मैं RSS के स्वदेशी आंदोलन का समर्थक, गोविंदाचार्य को नीति आयोग में शामिल करो- दिग्विजय

भोपाल,कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को कहा कि वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वदेशी आंदोलन के समर्थक रहे हैं और स्वदेशी के लिए कार्य करने वाले केएन गोविंदाचार्य से उनकी काफी अच्छी मित्रता भी है। सिंह ने कहा- इस दिशा में गोविंदाचार्य ने काफी कार्य किया है, लेकिन वर्तमान समय में उन्हें ही अलग कर दिया गया है। वास्तव में लोकल को वोकल करना है तो देश की नीतियां निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नीति आयोग में गोविंदाचार्य को लाना चाहिए। लेकिन, केंद्र सरकार ऐसा नहीं करेगी। सिंह आज ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सवालों का जबाब दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस छोड़कर गए ज्योतिरादित्य सिंधिया को चेताया कि उनको भाजपा में मान सम्मान और जिम्मेदारी वैसी नहीं मिलेगी जैसा कांग्रेस में मिलती आई है। दिग्जिवय ने कहा कि सिंधिया उनके बेटे के समान हैं। उनके पार्टी छोडऩे से उनको दुख हुआ है मगर दुख इस बात पर ज्यादा हुआ कि वो उस पार्टी में शामिल हो गए जिस पार्टी के लोगों ने उनको चुनाव में हराया। शायद उनको पीएम मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल होने की जल्दबाजी थी।
दल-बदल कानून में बदलाव की जरूरत
इसके साथ दिग्विजय ने दल-बदल कानून में बदलाव की जरूरत बताते हुए कहा कि ऐसा करने वालों के चुनाव लडऩे पर ही प्रतिबंध लगना चाहिए। इस तरह के सख्त प्रावधानों के जरिए ही दल-बदल को रोका जा सकता है। इसी से संबंधित अन्य सवालों के जवाब में सिंह ने कहा कि राज्य में लगभग ढाई माह पहले कांग्रेस छोड़कर धोखा देते हुए भाजपा में जाने वालों सभी 24 तत्कालीन विधायकों को पार्टी आगामी विधानसभा उपचुनावों में हराने के लिए पूरा जोर लगाएगी।
कमलनाथ से बेहतर संबंध
सिंह ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस छोड़कर जाने की ही जरूरत नहीं थी, लेकिन ऐसा करके उन्होंने लोकतंत्र और विधानसभा चुनाव 2018 के जनादेश का अपमान किया। विधानसभा उपचुनाव में स्वयं की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी निर्णय देगी, वह करने के लिए तैयार हूं। एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि उनके और कमलनाथ के बीच बेहतर संबंध हैं और लगभग प्रत्येक हफ्ता-दस दिन में उनकी मुलाकात भी होती है। इस संबंध में भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन, सच्चाई यह है कि वे दोनों मित्र हैं और यह क्रम चार दशकों से चल रहा है। सिंह ने कहा कि वे कांग्रेस में रहते हुए पार्टी को ही धोखा देने वाले चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी की वापसी के पक्ष में नहीं हैं।
पड़ोसी देशों से रिश्ते बेहतर होने चाहिए
दिग्विजय ने कोरोना को लेकर देश के वर्तमान हालातों पर चिंता जताई। कहा- वास्तव में लॉकडाउन के संबंध में केंद्र सरकार को सभी मुख्यमंत्रियों से चर्चा करके निर्णय लेना चाहिए था। लॉकडाउन लागू करने के दौरान लोगों को मात्र चार घंटे का समय दिया गया, जो पर्याप्त नहीं था और सभी लोग परेशान हो गए। जबकि देश में कोरोना के मामले अब भी बढ़ रहे हैं। एक अन्य सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि वे विदेशी मामलों के विशेषज्ञ तो नहीं हैं, लेकिन विदेश नीति को लेकर कांग्रेस की नीति सदैव साफ रही है कि पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते बेहतर होने चाहिए। नेपाल भी हमारा पड़ोसी देश है। वर्तमान में पड़ोसी देशों के साथ हमारे रिश्ते कैसे हैं, यह सब जानते हैं।

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