महिलाओं का पन्ना 1

कामकाज़ी महिलाओं इस प्रकार निखारें सौंदर्य
कामकाज़ी महिलाओं को घर और बाहर की दौहरी जिम्मेदारी निभानी पड़ती है, ऐसे में हर दिन काम आनेवाले ये आसान-से सौंदर्य नुस्ख़े मिनटों में आपकी सौंदर्य से जुड़ी उलझनों को सुलझा देंगे
टी-शर्ट से बालों को सुखाएं
क्या आपके पास बालों को हवा में सुखाने या ब्लो-ड्राय करने का समय नहीं है? तो कॉटन टी-शर्ट से अपने गीले बालों को पोछें. कॉटन टी-शर्ट तौलिए की तुलना में बालों को जल्दी सुखाते हैं.
सीरम में मॉइस्चराइज़र मिलाएं
क्या आपको मीटिंग के लिए देर हो रही है और आपके पास सुबह-सुबह की अपनी ब्यूटी रूटीन को फ़ॉलो करने तक का समय नहीं है? तो अपने मॉइस्चराइज़र में फ़ाउंडेशन और सीरम की कुछ बूंदें मिलाकर अपना बीबी क्रीम ख़ुद ही तैयार करें।
बेबी पाउडर की मदद से पाएं घनी लैशेस
यदि नकली लैशेस लगाना आपके बस का न हो तो मस्कारा लगाने से पहले अपनी लैशेस पर बेबी पाउडर लगाएं। फिर मस्कारा के कुछ कोट्स लगाकर पाएं वॉल्यूम से भरपूर घनी लैशेस।
दुर्गंध को दूर रखने के लिए करें बेकिंग सोडा का इस्तेमाल
क्या आपका डीओडरन्ट ख़त्म हो गया है? तो घबराने की ज़रूरत नहीं है, आर्मपिट पर थोड़ा-सा बेकिंग सोडा छिड़कें और पूरे दिन दुर्गंध से दूर रहें।
बर्फ़ से कर दें मुहांसों की छुट्टी
त्वचा के लाल पड़े हिस्सों, सूजन, मुहांसों को हल्का करने के लिए त्वचा पर बर्फ़ रगड़ें। आइस क्यूब तुरंत राहत देता है। इसके अलावा यह त्वचा में कसावट लाने में मदद करता है।
झिलमिलाता लुक पाने का तरीक़ा
कॉन्टूर करने के बजाय नमीयुक्त चमकीला लुक पाने की कोशिश करें। इसमें समय भी कम लगता है और यह आपके नैन-नक़्श को भी उभारने में मदद करता है। अपनी नाक के ब्रिज, ठोढ़ी, ब्रो बोन और गालों के उभारों पर हाइलाइटर थपथपाएंध्1
पेट्रोलेयिम जेली से कर लें दोस्ती
यदि सलून जाकर पैडिक्योर और मैनिक्योर करवाने का समय आपके पास नहीं है तो रात में अपने हाथ और पैर पर ढेर सारी पेट्रोलियम जेली लगाएं और मोज़ा पहनकर सो जाएं. यह आपकी त्वचा को नैसर्गिक मॉइस्चर देता है और आपके हाथ-पैर चिकने और मुलायम नज़र आते हैं।
थकी हुई आंखों को तरोताज़ा बनाएं
क्या ऑफ़िस के काम और देर रात तक जागने की वजह से आपकी आंखें थकी हुई और बेजान नज़र आने लगती हैं? आंखों को तुरंत तरोताज़ा और दमकता हुआ दिखाने के लिए आंखों के निचली वाटरलाइनर पर वाइट काजल लगाएं। इसके बाद ऊपरी पलकों पर ब्राउन काजल या लाइनर लगाएं।

शादी में जाने ऐसे हो तैयारी
शादी ब्याह का सीजन करीब है। ऐसे में सभी महिलाएं इस सीजन से पहले अपनी खूबसूरती निखारना चाहती हैं। वहीं चेहरे पर पिंपल व ऐक्नें आंखों के नीचे काले घेरे और झुरियां होने के कारण आप संशय में हैं कि इस खास मौके के लिए इतनी जल्दी कैसे तैयार हो पाएंगी या अगर आप बढ़ते वजन के कारण खुद को अलग दिखाने की चाहत पूरी न होनी से परेशान हैं तो
कुछ जरूरी बातों पर ध्यान दें। इससे अपनी समस्यें हल जो जाएंगी।
शादी के सीजन में महिलाएं अधिकतर चेहरे की मसाज और फेशियल कराने के लिए बहुत ज्यादा उत्सुक दिखाई देती हैं। उनके बीच एक आम धारणा रहती है कि ये सब कराने से उन्हें ऐंक्नों से राहत मिल जाएगी पर फेशियल और मसाज कराने से ऐक्नों की टेन्डेंसी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। इसलिए मसाज और फेशियल से परहेज करें।
त्वचा को रूखेपन से बचाने के लिए सर्दी के मौसम में भी मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करें। इससे चेहरे का ग्लो बना रहता है।
स्किन में साबुन ज्यादा न लगायें। इससे रुखापन आता है।
प्रतिदिन 2 लिटर पानी जरूर पिएं। यह त्वचा की ड्राइनेस और झुरियां दूर करता है।
धूप विटामिन डी का सबसे बड़ा स्रोत है। इसलिए सुबह 7 बजे से 9 बजे के बीच सनबाथ लेना बहुत लाभदायक है। किंतु इसके बाद धूप में जाने से परहेज करें।
ऐक्नों की समस्या होने पर लगभग 3 महीने पहले स्किन विशेषज्ञ से मिलें।
खानपान का हमारी त्वचा पर सीधा असर देखने को मिलता है। इसलिए त्वचा को रूखेपन से बचाने के लिए खीरा, गाजर, मूली और नींबू का इस्तेमाल करें। भूख के अनुसार ही समय पर भोजन करें।
खूबसूरती निखारने के लिए सुपर फूड, जैसे- बेरीज और एवोकैडो को अपने डायट में शामिल कर सकते हैं। विटामिन ई से भरपूर फूड लेने से त्वचा खूबसूरत बनेगी।
सलाद-फल खाएं और काफी मात्रा में पानी पीएं। इससे आपका वजन तो कम होगा ही, साथ ही त्वचा पर ग्लो भी आयेगा।
जंक फूड का सेवन न करें।
इसके अलावा योग और पर्याप्त नींद से भी ताजगी आयेगी।

चेहरे से इस प्रकार हटाये जा सकते हैं बाल
कुछ महिलाओं के चेहरे पर बाल काफी ज्यादा होते हैं। बाल कम हों तो उसे थ्रेड से निकाला जा सकता है लेकिन जब बाल बहुत अधिक हो तो वैक्स का इस्तेमाल करना पड़ता है। चेहरे के बालों को हटाने के लिए किसी भी तरीके को अपनाने से पहले आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
यदि चेहरे के बाल ज्यादा लंबे हैं तो उसे वैक्सिंग से ही हटाना चाहिए। थ्रेड से दर्द भी ज्यादा होगा और बाल पूरी तरफ से हटेंगे भी नहीं।
चेहरे पर सही तरह के वैक्स का प्रयोग करना चाहिए। शरीर पर इस्तेमाल किए जाने वाले वैक्स से ये वैक्स थोड़ा स्मूद (नर्म) होना चाहिए।
शरीर से ज्यादा चेहरे पर वैक्स करने में दर्द होता है लेकिन यह दर्द कुछ समय के लिए ही रहता है।
सबकी त्वचा एक-दूसरे से अलग होती है। संवेदनशील त्वचा वाले वैक्सिंग से पहले किसी स्पेशलिस्ट की सलाह ले लें।
वैक्स करने के बाद चेहरा थोड़ी देर के लिए लाल हो सकता है पर इससे घबड़ाना नहीं चाहिए। वैक्स के बाद चेहरे पर अच्छा सा मॉइश्चराइजर लगाना चाहिए।

