लखनऊ,योगी सरकार ने देवरिया में बच्चियों से जबरन वेश्यावृत्ति कराये जाने के खुलासे के बाद सवालों से घिरे बालिका संरक्षण गृह और स्थानीय प्रशासन के बीच सांठगांठ को स्वीकार किया है। इस सांठगांठ की ओर इशारा करते हुए मंगलवार को कहा कि इस गृह को बंद करने के आदेश के बारे में शासन-प्रशासन को मालूम था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रदेश की महिला एवं परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने बताया कि देवरिया में हुई घटना की जांच के लिए गई उनके विभाग की प्रमुख सचिव रेणुका कुमार और अपर पुलिस महानिदेशक (महिला हेल्पलाइन) अंजू गुप्ता की टीम ने पड़ताल की है। पड़ताल में सामने आया हैं कि जब महकमे ने जून 2017 में इस बंद करने का नोटिस देकर जिलाधिकारी को जानकारी दी थी तो उसके बावजूद वहां किन हालात में बच्चों को भेजा गया।
मंत्री ने कहा कि देवरिया के जिलाधिकारी को संरक्षण गृह बंद करने और उनमें रह रहे बच्चों को दूसरी जगह स्थानान्तरित करने के लिये कम से कम 15 नोटिस दिए गए। निदेशालय से पांच पत्र दिए गए। निश्चित रूप से स्थानीय स्तर पर लापरवाही हुई है। उन्होंने कहा,शासन और प्रशासन को साफ मालूम था कि इस बंद कर दिया गया है। इस बात की जांच की गई है कि जिलाधिकारी को भेज पत्रों पर कार्रवाई हुई या नहीं। जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी के रिकार्ड की भी जांच की जा रही है कि उन्होंने इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाई। बहरहाल,यह लापरवाही थी या साठगांठ, इस बारे में जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता लगेगा। यह रिपोर्ट मंगलवार की शाम मुख्यमंत्री के पास पहुंचेगी।’’
यूपी सरकार में मंत्री रीता ने बताया कि जांच टीम ने विस्तृत तफ्तीश की। संरक्षण गृह में रहने वाले बच्चों के अलग-अलग बयान दर्ज किए गए है। इसके साथ ही सारे रिकार्ड की जांच की। रिकार्ड में और जो कुछ संस्था के लोग कह रहे हैं, उनमें कोई तालमेल नहीं मिल रहा है। जब इस संरक्षण गृह को बंद करने के आदेश दिये गये थे तब उसमें 28 बच्चे थे,मगर अब 23 हैं। इनमें 20 लड़कियां और तीन लड़के हैं। संस्था संचालक का कहना है कि उनके यहां 42 बच्चे थे। बाकी बच्चों का पता लगाया जा रहा है। अगले 24 से 48 घंटे में पता लग जाएगा। मंत्री ने कहा कि सरकार ने इस मामले का खुलासा होने के बाद तत्परता से बिल्कुल निष्पक्ष कार्रवाई की है। मैं आश्वस्त कराना चाहती हूं कि परोक्ष प्रत्यक्ष रूप से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
देवरिया बालिका संरक्षण गृह मामले में स्थानीय स्तर पर हुई लापरवाही :रीता बहुगुणा