भोपाल, राजधानी में मौजूद करीब पौने छह लाख गैस पीडि़तों के इलाज के लिए संचालित किए जा रहे भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर पर एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। दो दिन पहले 13 सीनियर डॉक्टर द्वारा इस्तीफा देने के बाद बीते रोज एक और चिकित्सक द्वारा इस्तीफा दे दिया गया है। अब तक कुल 14 डॉक्टर इस्तीफा दे चुके हैं। जबकि बीएमएचआरसी में कुल कंसल्टेंट की संख्या 16 है। यदि 14 चिकित्सक एक साथ नौकरी छोड़ कर चले गए तो संस्था में ताला डालने की नौबत आ जाएगी। फिलहाल इस्तीफा देने वाले चिकित्सकों ने संस्था को एक महीने का समय दिया है। यदि इस एक महीने में उनकी समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो चिकित्सक बीएमएचआरसी को छोड़कर चले जाएंगे।
पदोन्नति की जगह की जा रही प्रोफेसर की सीधी भर्ती
इस्तीफा देने वाले चिकित्सकों ने बताया कि हमारा एक प्रमोशन ड्यू है। अभी सभी कंसल्टेंट एसोसिएट प्रोफेसर की पद पर कार्यरत हैं। यदि इनको अभी प्रमोशन मिल जाए तो सभी कंसल्टेंट प्रोफेसर बन जाएंगे। इससे इनकी वरिष्ठता का क्रम भी बना रहेगा। जबकि केंद्र यहां प्रमोशन न कर प्रोफेसर के पद पर सीधी भर्ती कर रहा है। केंद्र के इस कदम को यहां कार्यरत कंसल्टेंट ने खुद के साथ अन्याय बताया है। उनका कहना है कि हम बीते कई सालों से यहां काम कर रहे हैं, हमें प्रमोशन देने की बजाए सीधे प्रोफेसर को लाना गलत है। जो भी नया स्टाफ यहां प्रोफेसर बनकर आएगा वो हमसे सीनियर हो जाएगा और भविष्य में सभी तरह के सुविधाओं में उसे वृद्धि मिलती जाएगी। जो कि तर्क संगत नहीं है।
अगले माह होनी है सीधी भर्ती
पिछले महीने केंद्र सरकार द्वारा बीएमएचआरसी की बागडोर डीएचआर से लेकर आईसीएमआर को सौंप दी गई है। जिसके बाद यहां प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर सीधी भर्ती करने की तैयारी कर ली गई है। 8 से लेकर 11 फरवरी तक यहां वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से भर्ती की जाएगी।
बगैर इलाज लौटने को मजबूर हो रहे मरीज
बीएमएचआरसी में मरीजों को इलाज न मिलना अब नई बात नहीं रह गई है। यहां मरीजों को सिर्फ ओपीडी सेवाएं दी जा रही हैं। अस्पताल के पास 350 बिस्तरों की क्षमता है। जबकि यहां गुरुवार को सिर्फ 150 मरीज भर्ती थे। इनमें 22 मरीज ऐसे थे, जिन्हें गुरुवार को ही भर्ती किया गया। वहीं अस्पताल में गुरुवार को ओपीडी का आंकड़ा 998 था।
बीएमएचआरसी पर छाये सकंट के बादल, 14 चिकित्सकों का इस्तीफा