भाजपा में टिकट पर मंडल कार्यकर्ताओं से रायशुमारी बंद तीन दावेदारों के नाम मांगे

भोपाल,प्रदेश भाजपा ने इस बार प्रत्याशियों के चयन के लिए नया तरीका निकाला है। अब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जिले के चुनिंदा प्रमुख नेताओं से ही तीन संभावित उम्मीदवारों के नाम मांग रहे हैं। भाजपा इस बार विधानसभा चुनावों में टिकट वितरण से पहले हर विधानसभा में मंडल स्तर तक के कार्यकर्ताओं से की जाने वाली रायशुमारी से तौबा कर रही है। चुनाव आचार संहिता लगने में अब थोड़ा ही समय बचा है, ऐसे में माना जा रहा है कि अब हर विधानसभा में छोटे कार्यकर्ताओं के साथ होने वाली रायशुमारी नहीं होगी। सूत्रों के मुताबिक टिकट वितरण में इस बार पार्टी हाईकमान और प्रदेश संगठन द्वारा कराए जा रहे सर्वे के परिणाम और जिले के प्रमुख नेताओं के फीडबैक के आधार पर ही टिकट दिए जाएंगे। गौरतलब है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह संगठन के आधार पर चुनाव लड़ने का एलान कर चुके हैं, लेकिन संगठन की पहली कड़ी से इस बार उम्मीदवार को लेकर चर्चा अब तक नहीं की गई है। भाजपा विधानसभा चुनाव से पहले हर विधानसभा के मंडल स्तर के अलग-अलग कार्यकर्ताओं से उसकी पसंद के उम्मीदवार का नाम मांगती है। इस रायशुमारी के लिए प्रदेश स्तर के नेता विधानसभा के दौरे करते हैं। मंडल स्तर के कार्यकर्ता एक पर्ची में उम्मीदवार के लिए अपनी पसंद का नाम देते हैं। यह पर्चियां लिफाफे में बंद हो जाती हैं और प्रदेश स्तर पर इस रायशुमारी के आधार पर पैनल तैयार कर उम्मीदवार घोषित किए जाते हैं। इससे कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश जाता था कि टिकट बांटने से पहले पार्टी ने हर कार्यकर्ता की बात सुनी और वहीं पार्टी को भी जमीनी फीडबैक मिल जाता था। प्रत्याशी चयन के लिए भाजपा ने अपनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह हर जिले के जिला प्रभारी, जिला अध्यक्ष, दो पूर्व जिलाध्यक्ष और जिले के प्रमुख नेताओं के साथ वन-टू-वन चर्चा कर रहे हैं। सभी नेताओं से जिले की हर विधानसभा के लिए तीन-तीन दावेदारों के नाम मांगे जा रहे हैं और उनके मजबूत व कमजोर पक्ष पर भी चर्चा की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक जिला स्तर के प्रमुख नेता अपने गणित के हिसाब से संभावित उम्मीदवारों का नाम ले रहे हैं। पार्टी इस बार कार्यकर्ताओं के विरोध के स्वर उठने के डर से रायशुमारी करने से बच रही है। सूत्रों के मुताबिक यदि कार्यकर्ताओं से इस बारे में बात की गई तो कई नेताओं के खिलाफ विरोध के स्वर भी उठ सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक इस बार भाजपा प्रत्याशी चयन के लिए सबसे बड़ा आधार पार्टी द्वारा कराए गए सर्वे और प्रमुख नेताओं की पसंद ही होगी। इस बारे में मप्र भाजपा के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल का कहना है कि संगठन के हर फैसले में कार्यकर्ताओं की बात सर्वोपरि होती है। टिकट वितरण में भी ऐसा ही होता है। पार्टी पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया से प्रत्याशियों का चयन करेगी।

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