नई दिल्ली,इलेक्ट्रिक कार या स्वच्छ ईंधन से चलने वाली कारों को बढ़ावा देने के लिए भारत सहित 14 देश अगले दो दशकों में पेट्रोल-डीजल की कारों की बिक्री को बंद करने की तैयारी कर रहे हैं। वैश्विक सर्वेक्षण बीएनईएफ में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार सबसे पहले 2025 में ऑस्ट्रिया और नार्वे जीश्म ईंधन से चलने वाली कारों को बंद करेंगे। ऑस्ट्रियन एनवायरमेंट एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि उनके देश में 2025 के बाद जीवाश्म ईंधन से चलने वाले वाहनों की बिक्री की इजाजत नहीं होगी। यदि ऐसा होता है तो ऑस्ट्रिया पहला देश होगा, जो पेट्रोल-डीजल की कारों को प्रतिबंधित करेगा।
ऑस्ट्रिया के साथ नार्वे भी यह लक्ष्य हासिल करेगा। भारत, चीन, फिनलैंड, आयरलैंड, जर्मनी और स्लोवेनिया 2030 तक यह लक्ष्य हासिल कर लेंगे। लंदन, लांस एजेंलिस, पेरिस, रोम, केपटाउन, ब्रूसेल्स, समेत 20 शहरों में पेट्रोल-डीजल की कारें नहीं होंगी। रिपोर्ट में इन देशों द्वारा विभिन्न मौकों पर की गई घोषणाओं को आधार बनाया गया है। भारत सरकार जल्द ई वाहन नीति की घोषणा करेगी। वर्तमान में पेट्रोल और डीजल वाहन की संख्या अमेरिका में 3.35 करोड़, ब्रिटेन में 3.12 करोड़, चीन में 2.7 करोड़, यूरोप में 2.52 करोड़ और भारत में 2.3 करोड़ है। विश्व में 2018 में अब तक 12 लाख से ज्यादा, भारत में 35 हजार से ज्यादा वाहन बिके और 2020 तक 60-70 लाख ई-वाहनों की बिक्री का लक्ष्य और 33-35 फीसदी कार्बन उत्सर्जन में कटौती का लक्ष्य रखा है।
भारत सहित 14 देशों की तैयारी पेट्रोल और डीजल कारें 2030 तक होंगी बंद