हनीट्रैप मामले में 24 कॉलेज छात्राओं का इस्तेमाल किया गया, गाजियाबाद के फ्लैट पर PHQ में रार, ट्रेन में भी बने वीडियो

भोपाल, हनीट्रैप मामले में फंसे गिरोह ने नेताओं,अफसरों और कारोबारियों को कंट्रोल करने के लिए 24 कॉलेज छात्राओ का भी इस्तेमाल किया था, आरोपी महिलाओ ने उनके जरिये अपने हित साधे थे, ये जानकारी पुलिस तफ्तीश में सामने आई है।
आरोपी महिलाओं ने करीब 24 कॉलेज छात्राओं के इस धंधे में इस्तेमाल की बात कबूल की है। वही जांच में राजधानी के बड़े व्यापारियों के फंसे होने की बात भी सामने आ गई है।
जबकि आरोपी महिलाओं ने ट्रेन में सफर के दौरान भी कई रसूखदारों के वीडियो बनाए थे। सूत्र बताते है की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में जो वीडियो क्लिप्स मिले हैं, वो होटल, घर, फार्म हाउस, क्लब, रेस्ट हाउस में बनाए गए हैं। साथ ही यह भी पता चला है, कि दिल्ली, यूपी, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मुंबई के होटलों में आरोपी युवतियों ने चोरी छिपे वीडियो बनाए थे, जो अब बरामद किए गए हैं। एसआईटी सभी वीडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है।
गाजियाबाद का फ्लैट खाली करवाया
इधर, पुलिस की सायबर सेल शाखा ने गाजियाबाद के किताये के फ्लैट को खाली करवा दिया है। सूत्रों का कहना है की डीजीपी ने इस मामले में एक वरिष्ठ आईपीएस अफसर को तलब कर फटकार भी लगाई। साथ ही पूछा कि आखिर यह फ्लैट किसकी अनुमति से लिया गया था: और इतना दूर फ्लैट लेने की वजह क्या थी? सूत्रों की मानें तो इस मामले में आरोपी महिलाओं और युवतियों का अक्सर दिल्ली-राजस्थान जाना होता था। पुलिस को जांच में इनके दिल्ली में ठहरने और वीआईपी इंतजाम के सुराग मिले हैं। तभी यह सामने आया कि दिल्ली में सायबर सेल ने सरकारी कामकाज के नाम पर गाजियाबाद के पॉश इलाके में किराए पर फ्लैट लिया हुआ है। ओर अब इस पर पीएच्क्यू मे घमासान मच गया है।
एक आईएएस पर टिकीं निगाह
सूत्रों के अनुसार सर्विलांस शुरू होने के बाद भी श्वेता स्वप्निल के घर पहुंचे एक आईएएस अफसर को लेकर सरकार गंभीर नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि ये अधिकारी रिवेरा स्थित श्वेता के घर पर देखे गए थे। इनके खिलाफ कार्रवाई की संभावना बन रही है। हालांकि यह निर्णय मुख्यमंत्री स्तर से लिया जाना है।
बैंक खाते सीज
हनी ट्रैप गैंग की चारों महिला आरोपियों के बैंक खाते सीज करने के लिए भोपाल की बैंकों को पत्र लिख दिए गए हैं। बताया जा रहा है की अभी उनके 5 खातों की जानकारी मिली है। साथ ही एक टीम चारों महिलाओं की सारी संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है। अफसरों का कहना है कि इन आरोपियों के द्वारा संचालित की जा रही पांच कंपनियों और कुछ एनजीओ के नामों की जानकारी भी पता चली है। उनके लिए प्रशासन को पत्र लिखकर उनका आर्थिक विवरण पता किया जाएगा।
सायबर सेल के फ्लैट से घमासान
एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने पुलिस प्रमुख पर विभाग की छवि बिगाड़ने का आरोप लगाया है। मामला हनी-ट्रैप मामले के खुलासे के बाद दिल्ली में सायबर सेल के गाजियाबाद के फ्लैट को लेकर है। जानकारी के अनुसार उनका कहना है कि फ्लैट के मामले को हनीट्रैप से जोड़ने की कोशिश की गई, डीजीपी पुलिस की छवि बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, ओर वे इस सम्बन्ध में राज्य सरकार और आईपीएस एसोसिएशन को पत्र लिखेंगे। अफसर का कहना है कि फ्लैट लेने के पहले डीजीपी को सूचित किया गया था। मामले को लेकर सीएम और ग्रहमंत्री से वे बात कर चुके हैं।
बढ़ी धुकधुकी
हनीट्रैप मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी चीफ संजीव शमी के बयान से प्रशासनिक एवं राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार इंदौर में मामले की शुरूआत जानकारी लेने के बाद एसआईटी चीफ ने संकेत दिए हैं कि हनीट्रैप में रसूखदार लोग भी शामिल हैं, तथ्य सामने आए तो उन्हें आरोपी भी बनाया जाएगा और नाम भी उजागर होंगे। हालांकि अभी तक आरोपियों के अलावा अन्य किसी का नाम सामने नहीं आया है। वहीं आरोपी सूत्रों का कहना है की आरोपी महिला ने पुलिस के सामने बड़ी हस्तियों को ब्लैकमेल करना कबूल कर लिया। उसने यह भी कबूला कि हरभजन करोड़ों के ठेके और छात्रा को नौकरी का झांसा दे रहे थे। वही एसआईटी चीफ ने टीम के सदस्य और इंदौर पुलिस के अफसरों से बीते दिन गुप्त मीटिंग कर केस की बारीकी को समझा और केस से जुड़े सभी रिकॉर्ड एवं इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को सुपुर्द में लिया।
पूछताछ के लिए जारी होगा नोटिस
इस हाईप्रोफाईल मामले मे इंदौर पुलिस द्वारा कई तथ्य जुटा लिए गये हैं। इनके आधार पर एसआईटी इस मामले में कुछ अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए तलब कर सकती है। हालांकि इससे पहले एसआईटी अगले कुछ दिनों तक इन साक्ष्यो के आधार पर ओर भी छानबीन करेगी क्योकि हनीट्रैप मामले से रसूखदार लोगों के जुड़े होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में एसआईटी पुख्ता साक्ष्य जुटाने के बाद नोटिस भेजेगी। संभवत: अगले कुछ दिनों में कुछ नए लोगों को नोटिस भेजा जा सकता है।
मानव तस्करी की जांच शुरू
गोरतलब है की इंदौर के पलासिया पुलिस थाना में आरोपी आरती दयाल, श्वेता स्वप्निल जैन, अभिषेक एवं अन्य आरोपियों के खिलाफ जीरो पर एक और प्रकरण दर्ज हुआ है। यह प्रकरण फरियादी हीरालाल पुत्र रामसिंह ने दर्ज कराया है। यही प्रकरण पुलिस मुख्यालय की अपराध अनुसंधान शाखा में असल अपराध क्रमांक 2/19 धारा 370, 370 ए एवं 120 बी के तहत दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। केस डायरी सीआईडी को मिल गई है। इसी के साथ ही पड़ताल भी शुरू हो चुकी है। जल्द ही आरोपियों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री का बेटा भी फंसा
सूत्रों के अनुसार हनीट्रैप के जाल में एक केंद्रीय मंत्री के बेटे के भी फंसे होने की जानकारी भी सामने आ रही है। इसके साथ ही इसमें भोपाल के कई बड़े कारोबारियों के फंसे होने की भी खबर है। गोरतलब है की इस रैकेट में अब तक कई नेताओं और अधिकारियो, अफसरों के नाम पहले से ही लिए जा रहे हैं। वही सूत्रों से पता चला है कि इसके जाल में एक केंद्रीय मंत्री के बेटे को भी हनी ट्रैप कर ब्लैकमेल किया गया था। सुत्रो के अनुसार भोपाल की रहने वाली महिला आरोपी ने उसे ब्लैकमेल किया था। बताया जा रहा है कि बदनामी के डर से केंद्रीय मंत्री ने मोटी रकम देकर आरोपी महिला से अपने बेटे का पीछा छुड़ाया था। ये भी पता चला है कि महिलाओं से जो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिली है, उसमें इस केंद्रीय मंत्री के बेटे का वीडियो भी है। वही एसआईटी अब सभी बड़े रसूखदारों के कनेक्शन की बारीकी से जांच कर रही है।
