भोपाल, कोरोना संक्रमण के बीच सरकार राज्य में सभी तरह की गतिविधियां सामान्य करने पर विचार कर रही है। ऐसे में 1 जुलाई से प्रदेश में सब कुछ सामान्य हो सकता है। हर तरह की आर्थिक गतिविधियां संचालित हो सकती हैं। हालांकि स्कूल खोलने का फैलसा अभी नहीं होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा के दौरान अनलॉक कर हल तलाशने को कहा है। इसके बार सरकार इसकी तैयारी में जुट गई है।
पीएम की वीडियो कॉफ्रेंस में बताया कि मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण की गति पूरे देश की तुलना में आधी से भी कम है। मध्यप्रदेश की कोरोना संक्रमण ग्रोथ रेट 1.7 प्रतिशत है, वहीं भारत की 3.8 प्रतिशत है। मध्यप्रदेश की डबलिंग रेट 41.1 दिन है जबकि भारत की 19.4 दिन है।
अनलॉक के बाद कम हुई ग्रोथ रेट
मध्यप्रदेश में अनलॉक-01 के बाद कोरोना की वृद्धि दर में कमी आयी है। 30 मई को मध्यप्रदेश में कोरोना की वृद्धि दर 3.01 प्रतिशत थी जो 16 जून को घटकर 1.7 प्रतिशत रह गई। गत 12 मई को मध्यप्रदेश में कोरोना की वृद्धि दर 3.9 प्रतिशत थी। मध्यप्रदेश के अधिक संक्रमण वाले शहरों इंदौर, भोपाल तथा उज्जैन में कोरोना की ग्रोथ रेट में निरंतर कमी आ रही है। इंदौर की डबलिंग रेट 73.9 दिन, भोपाल की डबलिंग रेट 25 दिन तथा उज्जैन की 49.8 दिन रह गई है।
430 प्रवासी मजदूर संक्रमित
मध्यप्रदेश में 14 लाख 3 हजार प्रवासी श्रमिक लौटे, जिनमें सर्वाधिक बालाघाट में एक लाख तथा झाबुआ में 87 हजार श्रमिक लौटकर आए। इनमें से 12 लाख 3 हजार श्रमिकों को होम क्वारेंटाइन किया गया तथा 63 हजार 387 श्रमिकों को संस्थागत क्वारेंटाइन किया गया। इन श्रमिकों में 19 हजार 130 के सैम्पल लिए गए, जिनमें से 430 सैम्पल कोरोना पॉजीटिव पाए गए।
अनलॉक फेस-2 में 1 जुलाई से स्कूल छोड़कर सब कुछ होगा सामान्य