दमोह,आज सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती है। उन्होंने देश के लिए वो किया है, जो किसी और ने नहीं किया। लेकिन कांग्रेस ने कभी उन्हें उचित सम्मान नहीं दिया। पूरी पार्टी बस एक ही परिवार की जय-जय करने में लगी रही। यह बात मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने बुधवार को दमोह में जनसभा को संबोधित करते हुए कही। पूर्व में जनादेश यात्रा दमोह के होम गार्ड ग्राउंड से प्रारंभ होकर तहसील ग्राउंड पहुंची।
कश्मीर उनके हवाले होता, तो पाक के कब्जे में न जाता
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह ने लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सरदार पटेल ने देश की 500 से ज्यादा रियासतों का विलीनीकरण करके देश को एकता के सूत्र में बांधा। यह कर पाना सरदार पटेल जैसे व्यक्ति की बूते की ही बात थी। चौहान ने कहा कि कश्मीर का मसला भी अगर पं.नेहरू की बजाय सरदार पटेल के जिम्मे होता, तो आज कश्मीर के एक हिस्से पर पाकिस्तान का कब्जा न होता। पूरा कश्मीर हिंदुस्तान का हिस्सा होता। उन्होंने कहा कि मैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रणाम करना चाहता हूं, जिन्होंने सरदार पटेल की विशाल प्रतिमा का निर्माण कराया और आज उसका लोकार्पण करके सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि दी है।
समृद्ध मध्यप्रदेश के लिए एक बार फिर आशीर्वाद दीजिए
सभा को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि सरकार-सरकार में फर्क होता है। कांग्रेस की सरकारों ने प्रदेश को बर्बाद कर दिया था। प्रदेश की गिनती बीमारू राज्यों में होने लगी थी। भाजपा की सरकार बनने के बाद हमने काम शुरू किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 14-15 सालों में हर क्षेत्र में प्रदेश का विकास हुआ है। दमोह और बुंदेलखंड की ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। अब हम इसे समृद्ध मध्यप्रदेश बनाना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि युवाओं को रोजगार मिले, किसानों को उनकी उपज का भरपूर दाम मिले, माता-बहनों को सम्मान मिले। लेकिन इसके लिए हमें एक और अवसर चाहिए।