भोपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आमजन को बड़ी राहत देते हुये डीजल और पेट्रोल में लगने वाले वैट की दर में कमी करने की घोषणा की है। उन्होंने डीजल पर डेढ़ रूपये प्रति लीटर के अतिरिक्त अधिभार को भी समाप्त कर दिया है। यह दरें आज मध्यरात्रि से प्रभावशील होंगी। वैट कम होने से डीजल प्रति लीटर जो पहले 63 रूपये 31 पैसे में मिल रहा था वह अब 59 रूपये 37 पैसे में मिलेगा।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आम जनता और किसानों की आवश्यकताओं और उन्हें राहत देने के उद्देश्य से पेट्रोल, डीजल के भावों में कमी का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि डीजल की कीमतें घटने से माल भाड़ा दरें भी कम होंगी। वस्तुएँ सस्ती होंगी। श्री चौहान ने बताया कि डीजल पर पाँच प्रतिशत वैट में कमी की गयी है। साथ ही डीजल पर लगने वाले अतिरिक्त अधिभार में प्रति लीटर एक रूपये पचास पैसे को खत्म कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल पर भी लगने वाले वैट को तीन प्रतिशत कम कर दिया गया है।
अभी भी प्रदेश में सबसे महंगा है पेट्रोल-डीजल
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने पेट्रोल-डीजल पर राज्य सरकार द्वारा कम किए गए वैट दर को ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर राहत बताया है। नेता प्रतिपक्ष सिंह ने कहा कि केंद्र के दबाव में मजबूरी में लिया गया शिवराज सरकार का यह फैसला जनता के साथ छलावा है। आज भी प्रदेश में अन्य राज्यों की तुलना में सबसे महंगा पेट्रोल-डीजल है। नेता प्रतिपक्ष सिंह ने कहा कि जनता की जेब में पिछले 14 साल से वैट और अतिरिक्त कर लगाकर डाका डाल रही है। केंद्र सरकार और प्रदेश में उपचुनाव को देखते हुए सरकार का मजबूरी में लिया गया फैसला जनता के साथ धोखाधड़ी है।
सिंह ने कहा कि डीजल पर वैट के अलावा डेढ़ रूपया प्रति लीटर अतिरिक्त अधिभार समाप्त कर दिया लेकिन पेट्रोल पर 4 रूपए प्रति लीटर लिए जा रहे अतिरिक्त कर को समाप्त नहीं किया। सरकार ने जनता से इस जबरिया वसूली से वर्ष 2016-17 में लगभग 9 हजार करोड़ रूपए वसूले हैं। केंद्र सरकार ने पूरे देश से पौने तीन लाख करोड़ की वसूली की है। राज्य सरकार अब तक 77 रूपए प्रति लीटर पेट्रोल पर 42 रूपए 58 पैसे अतिरिक्त कर के रूप में ले रही थी जिसमें 21 रूपए 48 पैसे केंद्र सरकार का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि यह जबरिया कर है जो सरकार जनता से वसूल रही थी। यह कर अभी भी लागू है इसलिए सरकार सिर्फ लॉलीपॉप देकर ढिंढोरा पीटने की तैयारी कर रही है, ताकि उपचुनावों में वह जनता को बरगला सके।