नई दिल्ली,कोरोना संक्रमण से पीड़ित 92 हजार 610 नए संक्रमित मरीज मिलने के साथ ही देश में कोरोना पीड़ितों की संख्या 53 लाख 5 हजार 297 हो गई है। अमेरिका में 66 लाख से अधिक कोरोना संक्रमित हैं और 39 लाख से अधिक एक्टिव मामले हैं। भारत में एक्टिव मरीजों की संख्या 10 लाख 10 हजार 390 है। रिकवरी दर भारत में अमेरिका की अपेक्षा ठीक है, लेकिन संक्रमण अमेरिका के मुकाबले तेजी से फैल रहा है। यही रफ्तार रही तो इस माह के अंत तक भारत अमेरिका से आगे हो सकता है। भारत में अब प्रतिदिन जितनी मौतें हो रही हैं उतनी अमेरिका और ब्राजील में संयुक्त रूप से हो रही हैं। भारत में पिछले कई दिनों से प्रतिदिन 1000 से अधिक कोरोना मरीजों की मौत हो रही है। शुक्रवार को भी 1180 मरीजों की मौत होने के साथ मृतकों की संख्या बढ़कर 85,584 हो गई। भारत में अब तक 41 लाख 80 हजार 844 मरीजों को कोरोना से मुक्ति मिल चुकी है। इस प्रकार भारत में रिकवरी दर 77% से ऊपर हो गई है।
लेकिन महाराष्ट्र जैसे राज्यों के आंकड़े लगातार चिंता में डाल रहे हैं। महाराष्ट्र में शुक्रवार को 21,656 नए संक्रमित मिलने के साथ पीड़ितों की संख्या बढ़कर 11 लाख 67हजार 456 हो गई। रूस को पीछे छोड़ चुके महाराष्ट्र में मृतकों की संख्या 31,791 है। यहां पर सक्रिय मामले 3,00,887 हैं।
इस समय देश में दो राज्य ऐसे हैं जहां मरीजों की संख्या 5 लाख से ऊपर है। आंध्र प्रदेश जहां शुक्रवार को 8096 मरीज मिले हैं और तमिलनाडु जहां 5488 मरीज मिले हैं, इसमें शामिल हैं। कर्नाटक में चार लाख से ऊपर मरीज हैं। यहां शुक्रवार को 8626 नए संक्रमित मिले। उत्तरप्रदेश में तीन लाख से ऊपर मरीज मिल चुके हैं। यहां शुक्रवार को 6494 नए संक्रमित मरीज मिले। दिल्ली और पश्चिम बंगाल में अब तक दो लाख से ऊपर मरीज मिले हैं। दिल्ली में शुक्रवार को 4127 और पश्चिम बंगाल में 3192 नए संक्रमित मरीज मिले।
पूर्वोत्तर का छोटा सा राज्य ओडिशा संक्रमण के मामले में कई बड़े राज्यों से आगे है। यहां बड़ी संख्या में मरीज मिल रहे हैं। शुक्रवार को यहां 4180 नए मरीज मिले। इसके अलावा शुक्रवार को तेलंगाना में 2043, बिहार में 1147, असम में 2509, केरल में 4167, गुजरात में 1410, राजस्थान में 1817, हरियाणा में 2488, मध्यप्रदेश में 2552, पंजाब में 2774, झारखंड में 1778, जम्मू और कश्मीर में 1330, नए संक्रमित मरीज मिले। इस समय देश के 15 राज्य ऐसे हैं जो कोरोनावायरस संक्रमण के मामले में कोरोना के जनक चीन को पीछे छोड़ चुके हैं। अनेक राज्यों में चीन से अधिक पीड़ितों की मौत हो चुकी है। भारत सरकार का कहना है कि देश में कोरोना अनियंत्रित नहीं हुआ है। लेकिन अब देशवासियों की निगाह रूस द्वारा दिए जा रहे 10 करोड़ वैक्सीन के डोज पर है। सरकार की मंशा इस वैक्सीन का प्रयोग कोरोना से अधिक पीड़ित शहरों और अर्ध शहरी क्षेत्रों में करने की है। नवंबर के मध्य तक वैक्सीन भारत में उपलब्ध हो सकता है। लेकिन आम जनता के पास कब पहुंचेगा यह कहना मुश्किल है। सवाल यह भी है कि क्या 10 करोड़ लोगों पर इस वैक्सीन के प्रयोग का जोखिम सरकार उठाएगी।
देश में कोरोना के 10 लाख से अधिक सक्रिय केस, 53 लाख से अधिक लोग हुए अब तक संक्रमित