रवि टंडन को विश्वास ही नहीं था कि उनकी बेटी रवीना कभी अभिनेत्री भी बन सकती हैं

मुंबई,बॉलीवुड में एक दशक तक शीर्ष अभिनेत्रियों में शुमार रहीं रवीना टंडन के पिता फिल्म निर्माता रवि टंडन को विश्वास ही नहीं था कि रवीना कभी अभिनेत्री भी बन सकती हैं। नब्बे के दशक से लेकर 2000 तक अपनी अदाकारी से लोगों के दिलों पर राज करने वाली रवीना टंडन ने खुद यह बात बताई। उन्होंने कहा कि उनके पिता रवि टंडन का मानना था कि वह एक अभिनेत्री नहीं बन पाएंगी क्योंकि उन्होंने कभी भी अभिनय या नृत्य से संबंधित कोई औपचारिक प्रशिक्षण नहीं लिया था। रवीना ने मुंबई में हुए तीसरे एंटरटेनमेंट ट्रेड अवार्ड कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में बताया, ‘‘मेरे पिता को विश्वास नहीं था कि मैं अभिनय में उतर सकती हूं, क्योंकि मैं फिल्मों में प्रवेश करने से पहले अभिनय या नृत्य कक्षाओं में शामिल नहीं हुई थी। स्कूल खत्म करने के बाद मैंने तुरंत कैमरे का सामना किया, इसलिए वह थोड़ा हैरान थे। मुझे लगता है कि वह सुखद रूप से हैरान थे।’’ रवि टंडन ने सत्तर और अस्सी के दशक में कई उल्लेखनीय फिल्मों का निर्माण किया। इनमें ‘मजबूर’ (1974), ‘खेल खेल में’ (1975), ‘वक्त की दीवार’ (1981) और ‘खुद्दार’ (1982) शामिल हैं। उन्हें एंटरटेनमेंट ट्रेड अवाड्र्स के दौरान लाइफटाइन अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया। रवीना टंडन अभी डांस रियलिटी शो ‘नच बलिए’ के सीजन नौ में जज की भूमिका निभा रही हैं। इस शो के प्रोड्यूसर सलमान खान हैं।

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