मोदी के पहाड़ी परिधान की चर्चा, सोशल मीडिया में ट्रोल किये गए

देहरादून,एक महीने से अधिक समय तक लोकसभा चुनाव के प्रचार में व्यस्त रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी अभियान बंद होने के बाद शनिवार सुबह उत्तराखंड में केदारनाथ धाम के दर्शन किए और वहां पूजा-अर्चना की। प्रधानमंत्री मोदी पारंपरिक पहाड़ी परिधान में सज कर विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम पहुंचे। उनका परिधान लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा। उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में 11755 फीट की उंचाई पर स्थित केदारनाथ में मोदी स्लेटी रंग का चोगा पहने हुए थे। उन्होंने पहाड़ी टोपी पहन रखी थी और कमर में केसरिया गमछा लपेट रखा था। हैलीपैड से केदारनाथ मंदिर तक का पैदल रास्ता उन्होंने पहाड़ी अंदाज में छड़ी लेकर तय किया। संभवत: यह परिधान उन्होंने पहली बार पहना था। पिछले दो साल में चौथी बार भोले के धाम केदारनाथ पहुंचे मोदी इस लिबास में पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगे नजर आए।
प्रधानमंत्री मोदी बारिश के बीच पैदल चलकर ध्यान गुफा पहुंचे। जहां वह भगवा वस्त्र धारण कर ध्यान में बैठे। इस गुफा में पीएम मोदी 20 घंटे तक रहेंगे। मंदिर परिसर में पहुंचने पर केदारनाथ तीर्थ के पुरोहितों ने उनका स्वागत किया, जिसके बाद वह भगवान शिव की पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक के लिए मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे। करीब आधे घंटे चली इस पूजा के बाद प्रधानमंत्री ने मंदिर की परिक्रमा की। रविवार को प्रधानमंत्री बद्रीनाथ धाम जाएंगे और उसके बाद दिल्ली लौटेंगे।
इधर, मोदी रेड कारपेट पर ऐसे वेशभूषा में वहां पहुंचे कि सोशल मीडिया में उन्हें ट्रोल किया जाने लगा। गौरतलब है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की यात्रा पर हैं। माना जा रहा है कि चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री मोदी की शनिवार और रविवार को उत्तराखंड स्थित केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की यात्रा करने की अनुमति दी थी। विपक्ष ने इस पर ऐतराज जताया है। हालांकि, आयोग ने प्रधानमंत्री कार्यालय को यह भी याद दिलाया है कि आदर्श आचार संहिता अभी भी लागू है। सूत्र ने कहा कि मोदी की यह यात्रा आधिकारिक है, इसलिए यह की जा सकती है, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय को यह याद दिलाया गया कि आदर्श आचार संहिता अभी प्रभावी है। गौरतलब है कि मोदी के मंदिर परिसर में पहुंचने पर केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों ने उनका स्वागत किया, जिसके बाद वह भगवान शिव की पूजा अर्चना और रूद्राभिषेक के लिए मंदिर के गर्भगृह में दाखिल हुए। करीब आधे घंटे चली इस पूजा के बाद प्रधानमंत्री ने मंदिर की परिक्रमा की और हाथ हिलाकर श्रद्धालुओं का अभिवादन किया। दर्शन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने यहां चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद में प्रधानमंत्री केदारनाथ गुफा में ध्यान करने चले गए। प्रधानमंत्री के इस दौरे का मकसद पूरी तरह से आध्यात्मिक है। हालांकि मोदी के दौरे के बीच 19 मई को आखिरी चरण की वोटिंग भी होनी है। इस चरण में पीएम मोदी की संसदीय सीट वाराणसी भी शामिल है, जहां से पिछले बार उन्होंने बड़े अंतर से चुनाव जीता था। इसके अलावा 23 मई को आने वाले नतीजों से पहले पीएम का यह दौरा काफी अहम है, क्योंकि कहा यह जा रहा है कि प्रधानमंत्री चुनावी रण में ताकत झोंकने के बाद अब भगवान से अपनी पार्टी की जीत का आशीर्वाद भी मांगा। प्रधानमंत्री का पिछले दो साल में केदारनाथ का यह चौथा दौरा है।

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