भोपाल, प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में अभी तक बच्चों को न तो साइकिल मिली और न ही यूनिफार्म मिल पाई। सरकारी स्कूलों का आधा शिक्षण सत्र बीत चुका है, लेकिन अभी तक सामग्री का वितरण नहीं हो सका है। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लेट-लतीफी को जिम्मेदार माना जा रहा है। हर साल अगस्त तक साइकिल और यूनिफार्म की राशि मिल जाती थी, लेकिन अक्टूबर बीतने के बाद भी अधिकारी सूची ही तैयार करने में जुटे हैं। बच्चों को साइकिल वितरण का काम लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) करता है। इनका कहना है कि तैयारियां पूरी कर ली गई है। 6वीं से 9वीं तक के बच्चों के लिए 8 लाख साइकिलों का टेंडर भी हो गया है। ढाई लाख साइकिलें जिलों में चली गई है। विधानसभा चुनाव के बाद वितरण कर दिया जाएगा। वहीं, यूनिफार्म वितरण का कार्य राज्य शिक्षा केंद्र करता है। इस बार पहली बार बच्चों को राशि के बदले सिलाई की हुई यूनिफार्म दी जाएगी। जिसमें अभी समय लगेगा।
अधिकारियों का कहना है कि इस बार सिलाई की हुई यूनिफार्म बच्चों को देनी है। इसके लिए 32 जिलों के स्व सहायता समूहों को सिलाई करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेशभर में बच्चों के लिए 70 लाख यूनिफार्म तैयार करना है। इस कारण देर हो रही है। डीपीआई और राज्य शिक्षा केंद्र भले ही दिसंबर में साइकिल और यूनिफार्म वितरण का दावा कर लें। लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मतगणना दिसंबर में होगी और राजनीतिक हलचल भी। इसके बाद नई सरकार की अपनी प्राथमिकताएं होंगी। इसलिए दिसंबर में साइकिल वितरण करना संभव नहीं है। इस संबंध में डीपीआई आयुक्त जयश्री कियावत का कहना है कि प्रदेश में आचार संहिता लगी हुई है। अब चुनाव के बाद ही स्कूलों में साइकिल वितरण हो पाएगी। पहले चरण की ढाई लाख साइकिलें आ चुकी हैं। सभी जिलों में भेज दी गई है।
आधा शिक्षण सत्र बीता बच्चों को साइकिल मिली, न ही यूनिफार्म