बुरहानपुर,अपर सत्र न्यायधीश राजेश नन्देश्वर की अदालत ने हत्या और बलात्कार के मामले में आज मृत्यु दण्ड की सजा का फैसला सुनाया है, मई 2018 में ग्राम खडकोद की एक महिला के साथ दुष्क्रम कर उसकी हत्याकर सूखे कुऐं में फैकने का अपराध किया ग्राम के आरोपी बाडू के द्वारा उक्त अपराध को अंजाम दिया गया था आरोपी पहले ही अन्य अपराध के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था तथा जमानत बाहर था, आरोपी के अपराध को ध्यान में रखते हुए तथा अन्य साक्षो के आधार पर न्यायालय ने माना की मृत्यु दण्ड दिया जाना ही उचित है। न्यायालय के फैसले की जानकारी देते हुए लोक अभियोजक कैलाश नाथ गौतम ने बताया कि आरोपी का किया गया अपराधन घोर निन्दनीय होने तथा समाज के लिए घातक होने से उसका समाज में रहना उचित नही मानकर अपर सत्र न्यायालय ने यह सजा सुनाई जो बुरहानपुर न्यायालय के इतिहास में प्रथम है, इस के पूर्व बुरहानपुर न्यायालय द्वारा किसी को मृत्यु दण्ड की सजा नही सुनाई गई है।
पूरा मामला
जिला बुरहानपुर के थाना शिकारपुरा के ग्राम खड़कोद में दिनांक 17 मई 2018 को प्रकाश तायड़े ने उसकी पत्नी मनीषा तायड़े उम्र 32 वर्ष के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, रिपोर्ट पर गुम इंसान का मामला दर्जकर गुमशुदा की तलाश करने पर उसका शव गांव के बाहर एक सूखे कुंए में पाया गया था। महिला के शरीर पर वस्त्र नहीं थे। कुएं से करीब 500 मीटर दूर एक केले के खेत में गुमशुदा की चप्पल, खून से सना पेटीकोट व एक पुरुष की चप्पल पाई गई, शुरुआती जांच में सामने आया कि महिला को बलात्कार के पश्चात नृशंस हत्या कर शव को कुएं में फेंका गया था।
घटना पर थाना शिकारपुर में अपराध कायमकर विवेचना में लिया गया, अपराध की गंभीरता को देखते हुए इसे जघन्य/ सनसनीखेज की श्रेणी में रखा गया। पुलिस अधीक्षक पंकज श्रीवास्तव द्वारा तत्काल घटना स्थल का निरीक्षण कर अज्ञात आरोपी की पतारसी हेतु एक टीम का गठन किया गया, अंधे कत्ल में त्वरित कार्यवाही करते हुए दिनांक 18 मई 2018 को आरोपी बाडू पिता प्रकाश लहासे उम्र 34 वर्ष निवासी ग्राम खडकोद को गिरफ्तार किया गया, आरोपी पूर्व में न्यायालय द्वारा उम्र कैद की सजा से दण्डित किया गया था, जो सजा पूरी कर गांव वापस गया था। आरोपी के गिरफ्तारी के पश्चात मामले में धारा 303,364,376 (2) की इंजाफा किया गया, आरोपी के डीएनए सेम्पल जांच हेतु भेजे गये तथा 31 मई 2018 को चालान कताकर दिनांक 4 जून 2018 को न्यायालय पेश किया गया, प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी शिकारपुरा प्रकाश बास्कले द्वारा की गई।
उम्र कैद की सजा काटकर आये दुष्कर्म और हत्या के आरोपी को फांसी की सजा