देश में कोरोना से अब तक 34,780 लोग संक्रमित और 1,151 लोगों की हुई मौत

नई दिल्ली, देश में कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 34,780 हो गई है। बीते 24 घंटों के दौरान 1,717 नए मरीज इस सूची में जुड़ गए। इस खतरनाक वायरस के चलते देश में अब तक 1,151 लोगों की मौत हो गई है। हालांकि 9,068 लोग ठीक होने में कामयाब रहे हैं। इस प्रकार देश में लगभग 26% मरीज ठीक हो चुके हैं। किंतु 24,558 लोगों को इलाज के लिए भर्ती किया गया है।
कोरोना वायरस का सर्वाधिक प्रकोप महाराष्ट्र में है। यहां पर 10,498 मामले अब तक सामने आ चुके हैं, जिसमें से 459 लोगों की मौत हो गई है और 1,773 मरीज ठीक होने में कामयाब रहे हैं। महाराष्ट्र में गुरूवार को 583 नए मरीज मिले थे। गुजरात में गुरूवार को 313 नए मरीज मिलने के साथ संक्रमित लोगों की संख्या 4,395 पहुंच गई है। यहां पर 613 लोग ठीक होने में कामयाब हुए हैं लेकिन 214 लोगों की मौत हो गई है। दिल्ली में भी संख्या तीन हजार के पार पहुंचकर 3,439 हो गई है। यहाँ पर 1,092 मरीज ठीक हो चुके हैं। राजस्थान, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु और उत्तरप्रदेश ऐसे राज्य हैं जहां कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 2000 अथवा उससे अधिक है। इस प्रकार महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 30414 है जोकि भारत में गुरुवार रात 10 बजे तक मिले संक्रमित लोगों की संख्या का लगभग 87.4 प्रतिशत है। इससे अब यह प्रतीत हो रहा है कि इन राज्यों को छोड़कर बाकी प्रदेशों में कोरोना उतनी तेजी से नहीं फैल रहा है। हालांकि बिहार, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर जैसे राज्य अथवा केंद्र शासित प्रदेशों में संक्रमण फैलने की दर थोड़ी अधिक है। लेकिन यहां स्थिति इतनी विस्फोटक नहीं है। जिस तेजी से गुजरात और उत्तरप्रदेश में संक्रमण बढ़ा है वह इन राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
अच्छी खबर यह है कि संक्रमण मुक्त होने वाले राज्यों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं बहुत से राज्य ऐसे हैं जिनमें संक्रमण के मामले लगभग स्थिर हो गए हैं, अथवा इकाई में ही हैं। इसे देखकर अब यह लग रहा है कि आने वाले दिनों में देश में ग्रीन जोन की संख्या बढ़ जाएगी। किंतु चिंताजनक बात यह है कि जिन राज्यों में कोरोना का संक्रमण बहुत अधिक फैला हुआ है, वहां पर देश की अधिकांश व्यवसायिक गतिविधियां संचालित होती हैं। अनेक विशाल उत्पादक इकाइयां भी इन्हीं राज्य में हैं। ऐसी स्थिति में इन राज्यों में सामान्य स्थिति बहाल होने तक देश की मुख्य व्यवसायिक गतिविधियों को संचालित करना आसान नहीं होगा। जिसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *