रीवा,रघुनाथ महाविद्यालय कॉलेज की बीए प्रथम वर्ष की छात्रा के अपहरण के छह माह बाद उसका शव मुंबई में मिलने के मामले में पुलिस मुख्यालय द्वारा जांच के निर्देश दिये गये हैं। बताया जा रहा है कि जांच रिपोर्ट आने पर दोषी कर्मियों पर गाज गिरना तय है । सूत्रों के मुताबिक मामले की जांच आला अफसर की निगरानी में की जायेगी। इस मामले में मृतका परिजनों के बयान दर्ज करने के साथ ही उन पुलिस कर्मियों के भी बयान दर्ज किये जायेंगे जिन पर परिजनों ने आरोप लगाये हैं। मृतका के परिजनों का आरोप है कि अगर हनुमना थाना पुलिस इस मामले में गंभीर होती तो छात्रा जिंदा होती है।
बुधवार को मृतक छात्रा के परिजन उसका शव लेकर पुलिस मुख्यालय भोपाल पहुंचे। जहां शव रखकर परिजनों ने हनुमना पुलिस के अफसरों की लिखित शिकायत डीजीपी से की। डीजीपी ऋषी कुमार शुक्ला ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि लापरवाह पुलिस कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। घटना में जानकारी के अनुसार रीवा की रहने वाली 17 वर्ष 8 माह की प्रिया शुक्ला रघुनाथ महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। वह 3 अक्टूबर 2017 को घर से कॉलेज पढ़ने गई थी। उसके बाद वह वापस घर नहीं लौटी । प्रिया के परिजनों ने अपनी शिकायत में बताया है कि घर से कॉलेज जाते समय उसका बीच में ही बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। जिसकी शिकायत करने के वह हनुमना थाने गए थे।लेकिन पुलिस चार घंटे बाद उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखी। जबकि इस दौरान आरोपित उसके अगवा कर ले जाने में कामयाब हो गए।तमाम कोशिश करने के बाद पुलिस को कोई सहयोग नहीं मिला। पुलिस मुझसे मेरी बहन का पता लगाने के लिए दस हजार रुपए मांगती रही, लेकिन उसकी खोजबिन की कोशिश नहीं की। इस दौरान आरोपी लल्लू यादव पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने इसकी शिकायत पूर्व में एसपी रीवा,आइजी रीवा से भी की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी दौरान मुंबई के भिवंडी में उनकी बहन का छह माह बाद शव मिला। जहां पर उसकी हत्या कर दी गई, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। परिजनों का कहना है कि डीजीपी से एक बार फिर से लापरवाह पुलिस अफसरों की इस पूरे घटनाक्रम को लेकर शिकायत की है। उन्होंने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।
रीवा की छात्रा का मुंबई में शव मिलने की घटना में लापरवाह पुलिस कर्मियों पर गिरेगी गाज