स्मॉग से इस प्रकार त्वचा को बचाएं
आजकल शहरों में वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है जो सेहत के साथ ही सुंदरता के लिए भी खतरा है। वायु प्रदूषण (स्मॉग) से त्वचा को भी काफी नुकसान हो रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के शीर्ष 20 सबसे प्रदूषित शहरों में से आधे भारत में हैं। ऐसे में त्वचा को खास ख्याल की जरूरत होती है। त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण हमारी त्वचा का सबसे बड़ा दुश्मन होता है।
दरअसल, हवा में मौजूद धूल हमारी त्वचा की कोशिकाओं मे ऑक्सीजन के स्तर को कम कर देता है। त्वचा में ऑक्सीजन की कमी के कारण समय से पहले ही झुर्रियां पड़ जाती हैं। साथ ही यह धूल में मौजूद फ्री रेडिकल्स त्वचा को पूरी तरह से नष्ट करने के साथ ही कोलेजन को बनने से रोकता है।
प्रदूषण से सिर्फ झुर्रियां ही नहीं बल्कि त्वचा रुखी भी पड़ जाती है। त्वचा पर एलर्जी की वजह से जगह-जगह लाल धब्बे पड़ जाते हैं और कील मुहांसे भी काफी ज्यादा निकलने लगते हैं पर कुछ सावधानी रखकर आप अपनी त्वचाको को खराब होने से बचा सकती हैं।
प्रतिदिन हर 4 घंटे बाद अपने स्किन पर क्लींजर और टोनर लगाएं।
हानिकारक यूवी किरणों से अपनी स्किन को बचाने और तरोताजा रखने के लिए रोजाना सन स्क्रिन जरूर लगाएं।
जीवाणुओं से होने वाले संक्रमण से बचने के लिए अपने हाथों पर हमेशा सेनिटाइजर लगाएं।
अपने चेहरे को बार बार हाथ न लगायें क्योंकि ऐसा करने से आपके हाथों के जीवाणु आपके चेहरे की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
हवा में मौजूद धूल आपकी त्वचा के रोम छिद्र को बंद कर देती है, जिससे त्वचा सांस नहीं ले पाती। इससे आपकी त्वचा में ब्लैक हेड्स और कील मुहांसे निकल आते हैं। इसलिए सप्ताह में 2 बार स्क्रब का इस्तेमाल जरूर करें, खासकर जिनकी तैलीय त्वचा है।
दिन में तकरीबन 4 लीटर तक पानी पिएं। घर से बाहर निकलते वक्त भी पानी पिएं। इससे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई सही बनी रहेगी और वातावरण में मौजूद जहरीली गैसें अगर ब्लड तक पहुंच भी जाएंगी तो कम नुकसान पहुंचाएंगी।
ऐसे जहरीले स्मॉग में बाहर जाना सबकी मजबूरी होती है लेकिन बाहर से आने के बाद अपने चेहरे को हल्के गुनगुने पानी से जरूर धोएं।
नहाने के बाद हल्के हाथों से तौलिए का इस्तेमाल करें। संभव हो तो नहाने के तुरंत बाद नारियल के तेल से या किसी ऑयली बॉडी लोशन से पूरे शरीर पर मसाज करें।

दमकती त्वचा पाने बनाये फ्रूट पैक
हर कोई दमकती हुई त्वचा चाहता है। इसके लिए हम बाज़ार से महंगी क्रीम भी खरीद लेते हैं लेकिन इन क्रीम्स के ज़्यादा इस्तेमाल से स्किन खराब ही होती है। शुरू में आपको त्वचा पर निखार ज़रूर दिखेगा, लेकिन बाद में रसायनों की अधिकता से संक्रमण का डर रहता है। इसीलिए हम आपको घर पर ही बिना रसायनों के फ्रूट पैक बनाना सिखा रहे हैं।
सभी तरह की त्‍वचा के लिए मॉश्‍चराइजिंग ट्रीटमेंट
दिन में खूब सारा पानी पीने से फर्क तो पड़ता ही है, पर साथ ही ज़रूरी है कि आप चेहरे पर फलों का रस भी लगाएं। इससे आपके चेहरे पर तत्काल निखार आ जाता है और त्वचा को पर्याप्त मात्रा में पोषण भी मिलता है।
केला, सेब, पपीता, रुचिरा, तरबूज जैसे फलों से बना फेसपैक हर तरह की त्वचा पर लगाया जा सकता है। एन्जाइम से भरपूर पपीता मृत कोशिकाओं को हटा कर नई कोशिकाओं के निर्माण में मददगार होता है। केले से त्वचा में रौनक आती है। सेब और संतरा विटामिन और मिनरल से भरपूर होते हैं। रुचिरा एक अच्छा एंटीऑक्सीडेंट है। यह एजिंग प्रॉसेस को कंट्रोल करता है। तरबूज से त्वचा में पानी की पूर्ति होती है। इन फलों से बने फेसपैक को लगाने के 30 मिनट बाद चेहरे धो लें और फिर देखिए निखार।
चमकते बालों के लिए ज़रूरी नहीं है कि आप हर बार पार्लर ही जाएं, क्योंकि अगर घर बैठे ही आपको बालों की देखभाल करने के नुस्खे पता लग रहे हैं, तो कोई इस मौके को कैसे मिस कर सकता है। इसके लिए उबली हुई चाय की पत्तियों को फिर से पानी में उबालें। उबालने के बाद आपके पास कम से कम चार कप चाय का पानी बचना चाहिए। इसे ठंडा होने दें और छान लें। इसमें एक नींबू का रस मिलाएं और इससे बाल धोएं।

शेपवेअर खरीदते समय रखें ध्यान
बढ़ते वजन से आजकल कई महिलाएं परेशान हैं। इसके लिए वे डायटिंग, ट्रेडमिल, योगा और आदि का सहारा ले रही हैं। पर अगर आप सोचती हैं कि रातों-रात आपका वजन घट जाएगा और आप स्लिम-ट्रिम हो जाएंगी तो ऐसा बिलकुल नहीं है हां शेपवेअर का इस्तेमाल कर आप अपना बेली फैट घटाकर स्लिम दिख सकती हैं पर शेपवेअर खरीदने इन जरूरी बातों का ध्यान रखें
सही साइज का खरीदें
जरूरत से ज्यादा पतली दिखने के चक्कर में कई बार महिलाएं और लड़कियां छोटे साइज का शेपवेअर खरीद लेती हैं। इससे आपको असुविधा और कष्ट भी होने लगता है। इतना ही नहीं, अगर आप अपने साइज से एक साइज बड़ा शेपवेअर खरीदेंगी तो अपने शरीर का फैट छिपाने का और पतला दिखने का आपका मकसद पूरा ही नहीं होगा। लिहाजा यह बेहद जरूरी है कि आपको अपना सही साइज पता हो और आप उसी साइज का शेपवेअर खरीदें।
खरीदने से पहले ट्रायल जरूर करें
ऑनलाइन भले ही कितनी भी अच्छी डील क्यों न मिल रही हो लेकिन आपको शेपवेअर ऑनलाइन नहीं खरीदना चाहिए। शेपवेअर को हमेशा ट्रायल करने के बाद ही खरीदना चाहिए ताकि साइज की दिक्कत न हो। अगर आप अपने साइज को लेकर आश्वस्त हैं उसके बाद भी आपको शेपवेअर को ट्रायल करने के बाद ही खरीदना चाहिए क्योंकि कई बार अलग-अलग कंपनियों का साइज अलग-अलग होता है।
सिट ऐंड टेस्ट
यह एक बेहद महत्वपूर्ण टेस्ट है। जब भी शेपवेअर खरीदने से पहले ट्रायल करें तो बैठकर जरूर देख लें। ऐसा करने से आपको यह पता चल जाएगा कि आप उस शेपवेअर में कितना कंफर्टेबल महसूस कर रही हैं और इसे पहनकर आप देर तक रह पाएंगी या नहीं। अगर शेपवेअर पहनकर आपको अनईजी या जकड़न जैसा महसूस हो रहा हो तो इसका मतलब है कि यह आपके साइज का नहीं है।
अपनी जरूरत के मुताबिक खरीदें
अगर आप शेपवेअर खरीदने जा रही हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि आपकी जरूरत क्या है। अगर आप सिर्फ अपने फिगर की आउटर लाइन्स को हाइलाइट करने के लिए शेपवेअर खरीद रही हैं तो लाइटर फैब्रिक का शेपवेअर खरीदें। लेकिन अगर आप चाहती हैं कि आपका फिगर ट्रांसफॉर्मेशन हो जाए तो शेपवेअर का फैब्रिक हेवी कॉन्टेंट वाला नाइलॉन और कम्प्रेशन जोन वाला होना चाहिए।

हेयर मास्क से रहेंगे खूबसूरत और रेशमी बाल
हर लड़की चाहती है कि उसके बाल लंबे, घने और खूबसूरत हो। चेहरे के साथ-साथ बाल भी पर्सनैलिटी को बढ़ाते है। इसलिए चेहरे के साथ-साथ बालों का खूबसूरत होना भी बहुत जरूरी है पर बदलते मौसम और प्रदूषण के कारण बालों में रूखापन, हेयर फॉल और ड्रैंडफ जैसी समस्याएं होने लगती है। लड़कियां इन परेशानियों को दूर करने के लिए कई मंहगे ट्रीटमेंट इस्तेमाल करती है पर कुछ घरेलू उपाय से इस समस्या को आसानी से दूर किया जा सकती है। समय की कमी होने के कारण महिलाएं घरेलू उपाय नहीं अपना पाती। ऐसे में एक ऐसा ओवरनाइट हेयर मास्क आया है जिससे इन सभी कठिनाइयों से राहत मिल जाएगी। अगर आप भी अपने बाल स्मूथ और शाइनी बनाना चाहती है तो जरूर ट्राई करें ये हेयर मास्क।
डैंड्रफ के लिए
टेबलस्पून फ्रेश एलोवेरा जेल और एक टेबलस्पून नारियल तेल को अच्छी तरह मिलाएं। इसे स्कैलप पर लगाकर किसी चीज से कवर करके छोड़ दें। सुबह उठकर सिर को शैम्पू से धो लें। हफ्ते में 3 बार लगातार इसका इस्तेमाल ड्रैंडफ की समस्या को खत्म कर देगा।
पतले और झड़ते बाल
रात को सोने से पहले 3 टेबलस्पून प्याज के रस और एक टीस्पून शहद मिलाकर स्कैलप पर लगाएं। सुबह शैम्पू से सिर धो लें। नियमित रूप से इसका इस्तेमाल हेयर फॉल को खत्म करके बालों को मोटा बना देगा।
सिल्की और स्मूद बाल
टेबलस्पून शहद और 1 टीस्पून दूध मिलाकर कपास की मदद से स्कैलप पर लगा लें और मसाज करें। अगर आपके बाल ज्यादा ड्राय है तो आप फ्रेश मिल्क क्रीम का इस्तेमाल करें। इससे आपकी सारी परेशानी दूर हो जाएगी।
नरम ओर रेशमी बाल
एक पके हुए केले में दा टेबलस्पून दही मिलाकर रातभर के लिए छोड़ दें। सोने से पहले इसे शावर कैप से कवर कर लें। सुबह उठकर मिनरल शैम्पू से सिर धो लें। कुछ हफ्तों में ही आपके बाल नरम और रेशमी नजर आयेंगे

मेकअप हटाने में रखें सावधानियां
खूबसूरत दिखने के लिए आप मेकअप करती हैं पर क्या आप जानती हैं मेकअप लगाना जितना ज़रूरी है उतना ही ज़रूरी है मेकअप को सही प्रकार से हटाना भी। कई महिलाएं अपने चेहरे से मेकअप ना हटाकर स्किन (त्वचा) के साथ अन्याय करती हैं। इससे वक्त से पहले उनकी त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है, जो बाद में मेकअप की मदद से भी ग्लोइंग नहीं बनती। इसीलिए जब भी मेकअप लगाएं तो उसे हटाने के लिए भी पांच मिनट निकालें।
मेकअप की ये 5 गलतियां आपको दिखा रही हैं उम्र से बूढ़ा​
अपनी स्किन को क्लीजिंग, टोनिंग और मॉइश्चराइजिंग के साथ तैयार करें और बेहतरीन मेकअप बेस के लिए प्राइमर का इस्तेमाल करें। त्वचा के दाग-धब्बों को कंसीलर के इस्तेमाल से छिपाएं फिर स्पॉन्ज से थोड़ा सा मैट क्ले फाउंडेशन लगाएं।
गालों पर ब्लश लगाएं और फिर इसे ज्यादा उभार देने के लिए ब्रॉन्जिंग पाउडर का इस्तेमाल करें। ज्यादा नैचुरल लुक पाने और खूबसूरत दिखने के लिए आखिर में ब्लश बेक लगाएं। शानदार लुक के लिए समान ब्लश हाइलाइटिंग शेड से चीक बोन (गाल के उभरे हिस्से) को हाइलाइट करें।
आंखों के मेकअप के लिए आईशैडो लगाने से पहले थोड़ा सा मैट आई बेस मेकअप कर लें। आंखों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए काले रंग का जेल पेन आईलाइनर इस्तेमाल करें। आखिर में आंखों पर फाइबर लैश एक्सटेंशन मस्कारा लगाएं।
होंठ पर लिपस्टिक लगाने से पहले होंठों से डेड स्किन हटाएं, इसके बाद लिप प्राइमर लगाएं। फिर, होंठों पर लिप डिफाइनर लगाने के बाद चमक के लिए शाइन लिप लिक्विड लगाएं। पार्टी के बाद मेकअप हटाने के लिए कॉटन पर जोजोबा ऑयल की कुछ बूंदे लेकर पूरे चेहरे पर अच्छे से मलें। तेल पोर्स में समाकर गहराई से त्वचा को साफ करता है और इससे मेकअप भी आसानी से निकल जाता है।

स्ट्रेच मार्क्स से छुटकारा पाएं
गर्भावस्था के दौरान शरीर में खुजली होना आम बात है। यह हमारी बॉडी के विभिन्‍न हिस्‍सों पर हो सकते हैं, विशेषकर पेट, जांघ, हिप्‍स ब्रेस्‍ट, हाथ और पीठ पर इसका कारण अचानक वेट बढ़ना या फिर गर्भ होना हो सकता है। दरअसल इस दौरान त्वचा खिचने लगती है। इस दौरान होने वाली खुजली के कारण भी स्‍ट्रेच मार्क्‍स हो जाते हैं। बार-बार खुजलाने से त्वचा पर सफेद लकीरें पड़ने लगती है और यह काफी ढीली-सी हो ताजी है, जो देखने में बेहद खराब भी लगती हैं। जरूरत से ज्‍यादा एक्‍सरसाइज जैसे वेट लिफ्टिंग करने से भी स्‍ट्रेच माक्‍स्र आ जाते हैं। इन्हें दूर करने ये तरीके अपनायें।
नीबू का रस निकलाकर इन्‍हें स्‍ट्रेच मार्क्‍स पर लगाएं। आलू या फिर टमाटर को काट लें। अब इसका एक टुकड़ा अपने स्‍ट्रेच मार्क्‍स पर लगाएं इसें लगभग एक हफ्ते तक ट्राई करें। मार्क्‍स गायब होने लगेंगे।
इसमें एलोवेरा बेहद कारगर रहता है। इसे लगाने के लिए इसका जैल निकाल लें। अब इसे रात को अपने स्‍ट्रेच मार्क्‍स पर लगभग 30 मिनट के लिए लगाकर रखें। बाद में ठंडे पानी से इसे धो लें। फायदा होगा।
अंडा भी आपको स्‍ट्रेच मार्क्‍स से राहत दिला सकता है। अंडे के बाहरी हिस्‍से में मौजूद प्रोटीन स्ट्रेच मार्क्स हटाने में काफी कारगर होता है। इसके लिए 2 अंडे तोड़कर उसका सफ़ेद पार्ट अलग कर लें। अब इसे स्ट्रेच मार्क्स पर लगाएं‌। जब यह सूख जाए तो इसे धो लें। खाने में विटामिन-सी की मात्रा बढ़ाने से भी स्ट्रेच मार्क्स को कम किया जा सकता है।

घर पर ही बनाये फ्रूट पैक
हर कोई दमकती हुई त्वचा चाहता है। इसके लिए हम बाज़ार से महंगी क्रीम भी खरीद लेते हैं लेकिन इन क्रीम्स के ज़्यादा इस्तेमाल से त्वचा खराब ही होती है। शुरू में आपको त्वचा पर निखार ज़रूर दिखेगा, लेकिन बाद में रसायनों की अधिकता से संक्रमण का डर रहता है। इसीलिए हम आपको घर पर ही बिना रसायनों के फ्रूट पैक बनाना सिखा रहे हैं।
सभी तरह की त्‍वचा के लिए मॉश्‍चराइजिंग ट्रीटमेंट
दिन में खूब सारा पानी पीने से फर्क तो पड़ता ही है, पर साथ ही ज़रूरी है कि आप चेहरे पर फलों का रस भी लगाएं। इससे आपके चेहरे पर तत्काल निखार आ जाता है और त्वचा को पर्याप्त मात्रा में पोषण भी मिलता है।
केला, सेब, पपीता, रुचिरा, तरबूज जैसे फलों से बना फेसपैक हर तरह की त्वचा पर लगाया जा सकता है। एन्जाइम से भरपूर पपीता मृत कोशिकाओं को हटा कर नई कोशिकाओं के निर्माण में मददगार होता है। केले से त्वचा में रौनक आती है। सेब और संतरा विटामिन और मिनरल से भरपूर होते हैं। रुचिरा एक अच्छा एंटीऑक्सीडेंट है। यह एजिंग प्रॉसेस को कंट्रोल करता है। तरबूज से त्वचा में पानी की पूर्ति होती है। इन फलों से बने फेसपैक को लगाने के 30 मिनट बाद चेहरे धो लें और फिर देखिए निखार।
चमकते बालों के लिए ज़रूरी नहीं है कि आप हर बार पार्लर ही जाएं, क्योंकि अगर घर बैठे ही आपको बालों की देखभाल करने के नुस्खे पता लग रहे हैं, तो कोई इस मौके को कैसे मिस कर सकता है। इसके लिए उबली हुई चाय की पत्तियों को फिर से पानी में उबालें। उबालने के बाद आपके पास कम से कम चार कप चाय का पानी बचना चाहिए। इसे ठंडा होने दें और छान लें। इसमें एक नींबू का रस मिलाएं और इससे बाल धोएं।

माइक्रोकरंट फेशियल से निखारें खूबसूरती
अभी तक आपने फ्रूट, गोल्ड, चारकॉल, पर्ल और भी न जाने तमाम फेशियल के बारे में सुना होगा, लेकिन इन दिनों माइक्रोकरंट फेशियल काफी सुर्खियों में है। आइए जानते हैं माइक्रोकरंट फेशियल के बारे में
क्या है माइक्रोकरंट फेशियल?
माइक्रोकरंट फेशियल फेस की मसल्स को टोन करके टेक्सचर को बेहतर करता है। इसे कराने से भी दूसरे फेशियल की तरह आपकी स्किन ग्लो और चमकने लगती है, लेकिन इसे मशीन और कुछ केमिकलयुक्त प्रॉडक्ट्स के द्वारा किया जाता है। बता दें, इसे कराते हुए आपको किसी तरह का दर्द नहीं होता है।
माइक्रोकरंट फेशियल करने की प्रक्रिया
माइक्रोकरंट फेशियल पेशेवरों द्वारा किया जाता है। बहुत सारे डर्मोटोलॉजिस्ट (त्वचा रोग विशेषज्ञ) इसकी सर्विस देते हैं। इसमें सबसे पहले क्लींजिंग की जाती है, जिससे चेहरे पर जमी गंदगी हट जाए। इसके बाद मैग्नीफाइंग लैम्प्स की मदद से स्किन की जांच की जाती है और पता लगाया जाता है कि आखिर त्वचा की जरूरत क्या है। इसके बाद हॉट स्टीम दी जाती है, जिससे स्किन सॉफ्ट हो जाए और पोर्स भी ओपन हो जाए।
स्टीम देने के बाद डर्मेटोलॉजिस्ट मैकेनिकल की मदद से त्वचा की डेड स्किन निकालकर एक्सफोलिएशन किया जाता है। इसके बाद मसाज की जाती है। फिल मास्क लगाया जाता है और आखिर में टोनर लगाकर छोड़ देते है। इसे कराने का बेद कम से कम एक दिन तक चेहरे पर किसी चीज का इस्तेमाल करने से परहेज करना पड़ता है।
माइक्रोकरंट फेशियल के फायदे
त्वचा के टेक्सचर को बनाता है बेहतर,फाइन लाइन्स और झुर्रियां होती हैं कम, त्वचा के पोर्स को करता है टाइट-पिंपल्स और एक्ने होते हैं दूर। त्वचा को करता है डिटॉक्स और ब्लड सर्कुलेशन होता है बेहतर।
इन बातों का रखें ध्यान
इस फेशियल को 20 की उम्र से पहले न करवाएं क्योंकि यह मैच्योर स्किन के लिए है।
गर्भवती महिलाओं को यह फेशियल नहीं करवाना चाहिए।
यह फेशियल करवाने के बाद चेहरे पर फेशवॉश और साबुन का इस्तेमाल न करें।
कुछ दिनों तक स्किन को एक्सफोलिएट करने से बचें।
फेशियल के बाद मेकअप बिल्कुल भी ना करें।

