बीजिग,हांगकांग में मैकडॉनल्ड्स के आउटलेट्स में आपको सैकड़ों लोग सोते हुए दिख जाएंगे। ये आउटलेटस 24 घंटे खुले होते हैं। पिछले पांच सालों में मैकडॉनल्ड्स के इन आउटलेट्स में रात को सोने वाले लोगों की संख्या में छह गुना बढ़ोतरी हुई है। नॉन प्रॉफिट जूनियर चैम्बर इंटरनेशनल (जेसीआई) ताई पिंग शान द्वारा इसको लेकर एक अध्ययन किया गया। इसमें पता चला है कि इस साल जून और जुलाई के दौरान मैकडॉनल्ड्स के ऑउटलेट्स में 334 लोग सोते हुए पाए गए। साल 2013 में इसकी संख्या सिर्फ 57 थी। ये सर्वे हांगकांग के 24 घंटे खुले रहने वाले मैकडॉनल्ड्स के 110 आउटलेट में किए गए। इसके तहत शोधकर्ताओं को पता चला कि यहां रात को सोने वाले सारे लोग बेघर नहीं होते हैं। करीब 70 फीसदी लोगों ने कहा कि उनके पास सोने की कोई जगह नहीं है। इनमें से कई लोग फुल टाइम या फिर पार्ट टाइम जॉब करते हैं। लेकिन कुछ लोग अपना घर होने के बावजूद यहां सोते है। इसकी सबसे बड़ी वजह है लोगों की कम आमदनी। 2017 के एक अध्ययन में पता चला है कि हांगकांग में घर काफी महंगे हैं। 1997 से अब तक घर की कीमतों में औसतन 770 डॉलर प्रति वर्ग फुट से बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा परिवारिक झगड़ों के चलते भी लोग मैकडॉनल्ड्स के आउटलेट पर रात बिताना पसंद करते हैं। कुछ लोग अपने घर में रात को इसलिए नहीं सोते हैं क्योंकि उन्हें अकेलापन महसूस होता है। एक बुजुर्ग महिला को अपने पति के निधन के बाद घर में अकेलापन लग रहा था तो वो मैकडॉनल्ड्स में सोने के लिए पहुंच गईं। सरकार को हालात को सुधारने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं। यहां हॉन्ग कॉन्ग में घरों के किराए काफी महंगे हैं। इसके अलवा यहां बिजली भी काफी महंगी है। कई घरों में खिड़कियां नहीं है। एयर कंडिशन चलाने के लिए लोगों को प्रति यूनिट दो डॉलर खर्च करने पड़ते हैं। ऐसे में लोग गर्मी से राहत पाने के लिए रात को मैकडॉनल्ड्स के आउटलेट में आ जाते हैं जहां उन्हें एयर कंडीशनर का मज़ा मुफ्त में मिल जाता है। इसके अलावा इन आउटलेट्स में इन्हें फ्री वाई फाई, सस्ते खाने और बाथरूम की सुविधा भी मिल जाती है।
मैकडॉनल्ड्स के आउटलेट 24 घंटे खुले होते हैं जिससे सोने वालों की संख्या खासी बढ़ी