भोपाल, मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन के बीच किसानों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सहकारी बैंक और सोसायटी से कर्जा लेने वाले किसानों का सरकार ने ब्याज माफ कर दिया है। शनिवार को वित्त और सहकारिता विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस सम्बन्ध में निर्देश दिए हैं।
सरकार ने फैसला किया है कि डिफाल्टर हो चुके किसान बिना ब्याज के कर्ज की राशि जमा कर सकते हैं। 31 मई तक कर्ज चुकाने वाले किसानों को अब कोई व्याज नहीं देना होगा। सहकारी बैंक और सोसायटी से कर्जा लेने वाले किसानों का सरकार ने ब्याज माफ कर दिया है।
किसान अब 31 मई तक जमा कर सकेंगे बैंक लोन
सरकार ने किसानों की कर्ज अदायगी की अवधि को एक महीना और बढ़ाने का फैसला किया है। किसान अब 30 अप्रैल के बजाय 31 मई तक अपना कर्ज चुका सकेंगे। खास बात यह भी है कि किसानों से इस दौरान कोई भी ब्याज नहीं वसूला जाएगा और वह केवल जीरो फीसदी ब्याज पर अपना कर्ज 31 मई तक चुका सकेंगे। दरअसल, खरीफ फसल के दौरान लिए गए कर्ज को चुकाने की मियाद 28 मार्च तक थी, लेकिन कोरोना आपदा को देखते हुए इस अवधि को 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया था। 30 अप्रैल के बाद भी हालात सामान्य न होने की वजह से सरकार ने अब यह फैसला किया है कि कर्ज अदायगी कि मियाद को एक महीना और बढ़ाकर 31 मई तक किया जाए।
-20 लाख किसानों पर साढ़े 8 हजार करोड़ का कर्ज
प्रदेश में खरीफ सीजन 2019 के लिए करीब 20 लाख किसानों ने साढ़े 8 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया है। आमतौर पर यह कर्ज 28 मार्च तक चुकाना था, लेकिन इसकी मियाद को कोरोना आपदा को देखते हुए 30 अप्रैल कर दिया गया था। अब सरकार ने नया फैसला लेते हुए मियाद को 31 मई तक बढ़ा दिया है। उल्लेखनीय है कि कोरोना आपदा के बीच किसानों को राहत देना भी सरकार के लिए एक चुनौती बना हुआ है। रबी सीजन की फसल आ चुकी है और उसका उपार्जन किया जाना है। लॉकडाउन के चलते खरीदी 15 अप्रैल से शुरू की गई है इसमें किसानों के लिए एक निश्चित सीमा में ही खरीदी केंद्रों पर आने की व्यवस्था की गई है।
मप्र में किसानों को सौगात, सहकारी बैंक और सोसायटी से कर्ज का ब्याज माफ