नई दिल्ली,रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत के दौरे पर गुरुवार शाम को दिल्ली पहुंच चुके हैं जहाँ रात में उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शुरूआती और अनौपचारिक बातचीत हो चुकी है. अब आज यात्रा के दूसरे दिन शुक्रवार को मोदी और पुतिन प्रतिनिधिमंडल स्तर की चर्चा में शामिल होंगे. दोनों में बातचीत के बाद कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बन सकती है.दोनों देशों के बीच 7 अरब डॉलर के रक्षा सौदों पर समझौते के आसार हैं.दोनों नेताओं के बीच एशिया और शेष विश्व की अहम् मसलों पर चर्चा भी होगीएस-400 रूस की ऐसा मिसाइल सिस्टम है, जिसे तैनात कर भारत, चीन से लगती 4000 किलोमीटर लंबी सीमा पर नजर रख सकेगा। इस दौरान दोनों नेता ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध के मद्देनजर कच्चे तेल की स्थिति समेत कई द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा कर सकते हैं। 19वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी-पुतिन रूसी रक्षा कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंध की पृष्टभूमि में द्विपक्षीय रक्षा संबंधों की भी समीक्षा कर सकते हैं। डिफेंस अग्रीमेंट्स के साथ ही भारत और रूस के बीच स्पेस को-ऑपरेशन मेकेनिज्म पर भी करार हो सकता है। पीएम मोदी की ओर से 2022 में चांद में मानव को भेजने के मिशन के ऐलान के बाद यह करार महत्वपूर्ण होगा।
मिसाइल डील पर बात
वायु सेना के लिए अहम् S-400 मिसाइल डील पर बातचीत की जाएगी जिसे शीर्ष स्तर से पहले ही दी गई है अब मोदी-पुतिन के इस पर हस्ताक्षर होंगे। इस मिसाइल सिस्टम के साल 2020 तक भारत को मिलने के आसार हैं.वायुसेना को S-400 मिसाइलों के मिलने से ताकत मिलेगी. उधर,नेवी के लिए 4 वॉरशिप के सौदे पर भी हस्ताक्षर होंगे.जिस पर 2.2 अरब डॉलर का खर्च अनुमानित है. नेवी को इन जहाजों की काफी जरुरत है. इनमें से दो गोवा शिपयार्ड और दो को रूस के यांतर शिपयार्ड में बनाया जाएगा। इस डील में टेक्नॉलजी ट्रांसफर शामिल है।
मोदी संग रात्रि भोज
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके आवास पर रात्रि भोज किया। पीएम मोदी ने ट्वीट कर राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत करते हुए कहा, ‘भारत में आपका स्वागत है राष्ट्रपति पुतिन, द्वीपक्षीय बातचीत को लेकर उत्साहित हूं, जो भारत और रूस के बीच दोस्ती को और बढ़ाएगी।’
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस दौरान महत्वकांक्षी S-400 डील पर समझौता होने की संभावना है।