एकाउन्ट हैक कर ऑनलाइन बिल पेमेन्ट करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार

भोपाल,राजधानी पुलिस ने एकाउंट हैक कर उनके खाते से रकम उड़ाकर आन लाईन बिल पैमेंट करने वाले शातिर अंतर्राजीय गिरोह का पर्दाफाश कर गिरोह के पांच जालसाजों को दबोचा है, जालसाज इतने शातिर अंदाज से लोगों के खाते से पैसा उड़ा देते थे कि फरियादी को इसकी जानकारी उसके खाते से रकम निकल जाने के बाद मोबाईल पर आये मैसेज के बाद होती थी, पुलिस ने आरोपियों को दिल्ली, हरियाणा, कोलकाता से दबोचा है। अभी तक की पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह ने दर्जनों एकाउंट हैक कर करीब चालीस लाख की रकम खातों से उड़ाई है। जालसाजों ने देश के कई शहरों में लोगों को अपना शिकार बनाया है, गिरोह का राजफाश करते हुए विशेष पुलिस महानिरीक्षक साइबर सेल अरुणा मोहन राव ने बताया कि साइबर एवं उच्च तकनीकी अपराध थाना भोपाल ने एक ऐसे संगठित अंतर्राज्यीय साइबर आपराधिक गिरोह का पर्दाफाश किया है। जो विगत कई बर्षों से बैंक खाता हैक कर आनलाईन पेमेंट तथा खरीददारी करते थे। अफसरों ने बताया कि मार्च 2018 में ज्योति सेंगर (परिवर्तित नाम) जो इंदौर में सहायक प्राध्यापक है, इंदौर से भोपाल बस से यात्रा कर रही थी तभी उन्हें उनके बैंक खाते के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर आनलाइन ट्राजेक्शन के लिए आवश्यक ओटीपी प्राप्त हुआ तथा अगले ही पल उनके खाते से 16000 रुपये ट्रांसफर हो गये। उन्हें न तो किसी ने बैंक अधिकारी बन कर फोन किया और न ही उन्होंने किसी से उनका कार्ड नम्बर तथा ओटीपी साझा किया। साइबर थाना भोपाल में एक लिखित शिकायत की महिला को प्राप्त एसएमएस में पर्याप्त जानकारी नहीं होने तथा बैंक द्वारा उक्त आहरण से संबंधित जानकारी प्रदान नहीं किये जाने से जांचकर्ता अधिकारी द्वारा सभी बड़ी पेमेंट गेट वे कम्पनी से सम्पर्क किया गया जिसमें से एक कम्पनी द्वारा उक्त आहरण के संबंध में जानकारी प्रदान की तथा बताया कि महिला के खाते से पंजाब स्टेट कार्पोरेशन लि- का बिल पे किया गया है, पीएसपीसीएल ने विद्वयुत उपभोक्ता का उपभोक्ता क्रमांक प्रदान कर सायबर टीम को बताया कि जिस विद्युत बिल का भुगतान किया गया है वह बालाजी राइस मिल सार्दुलगढ जिला मानसा (पंजाब) का है। जिसमें उपभोक्ता का कुल बिल 214000रुपये का था जिसे 14 टुकड़ों में अलग-अलग एटीएम कार्ड से आनलाईन जमा कराया गया है। आगे की जांच में राईस मिल मालिक ने बताया कि उनका बिल एजेंट नरेश कुमार जो मानसा (पंजाब) में मोबाइल फोन तथा रिचार्ज की दुकान चलाता है, के द्वारा पे किया गया है, संदेह के आधार पर नरेश कुमार से पूछताछ की गई जिसने बताया कि वह व्हाट्सएप के माध्यम से ऐसे साइबर अपराधियों से जुडा है जो लोगों से बिना कार्ड नम्बर तथा ओटीपी पूछे लोगों के खातों से ट्रांसफर कर लेते है, वह उपभोक्ताओं के बिजली तथा पोस्टपेड मोबाइल बिल लेकर उनके उनके उपभोक्ता क्रमांक या मोबाइल नम्बर अपराधियों को व्हाट्सएप पर मैसेज कर बिल पेमेंट कराता था, नरेश कुमार को जुलाई माह में मानसा (पंजाब) से गिरफ्तार किया गया जो अभी भोपाल जेल में है।
