यूनियन बैंक मेंं लोन का फर्जीवाड़ा उजागर शुभम् की जमीन पर सचिन को दे दिया लोन

जबलपुर, बैंकों से लोन लेने के फर्जीवाड़े एक के बाद एक सामने आ रहे हैं। पंजाब नेशनल बैंक, महाराष्ट्र बैंक के बाद अब यूनियन बैंक से लोन का फर्जीवाड़ा सामने आया है। बताया गया है कि केंट स्थित यूनयिन बैंक से वर्ष २०१७ में शुभम् पटेल के नाम से उसकी करीब दो एकड़ भूमि के एवज में ७ लाख रुपये का लोन लिया गया था। जब बैंक से नोटिस आया शुभम् के होश उड़ गये क्योंकि उसने कोई लोन लिया ही नहीं था। इस बात की लिखित शिकायत उसने केंट थाने में की। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो परतें उधड़ने लगीं और पूरे घटनाक्रम का मास्टर माइंड एक सेवानिवृत्त पटवारी राजकुमार यादव निकला जिसने सचिन को शुभम् बनाकर फर्जी तरीके से ७ लाख का लोन दिलवाया। पुलिस पटवारी व आरोपी को हिरास में लेकर पूछताछ कर रही है।
बैंक अधिकारी भी फर्जीवाड़े में शामिल …….
केंट थाना प्रभारी प्रवीण धुर्वे ने बताया कि लोन के इस फर्जीवाड़े में सुहागी निवासी पटवारी राजकुमार यादव और लोन देने वाला आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया है जिससे पूछताछ में यह बात उजागर हुई है कि लोन के फर्जीवाड़े में बैंक के अधिकारियों की भी मिलीभगत है। पुलिस इस मामले में बैंक के तत्कालीन प्रबंधक समेत, सर्च रिपोर्ट एवं मौके पर जाकर वेल्यूवेशन करने वाले बैंक अधिकारियों की भी तलाश कर रही है जिनसे पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें भी आरोपी बनाया जा सकता हैै।
पटवारी फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड …….
थाना प्रभारी प्रवीण धुर्वे ने बताया कि इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड रिटायर्ड पटवारी सुहागी निवासी राजकुमार यादव है। अब तक की पूछताछ की यह बात सामने आई है कि पटवारी की कई बैंकों में अच्छी पकड़ है। बैंक प्रबंधक से लेकर फील्ड अफसर तक उसकी अच्छी पकड़ है। एक पटवारी की हैसियत से उसे शहर की जमीनों और दस्तावेजों का भी अच्छाखासा नॉलेज है। यह बात भी सामने आ रही कि न केवल यूनियन बैंक बल्कि शहर के अन्य बैंकों से भी उसने लोन का फर्जीवाड़े किया है।
उधार मांगने वालों को निशाना बनाता था …….
पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि रिटायर्ड पटवारी जरूरतमंद लोगों को अपना निशाना बनाता था। अगर उसके पास कोई रुपये-पैसे उधार मांगने आता तो वह खट से उसे अपने निशाने पर लेता और बिना किसी परेशानी के बैंक लोन दिलवाने का झांसा देता। फिर जरुरतमंद व्यक्ति को बैंक ले जाकर उसके नाम से आवश्यकता से अधिक लोन राशि स्वीकृत करा देता था। कुछ राशि बैंक अफसरों को बांटता था और जरूरतमंद को उसकी राशि देकर बाकी राशि खुद हड़प जाता था। पुलिस धारा ४२०,४६७,४६८ के तहत् मामला दर्ज कर विवेचना कर रही है।

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