नई दिल्ली,केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए 13 मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। मोदी कैबिनेट में कुछ नए चेहरों को स्थान दिया गया, जबकि चार मौजूदा मंत्रियों का प्रमोशन किया गया। ताजा विस्तार में मुख्तार अब्बास नकवी, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल और धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट मंत्री दर्जा दिया गया है। रविवार सुबह साढ़े दस बजे शुरू हुए शपथ ग्रहण समारोह में इन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।
शपथ ग्रहण समारोह साढ़े दस बजे शुरू होना था, लेकिन करीब पांच मिनट देरी से शुरू हो पाया। क्योंकि अतिथियों के लिए लगाई गई कुर्सियों पर बैठी एक बुजुर्ग महिला, जो संभवत पीयूष गोयल के परिवार से थीं, अचानक बेहोश हो गईं। उन्हें दरबार हॉल में ही कोई दवा दी गई। इसके बाद उन्हें स्ट्रेचर पर बाहर ले जाया गया। इसकी वजह से कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी मच गई। कैबिनेट मंत्री के तौर पर पहली शपथ धर्मेंद्र प्रधान ने ली। वह पद और गोपनीयता की शपथ लेते समय ‘संसूचित’ शब्द का ठीक से उच्चारण नहीं कर पाए तो राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें टोक दिया। इसके बाद उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ फिर से दोहरानी पडी। इससे पहले जब रामनाथ कोविंद बिहार के राज्यपाल थे, तब भी उन्होंने तेजप्रताप यादव को गलत उच्चारण के लिए टोका था। उन्हें भी दोबारा शपथ लेनी पड़ी थी।
निर्मला सीतारमण, हरजीत पुरी और अल्फोंस कन्नथनम के अलावा सभी लोगों ने हिंदी में शपथ ली। इन तीनों लोगों ने अंग्रेजी में शपथ ली। विपक्ष की तरफ से सिर्फ गुलाम नबी आजाद शपथ ग्रहण समारोह में दिखाई दिए। जेडीयू का कोई नेता शपथ ग्रहण समारोह में नहीं आया। राष्ट्रपति भवन के अधिकांश समारोहों में मौजूद रहने वाले लालकृष्ण आडवाणी भी इस अवसर पर मौजूद नहीं थे। उमा भारती भी नहीं आई थी। जिन मंत्रियों ने इस्तीफे दिए हैं, उनमें कलराज मिश्र, संजीव बालियान, फग्गन सिंह कुलस्ते और महेंद्र नाथ पांडेय शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद थे। कलराज मिश्र और संजीव बालियान शपथ लेने वाले मंत्रियों के पास जाकर उनसे मिले। गुलाम नबी आजाद भी शपथ लेने वाले मंत्रियों के पास जाकर सबसे मिले और अश्वनी चौबे को गले भी लगाया।
आगे की कुर्सी में सबसे किनारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठे थे, उन के बगल में अमित शाह फिर राजनाथ सिंह और अरुण जेटली बैठे थे। सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने पत्रकारों से मजाक किया कि हम तो इसी में खुश हैं कि चलो नौकरी बच गई। अमित शाह मोदी से कुछ देर पहले पहुंचे और तमाम मंत्री उनके पास जाकर उनका अभिवादन कर रहे थे। अमित शाह थावरचंद गहलोत से काफी देर तक कुछ बातें करते रहे। एआईएडीएमके से थंबीदुरई समारोह में मौजूद थे। शपथ ग्रहण समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन की यात्रा पर रवाना हो गए।
बुजुर्ग महिला बेहोश हुई, शपथ ग्रहण समारोह में हुई देरी,प्रधान को सही उच्चारण के लिए राष्ट्रपति ने टोका