायर्ड इंजीनियर 400 करोड़ की संपत्ति के मामले में फरार हुए तो कोर्ट ने बेटे को भेजा जेल

जबलपुर, 400 करोड़ के अनुपातहीन संपत्ति के मालिक लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सेवानिवृत्त इंजीनियर सुरेश उपाध्याय और उनके बेटे सचिन उपाध्याय के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने जांच पूरी कर ली है। जांच के बाद इस मामले में सुरेश उपाध्याय के बेटे सचिन उपाध्याय को जेल भेज दिया गया है। इस बहुचर्चित मामले में ईओडब्ल्यू ने अपनी चार्जशीट अदालत में पेश कर दी है।
जबलपुर में ईओडब्ल्यू की विशेष अदालत ने आरोपी इंजीनियर सुरेश उपाध्याय और उनके बेटे सचिन उपाध्याय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। बुधवार को जब ईओडब्ल्यू की टीम ने मामले की चार्जशीट पेश की तो आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुए, लेकिन उनके बेटे सचिन उपाध्याय ने अदालत में पेश होकर अपनी जमानत की अर्जी दाखिल की थी। अदालत ने सचिन उपाध्याय की जमानत अर्जी खारिज करते हुए उन्हें 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं सुरेश उपाध्याय की तलाश में ईओ डब्ल्यू द्वारा लगातार छापेमारी कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि सुरेश उपाध्याय की पत्नी और सचिन की मां अनुराधा उपाध्याय भाजपा की नेत्री हैं और कजरवारा की पार्षद भी रह चुकी है। सुरेश उपाध्याय पीएचई विभाग के इंजीनियर पद पर रहते हुए सेवानिवृत्त हुए थे। 25 जून को 2019 को जबलपुर के ईओडब्ल्यू ने शिकायतों के बाद उपाध्याय के घर और दफ्तरों में छापामार कार्रवाई की थी जिसमें चार सौ करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का पता चला था। छापामार कार्रवाई के बाद घर से कई किलो सोना, ढाई करोड़ नगद, कई मकान, प्लॉट, गाडिय़ां और 300 एकड़ से ज्यादा जमीन के दस्तावेज बरामद हुए थे। इस मामले में सुरेश उपाध्याय और उनके बेटे सचिन उपाध्याय को आरोपी बनाया था।

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