गणेश चतुर्थी पर्व पर जश्न में डूबा देश मुंबई में 70 किलो 23 कैरट के सोने से सजे बप्पा

मुंबई/भोपाल ,साल भर के बाद फिर से गणपति बप्पा वापस आए हैं और लोगों ने उनके स्वागत में मोदक-फूलों से लेकर सोना-चांदी तक लगा दिया है। मुंबई के सायन में बना पंडाल इसी वजह से आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। दरअसल,यहां बप्पा की मूर्ति को 70 किलो सोने से सजाया गया है। मुंबई के अलावा महाराष्ट्र के दूसरे हिस्सों में भी गणेश चतुर्थी की धूम के बीच सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की जा रही है। सायन पूर्व के जीएसबी सेवा मंडल ने बप्पा की सजावट में चार चांद नहीं बल्कि 70 किलो 23-कैरट सोना लगा दिया। पंडाल की सुरक्षा में ड्रोन लगाए गए हैं जो पंडाल के कोने-कोने पर नजर रख रहे हैं। वहीं ,सबसे मशहूर पंडालों में से एक ‘ मुंबई चा राजा’ इस बार और भी खास रूप में लोगों के सामने है। पंडाल के ठीक बाहर ग्वालियर के सन टेंपल का रेप्लिका लगाया गया है जो लोगों का पंडाल में स्वागत करता है। उधर,लोउर परेल स्थित वेस्टर्न रेलवे वर्कशॉप में बेहद अनोखे तरीके से मूर्ति को बनाया गया है। यहां मूर्ति बनाने के लिए बेकार सामान का इस्तेमाल किया गया है। मुंबई के लालबाग च राजा, नागपुर के टेकड़ी गणेश मंदिर और पुणे के दडगूशेठ हलवाई गणपति मंदिर में गणेश चतुर्थी का जश्न देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में बप्पा के दर्शन को कतारों में लगे हैं। सड़कों पर रंग और संगीत में डूबे भक्त जोश के साथ बप्पा का स्वागत कर रहे हैं। वहीं, प्रशासन भी सुरक्षा को लेकर मुस्तैद है। महाराष्ट्र में 50,000 से भी अधिक पुलिस अफसर तैनात किए गए हैं।

वर्षा निवास में गणपति स्थापना
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज भगवान गणेश की पूजा की और किसानों के सुख़, राज्य के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में बारिश और लोगों की खुशी और अच्छा स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए प्रार्थना की। आज मुख्यमंत्री ने अपनी पत्नी के साथ श्री गणेश की स्थापना अपने सरकारी निवास स्थान वर्षा में की।
लोकमान्य तिलक ने जाति, धर्म, भाषा, संप्रदाय से दूर समाज को एक करने के इरादे से गणेशोत्सव का सार्वजनिक उत्सव शुरू किया। एक सामाजिक अभियान के रूप में उनके द्वारा शुरू किया गया त्यौहार अभी भी उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। ऐसी प्रार्थना करते हुए कि समाज  इस त्यौहार के माध्यम से और अधिक एकजुट हो, मुख्यमंत्री ने गणेशोत्सव पर लोगों को अपनी शुभकामनाएँ  दीं ।

सर्वधर्म समभाव का संदेश देता है श्रीगणेश चतुर्थी पर्व
भोपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गणेश चतुर्थी का पर्व सर्वधर्म समभाव का पर्व है। सभी समुदायों में गणेश चतुर्थी धूमधाम से मनाई जाती है। श्री गणेश प्रतिमा स्थापना की लंबी परंपरा रही है। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश की सुख समृद्धि के लिये भगवान श्रीगणेश से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि श्री गणेश चतुर्थी पर यही प्रार्थना है कि प्रदेश में शांति और सामाजिक सद्भाव बना रहे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज दोपहर धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान, पुत्र कार्तिकेय और कुणाल भी साथ माता मंदिर पहुंचे और भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा लेकर निवास के लिये रवाना हुए। श्रीगणेश वंदना के साथ भक्तों का एक लंबा काफिला निवास के लिये रवाना हुआ। मुख्यमंत्री निवास पर पारंपरिक और धार्मिक अनुष्ठान एवं परंपरा के अनुसार श्रीगणेश की स्थापना की गई। उल्लेखनीय है कि श्री चौहान हर साल अपने निवास पर श्रीगणेश की स्थापना करते हैं।

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