मामले में साइबर पुलिस भोपाल द्वारा इस हाईटेक गिरोह के चार अन्य सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। अफसरों ने बताया कि गिरोह के सदस्य हार्क नेट से क्रेडिट/डेबिट कार्ड की जानकारी लेकर लोगों के बैंक एकाउंट हैक करते थे तथा आनलाईन सेवाओं की कार्पोरेट आईडी हैक कर बिजली बिल, पोस्टपेड मोबाइल बिल आदि का आनलाईन पेमेंट करते थे। आरोपी विशेष एयर लाईन के एयर टिकट बनाकर 70 प्रतिशत तक डिस्काउंट में बेचते थे, अफसरों ने बताया कि ग्रुप के सदस्य उपभोक्ता से सीधे सम्पर्क न कर बिल पेमेंट कराने वाले तथा ट्रेवल एजेंटों से समर्क करते थे तथा उन्हें 35-50 प्रतिशत तक डिस्काउंट आफर करते थे, ऐसे ही एजेंट नरेश कुमार तथा रतन उर्फ राजीव धनानी है। चारों आरोपी अभी पुलिस रिमाण्ड पर है, जिनसे पूछताछ पर गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी प्राप्त हुई है, जिन्हें गिरफ्तार किये जाने के प्रयास जारी है, आरोपियों द्वारा आपस में राशि ट्रांसफर करने के लिए ई-बालेट का उपयोग किया जाता था जिन्हें बकायदा फर्जी आईडी बनाकर केवाईसी वेरीफाई कराया गया था। गिरफ्तार किये गये आरोपी प्रीतम मिश्रा वर्ष 2005 से इसी तरह के अपराध में लिप्त है, जिसके खिलाफ नई दिल्ली के विभिन्न थानों में इंटरनेट बैंकिंग हैंकिंग एवं फोन क्लोनिंग के 6 मामले दर्ज है, तथा एक मामला मुम्बई में भी दर्ज है, आरोपी प्रीतम मिश्रा के देश में सक्रिय बडे साइबर अपराधियों से संबंध है तथा पूर्व में वह उनके साथ सह अभियुक्त बनाया गया है।
शातिर गिरोह के सदस्यों के बारे में अफसरों ने बताया कि गिरोह का मास्टर माइंड प्रांजल सिंह पिता ऐशबीर सिंह दिल्ली का रहने वाला है जो नामी पुनिवर्सिटी से बीटेक की पढाई कर रहा है। वहीं उसके पिता सेंट्रल गर्वमेंट के विभाग में आला अधिकारी है। प्रांजल के साथ ही सायबर सेल ने प्रीतम मिश्रा को दिल्ली के नजफगढ़, मोहित कुमार को हरियाणा के गुड़गांव, राजीव धनानी को कोलकाता और नरेश कुमार को पंजाब के मानसा से गिरफ्तार किया है। ठगी गई रकम आरोपी अपनी गर्लफ्रेंडों पर उड़ाने के साथ ही मौज मस्ती पर खर्च करते थे, उनकी अपराधी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जालसाज दिल्ली की सेवन स्टार होटल में रुका करते थे, हैरानी की बात यह है कि गिरोह के शातिर जालसाजों की एक दूसरे से पहचान सोशल नेटवर्क पर फैली डील एण्ड लूट्स जैसी बेवसाईटों की सर्चिंग के दौरान हुई थी, फिर वो सोशल मीडिया पर ही एक दूसरे के नजदीक आये और गिरोह बनाकर ठगी की वारदातें करने लगे।

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