गर्भावस्था में लें पौष्टिक आहार
गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार लेना बहुत जरूरी होता है क्योंकि मां के खाने का सीधा असर गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को अंडा खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि अंडे में भरपूर मात्रा में प्रोटीनम, सेलेनियम, जिंक, विटामिन ए, डी और कुछ मात्रा में बी कॉम्प्लेक्स भी पाया जाता है। जो शरीर की सभी जरूरतों को पूरा करने का सबसे बेहतर सूपर फूड है। ये बात कई स्टडी में भी सामने आ चुकी है कि गर्भावस्था के दौरान अंडा खाने से बच्चे का दिमाग तेज होता है साथ ही उसके सीखने की क्षमता भी बढ़ती है।
अंडे में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है जो गर्भावस्था के दौरान लिया जाना बहुत आवश्यक है। गर्भ में पल रहे बच्चे की हर कोशिका प्रोटीन से बनती है। ऐसे में गर्भवती महिला अगर अंडे खाती है तो भ्रूण का विकास बेहतर तरीके से होता है।
अंडे में 12 विटामिनों का पैकेज होता है और साथ ही कई तरह के लवण भी होते हैं। इसमें मौजूद कोलीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड बच्चे के संपूर्ण विकास को बढ़ावा देते हैं। इसके सेवन से बच्चे को मानसिक बीमारियां होने का खतरा कम हो जाता है और उसका दिमागी विकास भी होता है।
अगर गर्भवती महिला का ब्लड कोलेस्ट्रॉल स्तर सामान्य है तो वह दिन में एक या दो अंडा खा सकती है। अंडे में कुछ मात्रा में सैचुरेटेड फैट भी होता है हालांकि अगर महिला का कोलेस्ट्रॉल लेवल अधिक है तो उसे जर्दी वाला (पीला हिस्सा) भाग नहीं खाना चाहिए। गर्भवती महिला को एक दिन में दो सौ से 300 तक एडिशनल कैलोरी लेनी चाहिए। इससे उसे और बच्चे, दोनों को पोषण मिलता है। अंडे में करीब 70 कैलोरी होती है जो मां और बच्चे दोनों को उर्जा देती है।

मॉनसून में बालों में लगायें ये मास्क
बारिश के मौसम में बालों को विशेष देखभाल की जरुरत रहती है। बारिश से बाल रूखे और बेजान हो जाते हैं और फिर वे टूटने लगते हैं। वहीं अगर आपके बाल घुघंराले हैं तो आपकी परेशानी और भी बढ़ जाती है। ऐसे में कुछ घरेलू नुस्खे और हेयर मास्क के जरिये भी आप बारिश के मौसम में भी अपने बालों को निखार सकती हैं।
बियर मास्क
बियर घुंघराले बालों पर जादू-सा असर करती है। इसमें अमीनो ऐसिड्स और ऐक्टिव एंजाइम होती हैं जो बालों को शाइनी बनाती हैं और रूखापन दूर करती हैं। इसलिए जब भी शैंपू करें उससे एक घंटे पहले बालों में बियर लगा लें। एक घंटे बाद हर्बल शैंपू से सिर धो लें।
केला और ऑलिव ऑइल
कर्ली बालों के लिए ऑलिव ऑइल और केले का मास्क भी कारगर माना जाता है। केला बालों को मुलायम बनाता है और उन्हें मॉइश्चराइज करता है। वहीं ऑलिव ऑइल बालों को रूखा होने से बचाता है। एक केला छीलकर उसे मैश कर लें और फिर 2 ढक्कन ऑलिव ऑइल मिक्स करें। अब इसे बालों में अच्छी तरह से लगाएं। 2-3 घंटे बाद शैंपू कर लें।
शहद और नींबू का मास्क
बारिश की मार से कर्ली बालों को बचाने के लिए शहद और नींबू का मास्क भी परफेक्ट है। इसके लिए आधा कप शहद में 2 नींबू निचोड़कर मिला लें और फिर इस मिश्रण को बालों में जड़ों तक लगाएं। एक घंटे के लिए बालों को ऐसे ही छोड़ दें और फिर शैंपू कर लें।
इन तीन हेयर मास्क के अलावा कुछ और हेयर केयर टिप्स हैं जो बारिश के मौसम में जरूर फॉलो करनी चाहिए:
मॉनसून के दौरान बालों में कम ही तेल लगाएं क्योंकि मौसम में पहले से ही नमी होती है और ऐसे में और तेल आपके बालों को और भी खराब बना सकता है।
इस बात का भी ध्यान रखें कि बाल हमेशा सूखे ही रहें। अगर बारिश में बाल गीले हो गए हैं तो सबसे पहले उन्हें अच्छी तरह सुखा लें और फिर साफ कंघी से बालों को सुलझाएं।
बारिश में बाल भीगने से फंगल इन्फेक्शन (संक्रमण) होने का खतरा होता है। इससे बचने के लिए इस मौसम में एक अच्छा सा ऐंटी-माइक्रोबियल और हर्बल शैंपू का इस्तेमाल करें।
बालों को सूखा रखें। उनमें ऐंटी-ऑक्सिडेंटीव क्रीम, सीरम या कंडीशनर लगाना न भूलें। घुंघराले बालों को बारिश के मौसम में सुरक्षित रखने का ये सबसे आसान तरीका है। इससे बाल सूखे भी नहीं होते हैं।

खसखस से निखारें खूबसूरती
खसखस स्वादिष्ट व्यंजन बनाने के अलावा खूबसूरती बढ़ाने में भी उपयोगी होता है।
अगर इसे दही या शहद के साथ मिलाकर लगाया जाए तो यह एक बेहतर स्क्रब का काम करता है। यानी खसखस डेड स्किन (त्वचा) को भी हटाने का काम करता है।
खसखस त्वचा को मॉइश्चराइज भी करता है। इसके लिए खसखस को दूध और शहद के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाएं। कुछ ही दिन में त्वचा नरम होने के साथ ही दमकने लगेगी।
खसखस स्किन के अलावा बालों के लिए भी फायदेमंद है। खसखस में अनसैचरेटेड फैटी ऐसिड्स, मैग्निशियम, जिंक और कैल्शियम होता है जो स्कैल्प को हेल्दी रखते हैं और बालों को खूबसूरत बनाते हैं। इसके अलावा खसखस डैंड्रफ की समस्या को भी दूर करती है।
खसखस बालों की ग्रोथ में भी मदद करता है। शैंपू करने से बालों में खसखस लगाने से काफी फायदा मिलता है। इसके लिए खसखस को पहले 1-2 घंटों के लिए भिगो दें और फिर इसमें एक नींबू का रस और एक चम्मच शहद मिलाएं। अब इस मिक्सचर को बालों में अच्छी तरह से लगा लें और 1 घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दें। इसके बाद साफ पानी से सिर धोकर शैंपू कर लें।

मॉनसून में इस प्रकार रखें पैरों का ख्याल
बारिश के मौसम में सेहत की देखभाल के साथ-साथ साफ-सफाई को लेकर भी सावधानी बरतने और अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। मॉनसून में सिर्फ त्वचा ही नहीं पैरों की सेहत का भी ख्याल रखने की जरूरत होती है। अगर यह कहा जाए कि मॉनसून में पैरों की साफ-सफाई पर सबसे अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है, तो गलत नहीं होगा।
पैर ही सबसे पहले बारिश के पानी और कीचड़ के संपर्क में आते हैं। इनकी सफाई न की जाए तो फंगल संक्रमणऔर कई अन्य बीमारियां हो सकती हैं। यहां कुछ तरीके बताए जा रहे हैं जिनके जरिए आप मॉनसून में अपने पैरों को हेल्दी रख सकती हैं।
बारिश के मौसम में बाहर से आने के बाद अपने पैरों को धोकर सुखा लें। घर में जब हों तो उन्हें ड्राई रखें और अच्छी तरह से मॉइश्चराइज करें।
बारिश में पैर गीले होने के साथ कीचड़ में भी सन जाते हैं। ऐसे में पैरों को पानी से धोने के बाद ऐंटीबायॉटिक सोप या जैल से साफ करें और फिर टेलकम पाउडर लगा लें। यह पैरों को ड्राई रखने में मदद करता है।
मॉनसून में एथलीट फूट की समस्या भी हो जाती है और अगर इसे नजरअंदाज किया जाए तो यह गंभीर रूप ले सकती है। यह समस्या तब होती है पैर लंबे समय तक गीले रह जाएं। इससे बचने के लिए पैर तो सूख रखे हीं, साथ ही फुट पाउडर भी लगाएं।
गुनगुने पानी में ऐंटी-बैक्टीरियल लोशन या लिक्विड डालकर पैरों को उसमें डुबो लें और फिर प्यूमिक स्टोन से रगड़कर साफ करें। इसके बाद सूखे तौलिए से पैर पोंछें। थोड़ी देर हवा लगने दें और फिर मॉइश्चराइजिंग लोशन लगा लें।
पैरों को मुलायम रखने के लिए लैक्टिक ऐसिड और ग्लाइकोलिक ऐसिड युक्त मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करें। इसके अलावा ओपन शूज पहनें और गीले मोजे पहनने से बचें।
हफ्ते में कम से कम एक दिन गरम पानी में नमक डालकर आधे घंटे के लिए पैरों को उसमें डुबोएं और साफ करें। इससे सारी गंदगी और बैक्टीरिया निकल जाएंगे।
पैरों से बदबू आती है तो गुनगुने पानी में नींबू डालकर पैरों को उसमें डुबाकर रखें। हफ्ते में कम से कम 2 दिन ऐसा करें। इसके अलावा अपने पैरों के नाखून एकदम छोटे रखें और नियमित रूप से उनकी सफाई करें।

