इंदौर, शहरभर में 9 दिन से चल रही स्क्रीनिंग के तहत शहरी इलाके के लगभग हर घर को कवर कर लिया गया है। पहले दौर में 28,33,681 लोगों की स्क्रीनिंग पूरी हुई। हालांकि इसमें कुछ इलाकों की बहुमंजिला इमारतें या मल्टियां अभी बची हुई हैं, जहां लोगों ने सर्वे टीम को प्रवेश नहीं करने दिया। एक या दो दिन अब दूसरे दौर की स्क्रीनिंग शुरू होगी। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने को लिए इंदौर ने देश के अन्य जिलों और शहरों की तरह डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग की पद्धति अपनाई है। इसके तहत हॉट स्पॉट वाले कंटेनमेंट एरिया के साथ साथ उन इलाकों की भी स्क्रीनिंग की जा रही हैं, जहां पॉजिटिव केस नहीं मिले हैं।
1600 कर्मचारी मैदान में डटे
जिला प्रशासन और नगर निगम ने स्क्रीनिंग के लिए 1600 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं, निगमकर्मी, एनजीओ के सदस्य और शिक्षकों को मैदान में उतारा है। हर टीम एक-एक सेक्टर दिया गया। इसमें 207 कंटेनमेंट एरिया शामिल हैं। पूरे शहर की स्क्रीनिंग के दौरान 6013 हाई रिस्क श्रेणी में पाए गए हैं। जिनमें बुखार, सांस की तकलीफ और पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आए लोग शामिल हैं। यह सभी कोरोना संदिग्ध की श्रेणी माने जाएंगे। इनके नाम, पते दर्ज कर लिए गए हैं। डॉक्टर्स इनसे लगातार संपर्क में हैं। दूसरे दौर में भी इसी तरह लोगों की स्क्रीनिंग होगी। प्रशासन की मानना है कि जिनमें अभी तक कोरोनाके लक्षण अभी तक नहीं उभरे हैं, वे भी अगली स्क्रीनिंग दौर में सामने आ जाएंगे। इस तरह से हम उन कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करवा सकेंगे।
कंटेनमेंट क्षेत्रों में भी दोबारा स्क्रीनिंग
कुछ दिन पहले ही जिला प्रशासन ने शहर के कंटेनमेंट एरिया में दोबारा स्क्रीनिंग की शुरुआत कर दी थी। अब कुछ और कंटेनमेंट क्षेत्रों में भी दोबारा स्क्रीनिंग की टीम पहुंचने लगी है। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि पहले रानीपुरा, टाटपट्टी बाखल और खजराना क्षेत्रों में दूसरे दौर की स्क्रीनिंग शुरू की गई थी लेकिन एक-दो दिन में टीम अहिल्या पल्टन, खातीवाला टैंक, नयापुरा और जूना रिसाला समेत कुछ अन्य कंटेनमेंट एरिया में भी पहुंचने लगी हैं।
250 संदिग्धों के लिए सैंपल
रैपिड रिस्पांस टीम ने बढ़ाई सैंपलिंग की क्षमता-शहर में लगातार बढ़ रहे पॉजिटिव मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग कंटेनमेंट क्षेत्र में जांच के साथ ही सैंपलिंग की भी व्यवस्था कर रहा है। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में मरीजों के सामने आने और स्क्रीनिंग पूरी होने के बाद अब दूसरी जगह भी टीम ज्यादा मुस्तैदी से काम कर रही है। शहर के अन्य कंटेनमेंट जोन में सर्वे के बाद संदिग्ध मरीज मिलने पर उनकी जांच की जा रही है। इसमें यह देखा जा रहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण किसी में दिखाई दे तो उनकी तत्काल स्क्रीनिंग की जा सके। गुरुवार को स्क्रीनिंग के बाद ऐसे 250 लोगों के सैंपल जांच के लिए लिए गए हैं। ये सैंपल सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों सहित शहर के अन्य इलाकों से भी लिए गए हैं।
इंदौर के शहरी इलाके में कोरोना की स्क्रीनिंग पूरी, 28 लाख लोगों का हुआ टेस्ट, 6013 लोग हाई रिस्क पर