भोपाल-इंदौर में कोराना के केस बढ़ने के साथ संक्रमितों को पकडऩे पुलिस मुखबिरों की मदद ले रही

भोपाल,मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भोपाल और इंदौर में कोरोना का संक्रमण लगातार टेंशन बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अपील के बावजुद कोरोना संक्रमित लोग इलाज के लिए अस्पताल नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में राजधानी भोपाल में कोरोना संदिग्धों को पकडऩे के लिए मुखबिरों की मदद ली जा रही है।
इस समय कोरोना संक्रमण के मद्देनजर मध्य प्रदेश के हालात बेहद नाजुक हैं, संक्रमितों की संख्या लगातार तेजी से बढ़ रही है। देशव्यापी लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिसकर्मी लोगों की सुरक्षा के लिहाज से अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं। लेकिन अभी भी लोग इस बीमारी के संदिग्धों को छिपा रहे हैं। इसलिए जो पुलिस अब तक अपराधियों को पकडऩे के लिए मुखबिरों की मदद लिया करती थी इस कोरोना संक्रमण काल के दौरान बस्तियों में कोरोना के संदिग्ध मरीजों की पहचान और खोजबीन के लिए मुखबिरों की मदद ले रही है।
पुलिस के साथ 218 वॉलिंटियर काम कर रहे
सघन बस्तियों में पुलिस कोरोना के लक्षण छुपाने वाले लोगो की तलाश में मुखबिरों की मदद ले रही है। इस काम में पुलिस का साथ दे रहे हैं 218 वॉलंटियर। भोपाल के ऐशबाग इलाके में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला है। इसके बाद से ऐशबाग इलाके में पुलिस काफी सख्ती कर रही है। ऐशबाग, शाहजहानाबाद सहित कई क्षेत्रों में सघन बस्तियां हैं। पुलिस ने इन बस्तियों में पुलिस मित्र बनाना शुरू किए हैं। फिलहाल पुलिस के साथ 218 वॉलिंटियर काम कर रहे हैं। वॉलिंटियर्स बस्तियों में जाकर सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार के लक्षणों वाले मरीजों की पहचान कर रहे हैं और ऐसे लक्षण छुपाने वाले लोगों के बारे में पुलिस को सूचना भी दे रहे हैं।
ग्राम रक्षा समितियों ने भी संभाला मोर्चा
कोरोना संक्रमितों की धर-पकड़ के लिए पुलिस थानों का स्टाफ लगातार वॉलिंटियर्स से संपर्क कर रहा है उनसे जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों को सूचना दी जाती है। मेडिकल टीम के साथ पुलिस पहुंचती है संबंधित व्यक्ति के घर सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार के लक्षण वाले व्यक्ति के घर की पहचान के साथ मुखबिर की सूचना पर पुलिस व्यक्ति के घर पहुंचती है। पुलिस मेडिकल टीम के साथ कोरोना के लक्षण वाले व्यक्ति के घर तक पहुंचती है। मेडिकल टीम संबंधित व्यक्ति का मेडिकल चेकअप करती है और सैंपल जांच के लिए भेजती है। रिपोर्ट आने या उससे पहले भी जैसी आवश्यकता हो उन्हें क्वॉरेंटाइन या फिर आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट भी पुलिस करा रही है। सघन बस्तियों में कोरोना के लक्षण छुपाने वाले लोगों पर अब पुलिस की नजर है। सभी थाना क्षेत्रों में गठित ग्राम रक्षा समिति अभी पुलिस के साथ कोरोना के खिलाफ जंग में मोर्चा संभाले हुए हैं। पुलिस जहां अनाउंसमेंट कर लोगों को घर के अंदर रहने की अपील कर रही है। वहीं दूसरी तरफ सघन बस्तियों में संदिग्ध कोरोना संक्रमित मरीजों के बारे में जानकारी भी जुटा रही है।

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