नई दिल्ली/भोपाल,देशभर में तेल की कीमतों में लगी आग काबू होते नहीं दिख रही है। अब मध्यप्रदेश में यह तेजी से भभक चुकी है। मंगलवार को देश में सबसे महंगा पेट्रोल महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश में बिका। यहां पेट्रोल के दाम 90 रुपये पार कर गए, जबकि डीजल 87 के करीब है । गौरतलब है कि बढ़ती कीमतों के विरोध में सोमवार को भारत बंद कर जनता सड़कों पर उतरी, लेकिन सरकार ने दाम कम करने से साफ मना कर दिया। मध्यप्रदेश के डिंडोरी में पेट्रोल 90.31 पैसे प्रति लीटर बिका, जबकि डीजल 76.53 पैसे प्रति लीटर मिल रहा है। राजधानी भोपाल में भी यह दाम बढ़कर पेट्रोल 86.62 प्रति लीटर और डीजल 76.88 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया। अब विशेषज्ञों को चिंता जता रही है कि रुपए की कीमत भी कहीं डॉलर के मुकाबले एक चौथाई न रह जाए।
34 रुपये लीटर का पेट्रोल 90 में मिल रहा
53 रुपये लीटर तो टैक्स ले लेती है सरकार
मध्यप्रदेश में लूट
35.98 रुपये लीटर टैक्स वसूल रहे शिवराज सरकार
मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र उन राज्य में शामिल है जहां पर पेट्रोल-डीजल पर सबसे ज्यादा वैट वसूला जा रहा है। मप्र में पेट्रोल पर तीन तरह के टैक्स वसूले जा रहे है। पेट्रोल पर 28 फीसदी वैट, 4 रुपए प्रति लीटर एडिशनल टैक्स, 1 फीसदी सेस लग रहा। कुल मिलाकर 35.98 रुपये टैक्स वसूला जा रहा है। वहीं, डीजल पर कुल 22 रुपये वैट, 1.5 रुपये एडिशनल, 1 रुपये सेस के साथ कुल 23.22 रुपये प्रति लीटर टैक्स वसूला जा रहा है।
केंद्र भी वसूल रहा ज्यादा टैक्स
19.48 रुपये प्रति लीटर वसूल रहे मोदी
केंद्र की मोदी सरकार एक लीटर पेट्रोल पर 19.48 और डीजल पर 15.33 रुपए एक्साइज ड्यूटी वसूल रही है। सरकार ने सोमवार को एक बार फिर से एक्साइज ड्यूटी में कमी करने से इनकार कर दिया।
राजस्थान, आंध्र के बाद बंगाल ने घटाए दाम
पिछले दिनों राजस्थान सरकार 4 प्रतिशत वैट कम कर चुकी। आंध्र प्रदेश ने भी पेट्रोल के दाम ढाई रुपया कम किया। इसी तारतम्य में मंगलवार को पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने राज्य में तेल की कीमतों में एक-एक रुपए की कमी करने का ऐलान किया है।
परभणी देश में सबसे महंगा
महाराष्ट्र के परभणी में पेट्रोल मंगलवार को 33 पैसे महंगा होकर 90.33 रुपए हो गया। यह देशभर में सबसे ज्यादा रेट है। मुंबई में पेट्रोल 88.26 रुपए और दिल्ली में 80.87 रुपए पहुंच गया।
मंगलवार को भी बढ़े दाम
मंगलवार को पेट्रोल 14 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ, जबकि डीजल में भी 14 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई।
रुपये की गिरावट सबसे बड़ी समस्या
72.69 रुपये का एक डॉलर हुआ
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वक्त में भारतीय बाजारों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अभी और आसमान छूने वाली हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफे के पीछे रुपया एक बड़ा कारण है। रुपये में गिरावट के कारण तेल कंपनियां लगातार कीमतों में बदलाव कर रही हैं।
सरकार सफाई देने में जुटी
केंद्र की भाजपा सरकार ने एक फोटो शेयर किया है, जिसमें बताया है कि मई 2004 से मई 2009 तक तेल के दामों में 20 फीसदी की वृद्धि हुई है। वहीं 2009 से 2014 तक 75.8 फीसदी की वृद्धि हुई, लेकिन मई 2014 से 10 सितंबर 2018 तक पेट्रोल के दामों पर सिर्फ 13 फीसदी की वृद्धि हुई है। लेकिन इस फोटो में पेट्रोल के दाम 80.73 तक पहुंचने के बाद भी उसे 71.41 रुपए प्रति लीटर से नीचे दिखाया है। जिसके बाद लोगों ने ट्वीट को ट्रोल किया है।
महंगाई पर हाईकोर्ट में याचिका
पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ते दाम को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत केंद्र सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वह आवश्यक वस्तुओं को सही दामों पर आम लोगों तक पहुंचाए। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर लगाम लगाने के लिए इस याचिका में कोर्ट से गुहार लगाई गई है कि वह केंद्र सरकार को तुरंत निर्देश दे कि पेट्रोल डीजल के दाम कम किए जाएं। याचिका में कहा गया है कि तेल कंपनियां फिलहाल जिस रेट पर पेट्रोल और डीजल बेच रही हैं, उससे सीधे तौर पर एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955 के सेक्शन 3(1) का खुला उल्लंघन हो रहा है।
तो 50 में डीजल, 55 में मिलेगा पेट्रोल: गडकरी
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा पेट्रोलियम मंत्रालय इथेनॉल फैक्ट्री लगा रहा है, जिसकी मदद से डीजल 50 रुपए में और पेट्रोल मात्र 55 रुपए में मिल सकेगा। उन्होंने कहा पेट्रोलियम मंत्रालय इथेनॉल बनाने के लिए देश में पांच प्लांट लगा रहा है। उन्होंने कहा कि लकड़ी की चीजों और कचरे से इथेनॉल बनाया जाएगा।
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