बरसात में रखें त्वचा का ख्याल
बारिश के मौसम में महिलाओं को अपनी त्वचा का विशेष ख्याल रखना होता है। बरसात के मौसम में कई तरह की त्वचा की समस्यायें हो जाती हैं। खुजली, जलन और लाल दाग बन जाना सामान्य समस्याएं हैं। ऐसे में त्वचा का विशेष ख्याल रखना होता है। अगर आप भी बरसात के मौसम में अपनी त्वचा को लेकर परेशान हैं तो ये उपाय अपनाएं।
साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखें:
बरसात के मौसम में ज्यादातर बीमारियां गंदगी की वजह से ही फैलती हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने हाथ, चेहरे और पैरों को समय-समय पर साफ करती रहें। कोशिश करें कि दिन में दो बार किसी अच्छे फेस वॉश से चेहरा साफ करें। आप चाहें तो वाटरप्रूफ क्लींजर का भी इस्तेमाल कर सकती हैं।
टोनिंग करना भी रहेगा फायदेमंद
बरसात के मौसम में वातावरण में नमी ज्यादा रहती है। ऐसे में त्वचा के पोर्स भी बंद हो जाते हैं। इस वजह से अक्सर मुंहासे हो जाते हैं। आप चाहें तो कोई अच्छा एंटी-बैक्टीरियल टोनर भी इस्तेमाल कर सकती हैं। अगर आप टोनर इस्तेमाल करने से डरती हैं तो गुलाब जल का इस्तेमाल करना भी आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
मॉइश्चराइजेशन करना न भूलें
कई बार लोगों को लगता है कि बरसात में मॉइश्चराइजर लगाने से त्वचा चिपचिपी हो जाएगी लेकिन ऐसा नहीं है। बरसात में भी त्वचा को पोषण की जरूरत होती ही है। बरसात में बार-बार पानी से भींगने पर त्वचा ड्राई हो जाती है। इससे खुजली और रैशेज हो जाते हैं। ऐसे में मॉइश्चराइजर लगाना छोड़े नहीं। आप चाहें तो ऑयल-फ्री मॉइश्चराइजर का उपयोग कर सकती हैं।
ड्राई रहना बहुत जरूरी है
बरसात के मौसम में हम अक्सर गीले हो जाते हैं। ऐसे में संक्रमण का खतरा हमेशा बना रहता है। ऐसे में कोशि‍श करें कि आपकी त्वचा ज्यादा देर तक गीली न रहे।
सनस्क्रीन लगाए
बरसात के बाद जब धूप होती है तो बहुत ही तीखी होती है। धूप में निकलना हो तो बिना सनस्क्रीन लगाए नहीं निकलें। सनस्क्रीन से त्वचा अल्ट्रा वायलेट किरणों से सुरक्षित रहेगी।

40 की उम्र के बाद सेहत का रखें ख्याल
घर परिवार का ध्यान रखने के दौरान महिलाएं अपनी सेहत की ओर ध्यान नहीं देतीं, ऐसे में 40 की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते वे बिमारियों की गिरफ्त में आने आने लगती हैं। महिलाओं को सुबह शाम उठते बैठते जोड़ों और घुटनों में दर्द होने लगता है। महिलाओं में आर्थराइटिस (जोड़ों के दर्द) का कारण पोषक तत्वों की कमी और मोटापा है।
आम तौर पर महिलाएं इसे उम्र बढ़ने का संकेत मानकर नजरअंदाज कर देती हैं। ऐसे में विशेषज्ञ से संपर्क कर शुरुआता में ही इलाज करा लें। घुटनों में सुबह-सुबह दर्द, अकड़न से शुरुआत होने से लेकर जोड़ों में सूजन होने तक, यह आर्थराइटिस के संकेत हो सकते हैं जोकि एक प्रगतिशील ज्वाइंट स्थिति है और अधिकतर भारतीय महिलाएं इन संकेतों को नजरअंदाज करती हैं।
सही समय पर पहचान :
वहीं महिलाएं तभी डॉक्टर के पास जाती हैं जब यह स्थिति ऐसे स्टेज में पहुंच जाती है जब दर्द असहनीय हो जाता है। याद रखें कि देरी होने से जोड़ों को होने वाला नुकसान कई गुणा बढ़ा सकता है। यदि इसका शुरुआती चरणों में इलाज हो जाए, तो पारंपरिक उपचारों की मदद से इस स्थिति को बढ़ने में विलंब किया जा सकता है।
वजन पर नजर :
मोटापा बढ़ना महिलाओं में जोड़ों की बिमारी का बड़ा कारण है। हमारे जोड़ कुछ हद तक ही वजन उठा सकते हैं। प्रत्येक एक किलो अतिरिक्त वजन घुटनों पर चार गुना दबाव डाल सकता है। क्षमता से अधिक वजन जोड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए सही वजन का मतलब है स्वस्थ जोड़।
30 मिनट की वाक : हर दिन 30 मिनट की वॉक हड्डियों एवं जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकती है।
छोटी-मोटी चोटों को गंभीरता से लें : हम जोड़ों के आसपास लगी छोटी-मोटी चोटों को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। इससे हानिकारक स्थितियां पैदा हो सकती हैं, जैसे भविष्य में आर्थराइटिस हो सकता है। यदि दर्द बार-बार हो रहा है तो विशेषज्ञ की सलाह लें। हम अक्सर ऐसे मरीजों को देखते हैं जहां ज्वाइंट इंजरी ज्वाइंट डिजनरेशन का कारण बन जाती हैं।
शरीर का पॉश्चर सही रखें : गलत पॉश्चर से जोड़ों, खासतौर से घुटने पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। घुटने शरीर में सबसे अधिक भार सहन करने वाले जोड़ हैं। इससे घुटने में दर्द हो सकता है। सही पॉश्चर रखना, काम के दौरान बीच-बीच में ब्रेक लेना, नियमित रूप से स्ट्रेचिंग करना और अपने पॉश्चर को बीच-बीच में ठीक करने से घुटने के दर्द को कम करने में मदद मिलती है।
अपने मन से दर्दनिवारक दवाओं का इस्तेमाल न करें : आमतौर पर, हम अक्सर शरीर में दर्द होने पर डॉक्टर से सलाह लिए बिना दर्दनिवारक दवाओं का सहारा लेते हैं। दर्दनिवारक दवाओं से भले ही हमें दर्द से फौरन राहत मिल जाती है पर वह सही इलाज नहीं है। इससे और परेशानियां उभर सकती हैं। इसलिए दवा देने की जगह विशेषज्ञ डॉक्टर के पास दिखाएं।