कारोबारी भी फंसे जाल में
हनी ट्रैप में भोपाल के कई नामी-गिरामी व्यापारियों के नाम भी आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि शहर के पॉश मार्केट के कई व्यापारी भी हनी ट्रैप के शिकार हुए हैं. भोपाल से पकड़ी गई आरोपी महिला ने इन सबको अपना शिकार बना रखा था। सूत्रों के अनुसार न्यू मार्केट के करीब 10 बड़े व्यापारी हनी ट्रैप के शिकार हुए थे। सूत्र बताते है की एसआईटी को कॉल डिटेल में कई व्यापारियों के नंबर मिले हैं।
इधर,सामान्य प्रशासन मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह का सनसनी फैला देने वाला ब्यान सामने आया है। मंत्री गोविंद सिंह का कहना है, कि जिन लोगों के नाम जांच में सामने आएंगे उन पर आपराधिक प्रकरण दर्जकर बर्खास्त किया जाएगा, साथ ही आरोपियों का सार्वजनिक रूप से जुलुस निकाला जाएगा। मंत्री के इस बयान के बाद सियासी-प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार मीडिया से चर्चा करते हुए गोविंद सिंह हनीट्रैप मामले मे कहा कि जिन अधिकारियों के नाम सामने आएंगे उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा। उनको लूप लाइन में लगाकर सेवा बर्खास्त करने की कार्यवाही की जाएगी। इतना ही नही उन्होने आगे कहा की आरोपियों का सार्वजनिक रूप से जुलूस निकालकर लोगों को दिखाया जाएगा। वही सुत्रो के अनुसार इंदौर में हनीट्रैप मामले की अब तक की जोच की जानकारी लेने के बाद एसआईटी चीफ ने भी इशारा किया हैं कि हनीट्रैप में रसूखदार लोग भी शामिल हैं, तथ्य सामने आए तो उन्हें आरोपी भी बनाया जाएगा और नाम भी उजागर होंगे। सुत्रो के अनुसार हनी ट्रैप मामले में गिरफ्तार युवतियों ने कई अधिकारियों और नेताओं के नाम का खुलासा करने की बात कही है। हालांकि अभी तक आरोपियों के अलावा अन्य किसी का नाम सामने नहीं आया है।
सीबीआई जांच की मांग
हनीट्रैप मामले में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सीबीआई से जांच कराने मांग की है। उन्होंने कहा कि मामला राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से जुड़ा है, इसलिए इसकी जांच सीबीआई को देनी चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि सरकार चाहे तो हम अगले किसी भी सत्र में इस मामले पर चर्चा करने को भी तैयार है। गोरतलब है की इस मामले की मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री कमलनाथ खूद कर रहे हैं। उन्होंने बीते दिन जांच कर रहे एसआईटी चीफ संजीव शमी से पूरी रिपोर्ट ली। बताया जा रहा है कि हनी ट्रैप से जुड़े बड़े राजनेता, आईएएस व आईपीएस अफसरों से जुड़े कुछ गंभीर विषयों को भी उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। इसके अलावा सीएम ने मंत्रियों को सीएम हाउस बुलाकर अलग-अलग बातचीत कर फीडबैक भी लिया है।

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