भोपाल,प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को दिए जाने वाले 7वें वेतनमान के एरियर्स ने सरकार का गणित बिगाड दिया है। एरियर्स वितरण से सरकार की वेतन वितरण व्यवस्था गड़बड़ा गई है। वित्त विभाग द्वारा अलग से राशि की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण वेतन मद से इसका भुगतान कर्मचारियों को किया जा रहा है। इसके चलते शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, पुलिस सहित कई महकमों में जनवरी का वेतन नहीं बंट पाया है। अब कर्मचारियों ने वित्त मंत्री और प्रमुख सचिव वित्त से मुलाकात कर जीरो बजट पर वेतन आहरित करने के आदेश जारी करने की मांग की है। वहीं, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव पंकज अग्रवाल का कहना है कि जहां दिक्कत आएगी वहां इसका समाधान किया जाएगा। गौरतलब है कि, प्रदेश के 56 सरकारी महकमों के साढ़े चार लाख कर्मचारियों को राज्य सरकार ने एक जुलाई 2017 से सातवां वेतनमान देने की घोषणा की है। अधिकांश कर्मचारियों को 7वें वेतनमान के एरियर्स की राशि दिसंबर माह में दी गई है। इस बार वित्त विभाग ने वेतन-भत्ते और जरुरी खर्चों को छोड़कर अन्य खर्चों पर रोक लगा रखी है।
नए वाहन खरीदी, नई योजनाओं, फर्नीचर और अन्य खरीदी के लिए वित्त विभाग की अनुमति अनिवार्य कर दी गई है। एक-एक कर्मचारी को एरियर्स के रूप में औसतन 50 से 60 हजार रुपए की राशि दी जा रही है। एरियर्स में काफी राशि निकल जाने से वेतन मद में राशि नहीं बचने के कारण वेतन मद से जनवरी का वेतन कोषालयों से नहीं निकल पा रहा है। भोपाल में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के चार सौ कर्मचारियों को जनवरी का वेतन नहीं मिला है। धर्मस्व विभाग में भी बजट पर रोक के कारण वेतन-भत्ते वितरण में दिक्कत आ गई है। शिक्षा, स्वास्थ्य, वन,उच्च शिक्षा, पुलिस महकमें में पदस्थ हजारों कर्मचारियों को जनवरी का वेतन नहीं मिल पाया है। इस बारे में राज्य कर्मचारी कल्याण समिति मप्र के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा का कहना है कि 7वें वेतनमान के एरियर्स भुगतान और अन्य मदों में खर्च पर वित्त विभाग की रोक के कारण कई विभागों के हजारों कर्मचारियों को जनवरी का वेतन नहीं मिल पाया है। वित्त मंत्री जयंत मलैया और प्रमुख सचिव वित्त पंकज अग्रवाल से मिलकर समस्या बताई है और उनसे जीरो बजट पर वेतन आहरित करने के आदेश जारी करने की मांग की है। इसी तरह तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के महामंत्री लक्ष्मीनारायण शर्मा का कहना है कि शिक्षा, पुलिस, वन, स्वास्थ्य विभाग के हजारों कर्मचारियों को जनवरी का वेतन नहीं मिल पाया है। इससे काफी दिक्कत हो रही है।