भोपाल, हमेशा अपने बयानों से चर्चाओ में रहने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने टेरर फंडिंग मामले में की गई कार्रवाई के लिए सीएम कमलनाथ को बधाई दी है। वही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर भी जमकर हमला बोला है, उन्होने शिवराज सरकार पर सवाल उठाते हुए लिखा है की उन्होंने अपराधियों की ज़मानत कैसे होने दी। उन्होंने पूछा कि शिवराज जी अब बतायें देश द्रोही कौन है। जानकारी के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने टेरर फंडिंग रैकेट के पर्दाफाश के लिए एमपी की कमलनाथ सरकार को बधाई दी है, और टेरर फंडिंग मामले के आरोपियों को पूर्व में मिली जमानत के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से पर निशाना साधते हुए शिवराज सिंह चौहान से कहा कि उन्होंने टेरर फंडिंग मामले के आरोपियों की जमानत कैसे होने दी? उन्होंने ये भी पूछा कि यदि उन्हें जमानत मिली तो भी तत्कालीन सरकार ने इसके खिलाफ अपील क्यों नहीं की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि क्या पाकिस्तान के लिये खुफियागिरी करने वालों को बचाने वाला देश द्रोही है या नहीं। गोरतलब है की बुधवार को बजरंग दल के पूर्व नेता बलराम सिंह और तीन अन्य को सतना जिले से रात में गिरफ्तार किया था। उन्हें टेरर फंडिंग और खुफिया जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाने के आरोप में पकड़ा गया है। इन आरोपियों को 26 अगस्त तक एटीएस की हिरासत में भेज दिया गया है। इससे पहले बलराम और बीजेपी कार्यकर्ता ध्रुव सक्सेना को फरवरी 2017 में मध्यप्रदेश एटीएस ने गिरफ्तार किया था, उन्हें पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के मामले में पकड़ा गया था। इस मामले में कुल 15 लोग गिरफ्तार किए गए थे, जिनमें से ध्रुव और बलराम सहित 13 आरोपियों को पिछले साल हाई कोर्ट ने जमानत दे दी थी। इसके बाद मामला ठंड़ा हो गया था। अब बलराम की गिरफ्तारी के बाद फिर से राजनीति गर्मा गई है, और बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने हो गए है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस मामले में जांच के आदेश दिए है, और कहा है कि इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जाए। इस तरह की गतिविधि में जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाए। उन्होने कहा है की प्रदेश की धरती पर टेरर फंडिग व पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी का कृत्य बर्दाश्त नहीं। इस कांड से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाए, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो।
दिग्विजय ने टेरर फंडिंग मामले में शिवराज से मांगी कैफियत पूछा अपराधियों की ज़मानत कैसे होने दी