बागपत/लखनऊ,उप्र के बागपत जिले में गुरूवार को हुए एक ह्नदयविदारक हादसे में नाव पलटने से 22 लोगों की डूबकर मौत हो गयी। बताया जाता है कि नाव में सवार होने वाले सभी पेशे से मजदूर थे और यमुना पार कर पड़ोसी राज्य हरियाणा में मजदूरी करने जा रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। इस हादसे में दस लोगों को बचा भी लिया गया है। मृतकों में अधिकतर महिलायें हैं। उधर, इस हादसे से आक्रोषित लोगों ने कुछ शवों को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर रखकर रास्ता जाम कर दिया। बाद में भीड़ उग्र हो गयी और पुलिस बल पर पथराव के साथ ही आगजनी भी की। वहीं, घटना की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे में मरने वालों के परिजनों के लिए दो लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। इस हादसे पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व राज्यपाल राम नाईक ने भी दुख व्यक्त किया है।
प्राप्त विवरण के मुताबिक गुरूवार सुबह थाना कोतवाली क्षेत्रान्तर्गत ग्राम कांठा व् आसपास के गांव लगभग 40-50 स्त्री पुरूष नाव से यमुना नदी पार करके खेतों में मजदूरी करने के लिये हरियाणा क्षेत्र में जा रहे थे। इसी दौरान करीब सात बजे जब नाव यमुना नदी के बीच में पहुंची ही थी कि अनियंत्रित होकर पलट गयी। इस हादसे में 22 लोगों की डूबने से मौत हो गयी। मृतकों में 14 महिलाएं शामिल हैं। वहीं नाव में सवार रहे आठ अन्य लोगों को नदी से निकाल कर इलाज के लिए मेरठ भेजा गया है। जबकि तीन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब तक 10 लोगों को सकुशल बचाया गया, शेष की तलाश की जा रही है। हादसे के बाद नाव चालक रिजवान नाव छोड़कर भाग गया। उधर, ग्रामीणों ने कुछ शवों को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर रखकर रास्ता जामकर दिया और मुआवजा की मांग करने लगे। स्थानीय पुलिस एवं प्रषासन ने आक्रोषित लोगों को शांत कराने व शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने को कहा। जिसके बाद गुस्साये ग्रामीणों द्वारा पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया गया, जिसमें प्रभारी निरीक्षक बागपत व एक महिला आरक्षी गम्भीर रूप से घायल हो गयी। एसडीएम बागपत की गाड़ी के शीशे तोड़ दिये। महिला हेल्प लाइन की गाड़ी में आग लगा दी। बताया जाता है कि नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे।
बागपत में नाव पलटने के बाद उग्र प्रदर्शन, पथराव, आगजनी