बरेली, यूपी के बरेली में नवजात बच्ची की मौत के बाद परिवार उसे दफनाने के लिए गया था। लेकिन, जब कब्र खोदी गई तो वहां मटके में एक नवजात बच्ची जिंदा मिली। फिलहाल बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि बच्ची का वजन केवल 1.1 किलोग्राम है। बच्ची का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि नवजात का जन्म समय से पहले पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि इसी कारण वह जमीन के अंदर अब तक जिंदा भी रह गई थी क्योंकि समय से पहले जन्मे बच्चों को कम ऑक्सिजन की जरूरत होती है। इसके बाद डॉक्टरों ने यह भी कहा कि मटके में होने के कारण भी वह जीवित रह पाई। अगर उसे बिना मटके के सीधे दफन किया गया होता तो शायद वह नहीं बच पाती। वहीं, उनका यह भी मानना है कि संभव है कि जब लोगों ने जमीन खोदी, उसके कुछ घंटे पहले ही उसे दफन किया गया हो। वहीं, बताया जा रहा है कि पुलिस अब मामले की जांच में जुट गई है। इस पर स्थानीय सुभाषनगर पुलिस थाने के एसएचओ हरिश्चंद्र जोशी ने कहा, हम उन लोगों की तलाश में हैं, जिन्होंने जिंदा बच्ची को दफन किया है। इसके लिए हम क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रहे हैं। महिला पुलिस की एक टीम इलाके में बच्ची के परिजनों की तलाश में जुटी है। इसके बाद उन्होंने कहा कि हम इस ऐंगल से भी जांच कर रहे हैं कि क्या लड़की होने के कारण उसे जिंदा दफन किया गया था या फिर उसे गलत तरीके से मृत घोषित किया गया था।
बाद में पुलिस ने बताया कि शहर के रामपुर गार्डेन क्षेत्र में एक अस्पताल में हितेश कुमार की पत्नी ने मृत बच्ची को जन्म दिया था। इसके बाद परिवार के लोग उसे दफनाने के लिए सुभाषनगर क्षेत्र में पहुंचे थे। वहीं जब गड्ढा खोदा जा रहा था, तभी फावड़ा एक मटके से टकराया। यह मटका एक बैग में रखा हुआ था। जब उन लोगों ने बैग से मटके को बाहर निकाला तो देखा कि उसमें कपड़ों में लिपटी एक बच्ची है। वह जिंदा थी और रो रही थरि फिर हितेश ने कहा कि एक बार तो मुझे लगा कि मेरी बेटी जिंदा हो गई है। पर, आवाज उस मटके के अंदर से आ रही थी। हम ज्यादा समझ नहीं पाए और थोड़े डर भी गए। इसके बाद हमने तुरंत गार्ड को इसकी जानकारी दी। फिर ऐम्बुलेंस और पुलिस को भी सूचना दी और बच्ची को लेकर इलाज के लिये अस्पताल ले गए।
बरेली में मृत नवजात को दफ़नाने पहुंचे लोगों को जमीन के भीतर मटके में गड़ी मिली जिंदा बच्ची