रोगी कल्याण समिति के कामकाज में होगा फेरबदल

भोपाल, प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग रोगी कल्याण समिति के कामकाज में फेरबदल करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत अस्पताल की एक्जीक्यूटिव बॉडी को ज्यादा अधिकार दिए जाएंगे। अस्पतालों का प्रबंधन संभालने वाली रोगी कल्याण समिति में अब जिले के प्रभारी मंत्रियों की भूमिका भी कम हो जाएगी। सूत्रों के मुताबिक रोगी कल्याण समितियों को अब अस्पताल के फैसले लेने के लिए साधारण सभा की अनुमति नहीं लेनी होगी, बल्कि साल में दो बार होने वाली बैठक में फैसले की सिर्फ जानकारी देनी होगी। बताया जा रहा है कि ऐसा प्रभारी मंत्रियों की समिति की बैठक में बहुत कम रुचि लेने के कारण किया जा रहा है। इससे अस्पताल के कामकाज भी प्रभावित हो रहे थे।
जानकारी के मुताबिक अस्पताल में होने वाले खर्चे और अन्य व्यवस्थाओं के लिए एक्जीक्यूटिव बॉडी को ज्यादा अधिकार दिए जा रहे हैं। वहीं प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता वाली साधारण सभा की बैठक सिर्फ औपचारिकता रहेगी। सूत्रों का कहना है कि अब नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रोगी कल्याण समिति नहीं बनाने का फैसला भी हुआ है। हालांकि इन सभी प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। रोगी कल्याण समिति अस्पतालों में तकनीकी स्टाफ केस आधार पर रख सकेगी। खर्चों में कटौती करने के लिए यह फैसला लिया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक तकनीकी स्टाफ सैलरी के आधार पर रखा जाता था। सरकार खर्चों में कटौती के लिए यह कदम उठाने जा रही है।

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