उमस भरे मौसम में ऐसा मेकअप करें
मानसून की शुरुआत में मौसम में उमस के कारण महिलाओं को मेकअप में परेशानी आती है। इसका कारण यह है कि उमस से फाउंडेशन गलने लगता है और आई लाइनर व लिपस्टिक फैलने लगती है। ऐसे में महिलाओं के लिए किसी समारोह में जाने पर मेकअप को बरकरार रखना सबसे बड़ी समस्या होती है। उमस के दौरान मेकअप करते समय इन बातों का ध्यान रखें।
अगर आपके चेहरे पर ज्यादा दाग-धब्बे और हल्के गड्ढ़े या दाने हैं, तभी मेकअप-प्राइमर लगाएं क्योंकि ऐसा करना इस मौसम में उपयुक्त होगा, यह त्वचा की सतह को समतल कर देगा और इससे मेकअप ज्यादा देर तक टिका रहेगा, लेकिन जिन्हें ऐसी समस्या नहीं हैं, उन्हें प्राइमर लगाने की कोई जरूरत नहीं है।
उमस के मौसम में पसीने के साथ बहने की संभावना के चलते लिक्विड या क्रीम फाउंडेशन के बजाय ऑयल-फ्री मॉइश्चराइजर का हल्का कोट लगाया जा सकता है, टच-अप के लिए हल्का कॉम्पैक्ट पाउडर लगा सकती हैं।
अगर आप दाग-धब्बों या काले घरे को छिपाना चाहती हैं तो ऑयल-फ्री कंसीलर लगा सकती हैं, क्योंकि ऑयल युक्त कंसीलर उमस में चेहरे को चिपचिपा और तैलीय बनाता है। हमेशा ऑयल-फ्री मेकअप उत्पाद ही खरीदें।
मानसून के दौरान हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि आपका ब्लश सौम्य और परिधान को सूट करते हुए होना चाहिए। पाउडर आईशैडो खरीदें क्योंकि ये क्रीम आई शैडो के मुकाबले ज्यादा देर तक टिके रहते हैं। हल्का रंग का थोड़ा सा आई शैडो लगाएं।
लिक्विड आईलाइनर लगाएं क्योंकि ये वैक्स वाले पेंसिल आईलाइनर की तुलना में ज्यादा टिकाऊ होते हैं।
बरौनियों पर वाटरप्रूफ मस्कारा लगाएं, यह ज्यादा देर तक टिकेगा।
लिप ग्लॉस आसानी से मिट जाते हैं, इसलिए लिप बॉम लगाकर होंठ को मुलायम बनाएं और लिपस्टिक लगाएं, विकल्प के तौर पर आप ज्यादा देर तक टिका रहने वाला शीयर ग्लॉस लगा सकती हैं। इस मौसम में होंठ पर शीमर लगाना ठीक नहीं रहता।

होंठों पर ज्यादा न लगायें लिप बाम
आम तौर पर महिलाएं होंठों को नर्म और मुलायम बनाए रखने के लिए लिप बाम लगाती हैं पर क्या आप जानती हैं कि होंठों की खूबसूरती बढ़ाने वाले लिप बाम असल में होंठों को बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं।
बार-बार लिप बाम लगाने से होंठ और भी खराब हो जाते हैं। लिप बाम में खुश्बू के लिए जिन रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है दरअसल, उससे भी होंठों को नुकसान पहुंचता है।
लिप बाम यदि मेंथॉल युक्त है तो उससे और भी अधि‍क नुकसान होगा। नियमित रूप से लिप बाम लगाने वाले लोगों में होंठ फटने की समस्या और अधि‍क पाई जाती है।
एक अध्ययन में यह बात भी कही गई है कि लिप बाम में हालांकि एडिक्शन वाला कोई तत्व नहीं होता, पर इसे बार-बार लगाने से इसकी आदत जरूर पड़ जाती है।
कई मामलों में लिप बाम से एलर्जी होता भी देखा गया है। दरअसल, खुशबू के लिए लिप बाम में जो केमिकल इस्तेमाल किए जाते हैं, उसकी वजह से होंठों पर एलर्जी हो सकती है.

इस तरह छिपाएं उभरा हुआ पेट
महिलाओं में उम्र के साथ मोटापा बढ़ ही जाता है। यह भी हो सकता है कि आप मोटी न हों, लेकिन आपके पेट पर थोड़ी चर्बी इकट्ठा हो और पेट निकल गया हो। यही वजह है कि जब आपका मूड टाइट फिटिंग वाले कपड़े पहनने का करता है तो भी आप उन्हें पहन नहीं पाती हैं। ऐसे में क्या करें कि ट्रेंडी और स्टाइलिश कपड़े पहनकर आप स्मार्ट और स्टाइलिश दिखें जिससे उभरा पेट भी छिप जाए।
आपको एक सुंदर सा लहंगा पहनना है या आपका मूड कुछ वेस्टर्न पहनने का है? आप चाहती हैं कि आपका निकला पेट उसमें न दिखे। क्या आपने कभी टमी टकर का इस्तेमाल किया है?
यदि आपका जवाब ना है तो फटाफट बाजार जाएं और अपने लिए टमी टकर (बॉडी शेपर) खरीद लें। यह खासतौर से वेस्टर्न ड्रेस के पीछे इतनी खूबसूरती से छिप जाता है कि पता ही नहीं चलता कि आपने पेट की चर्बी को छिपाने के लिए टमी टकर भी पहना है।
फ्लेयर्ड कुर्ती का कमाल
यदि आपको भारतीय पोशाक पहनना पसंद है तो आप अनारकली और फ्लेयर्ड (नीचे की ओर ऊपर-नीचे वाला कट) हेमलाइन वाली कुर्ती को अपनी सहेली बना लीजिए। यह आपके बढ़े हुए पेट को छुपाने में आपकी सहेली की तरह आपकी मदद करेगी। फ्लेयर्ड हेमलाइन वाली कुर्ती को आप ऑफिस के साथ ही कैजुअल वियर के तौर पर भी पहन सकती हैं। शादी जैसे समारोह के लिए अनारकली परफेक्ट है।
ऐसे कपड़े पहनें
रफल टॉप न सिर्फ दिखने में काफी स्टाइलिश है, बल्कि पेट पर इकट्ठा चर्बी को छुपाने में भी कारगर साबित होता है। यदि आपको बेल स्लीव्स वाला रफल टॉप मिल जाए तो इसे अपने वॉर्डरोब का हिस्सा बनाने में देर न करें। रफल टॉप की तरह पेपलम टॉप भी आप पर अच्छा दिखेगा। यह टॉप पेट तक फिटिंग का होता है और ठीक वहीं से उसमें चुन्नट वाला डिजाइन रहता है। खासतौर से चुन्नट वाले इस डिजाइन के कारण पेट की चर्बी आसानी से छुप जाती है और ऊपर से नीचे तक स्टाइलिश लुक भी मिल जाता है।
हाई वेस्ट जींस भी है प्रभावी
जींस जितना लो वेस्ट होगा, आपका मोटापा उतना ही पता चलेगा। लो वेस्ट जींस में अकसर पेट की चर्बी एक परत की तरह दूर से ही नजर आने लगती है। इसे छुपाने के लिए हमेशा हाई वेस्ट जींस पहनें। इससे पेट की बढ़ी हुई चर्बी भी छुपेगी और आप फिट व लंबी भी नजर आएंगी।
पेंसिल स्कर्ट स्कर्ट
अगर आप फॉर्मल वियर में ऑफिस जाती हैं और पेट की बढ़ी हुई चर्बी को छुपाने का प्रयास रहती हैं तो अपने वॉर्डरोब में पेंसिल स्कर्ट को जरूर शामिल करें। पेंसिल स्कर्ट अच्छी फिटिंग वाला हो तो हर किसी पर अच्छा लगता है। इसके साथ ढीला टॉप पहनें और अपने निकले हुए पेट को भूल जाएं। ऐसे ही फॉर्मल वियर के मामले में प्लीटेड पैंट भी आपके लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। यह पैंट अमूमन हाई वेस्टलाइन वाले होते हैं, जिसमें चुन्नट नीचे की ओर गिरती है। इस पैंट को पहनकर आप न सिर्फ लंबी दिखेंगी, बल्कि इसके प्लीट्स आपके उभरे पेट पर से लोगों का ध्यान हटा देंगे।
ड्रेस के मामले में हैं ढेरों विकल्प
पेट की चर्बी को छुपाने के लिए कपड़े का चुनाव करते वक्त उसके पैटर्न का भी ध्यान रखें। इस बात का ध्यान रखें कि लंबी रेखाओं यानी वर्टिकल पैटर्न वाले ड्रेस आपको लंबा दिखाएंगे और आपकी चर्बी को छुपाएंगे। वर्टिकल पैटर्न वाला शर्ट पेट पर इकट्ठा चर्बी से जुड़ी आपकी परेशानी को पूरी तरह से खत्म कर देगा। ठीक ऐसे ही ढीली-ढाली लंबी ड्रेस भी आप पर अच्छी लगेगी। आजकल यह ड्रेस ट्रेंड में भी है। पार्टी आदि में जाने के लिए यह ड्रेस अच्छी है। अपने लिए एक लंबी ड्रेस लें, जो हल्की ढीली हो। यह आपके उभरे पेट को छिपाकर आपको स्टाइलिश और बेहद आरामदायक लुक देगी।

