पटना,पटना के गांधी मैदान में बीते रविवार को आयोजित “भाजपा भगाओ, देश बचाओ” महारैली में किए गए बेहिसाब खर्च को लेकर आयकर विभाग ने राष्ट्रीय जनता दल पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आयकर विभाग ने राजद को नोटिस जारी कर रैली पर किए गए बेहिसाब खर्च का ब्यौरा मांगा है।
आयकर विभाग ने राजद से पूछा है रैली के लिए धन किस तरह जुटाया गया। राजद के संयोजकत्व में आयोजित इस महारैली में देश के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बिहार में महागठबंधन टूटने के बाद राजद के लिए इस रैली का आयोजन प्रतिष्ठा का सवाल बन गया था। इस लिए इस पर बेहिसाब पैसा खर्च किया गया। रैली में हिस्सा लेने के लिए कार्यकर्ताओं को पटना तक लाने ले जाने के अलावा उनके रहने-खाने का भी पूरा प्रबंध किया गया था। कार्यकर्ताओं को खिलाने-पिलाने और ठहराने की व्यवस्था का जिम्मा राजद के 80 विधायकों, सात पार्षदों और तीन सांसदों ने संभाल रखा था।
इसके लिए बड़े-बड़े शामियाने लगाए गए थे। महारैली का आयोजन प्रशासन के लिए भी बड़ा सरदर्द बन गया था। महारैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 7000 से अधिक पुलिस जवानों के अलावा एक हजार मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति की गई थी। रविवार को महारैली के आयोजन को लेकर आयकर विभाग ने एक बार फिर लालू परिवार पर शिकंजा कसा है। इससे पहले मंगलवार को आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय की संयुक्त टीम ने लालू के छोटे बेटे और पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से बेनामी संपत्ति के मामले में घंटों पूछताछ की थी। इसके अलावा आयकर विभाग ने मंगलवार को ही लालू की पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से भी इसी मामले में पूछताछ की थी।
लालू की “भाजपा भगाओ, देश बचाओ” महारैली पर आयकर विभाग की नजर टेढ़ी