बरसात के मौसम में पैरों की देखभाल
बरसात के मौसम में पानी से लबालब भरी सड़कें, ठंडे वातावरण और सीलन के कारण पैरों को काफी नुकसान पहुंचता है। इस कारण पैरों में दाद, खुजली और लाल चकत्ते पड़ने लगते हैं। ऐसे में पैरों को विशेष देखभाल की जरुरत पड़ती है।
मानसून के मौसम में पैरों की देखभाल की ज्यादा जरूरत होती है। इसके अलावा कुछ सावधानियों और आयुर्वेदिक उपचारों की मदद से पांव और उंगलियों के संक्रमण से होने वाले रोगों से बचा जा सकता है।
बरसात के मौसम के दौरान खुले सैंडिल पहनना ज्यादा उपयोगी होता है, क्योंकि इससे पैरों में हवा लगती रहती है। पसीने को सूखने में भी मदद मिलती है, लेकिन खुले फुटवियर की वजह से पैरों पर गंदगी तथा धूल जम जाती है, जिससे पैरों को नुकसान पहुंच सकता है।
पैरों की देखभाल
सुबह नहाते समय पैरों की सफाई पर खास ध्यान दें।
पैरों को धोने के बाद उन्हें अच्छी तरह सूखने दें।
पैरों की उंगलियों के बीच टैलकम पाउडर का छिड़काव करें।
दिनभर की थकान के बाद घर पहुंचने पर ठंडे पानी में थोड़ा सा नमक डालकर पैरों को अच्छी तरह भिगोएं तथा उसके बाद पैरों को सूखने दें।
फूट सोक
बाल्टी में एक चौथाई गर्म पानी, आधा कप खुरखुरा नमक, दस बूंदे नींबू रस या संतरे का सुंगधित तेल डालें। अगर आपके पैर से ज्यादा पसीना निकलता है तो कुछ बूंदें टी ट्री-ऑयल की मिलाएं, क्योंकि इसमें रोगाणु रोधक तत्व मौजूद होते हैं। साथ ही यह पैर की बदबू को दूर करने में भी मदद करती है। इस मिश्रण में 10-15 मिनट तक पैरों को भिगोकर सुखा लें।
लोशन
तीन चम्मच गुलाब जल, दो चम्मच नींबू रस और एक चम्मच शुद्ध ग्लिसरीन का मिश्रण तैयार कर लें। इसे पैर पर आधा घंटा तक लगाने के बाद पैर को ताजे साफ पानी से धोने के बाद सुखा लें।
ड्राइनेस फूट केयर
एक बाल्टी के चौथाई हिस्से तक ठंडा पानी भरें और इस पानी में दो चम्मच शहद एक चम्मच हर्बल शैंपू, एक चम्मच बादाम तेल मिलाकर इस मिश्रण में 20 मिनट तक पैर भिगोएं। बाद में पैर को ताजे साफ पानी से धोकर सुखाएं।
कुलिंग मसाज ऑयल
100 मिली लीटर जैतून तेल, 2 बूंद नीलगिरी तेल, 2 चम्मच रोजमेरी तेल, 3 चम्मच खस या गुलाब का तेल मिलाकर इस मिश्रण को एयरटाइट गिलास जार में डाल लें। इस मिश्रण से हर दिन पैर की मसाज करें। इससे पैरों को ठंडक मिलेगी और यह त्वचा को सुरक्षा प्रदान कर इसे स्वस्थ्य रखेगा।

गर्मी में इस प्रकार रखें बालों का ध्यान
गर्मियां में सबसे पहले अपने बालों की तरफ ध्यान देना चाहिये। गर्मी के मौसम में लगातार बहते पसीने के कारण बालों का उलझना और बेजान होना आम समस्या है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आपने कुछ उपाय भी आजमाए होंगे। अगर आपको अब तक उलझे-बेजान बालों से छुटकारा नहीं मिल पाया है तो इन तरीकों की सहायता से आप आसानी से अपने बालों को सुलझा सकती हैं।
आजमाएं कंडीशनर वॉशिंग : इसका लक्ष्य बालों को पर्याप्त मात्रा में नमी प्रदान करना है। इस प्रक्रिया में बालों को शैंपू की जगह कंडीशनर से ही धोना होता है और वह भी दो बार। पहली बार में अपने बालों में अच्छी तरह से कंडीशनर लगाएं और फिर पानी से बालों को अच्छी तरह से धो लें। इसके बाद बालों की जड़ में अच्छी तरह से कंडीशनर लगाएं। पांच मिनट तक कंडीशनर को वैसे ही छोड़ दें और उसके बाद पानी से सिर धो लें। अगर आपके बाल बहुत ही ज्यादा रूखे, उलझे और बेजान हों तभी आपको वॉशिंग करनी चाहिए। तैलीय बालों के लिए यह प्रक्रिया बिल्कुल भी ठीक नहीं है। वॉशिंग के लिए ऐसा कंडीशनर चुनें, जो सिलिकॉन मुक्त हो या जिसका पीएच लेवल काफी कम हो पर कंडीशनर वॉशिंग लगातार दो सप्ताह तक नहीं अपनाएं। बाल धोने के बाद अगले हफ्ते सल्फेट मुक्त शैंपू से बालों को जरूर धोएं, वरना कंडीशनर के कारण स्कैल्प और बाल बहुत ज्यादा तैलीय हो जाएंगे। अगर आपके बाल रूखे और घुंघराले हैं तो बाल जब हल्के गीले हों, उन्हें तभी सुलझा लें। अपनी उंगलियों और कंघी से बाल सुलझाएं। अगर बाल बहुत ज्यादा रूखे हो गए हैं तो बालों में शैंपू के बाद तेल और पानी का छिड़काव भी काफी हद तक समस्या सुलझा देता है। बालों को धोने से पहले हल्के गुनगुने तेल से 20 मिनट तक बालों की मालिशकरने के बाद उन्हें धो लें। बालों का रूखापन कम होगा।
शैंपू करने से पहले बालों को हल्का गीला करें और उसमें अच्छी तरह से कंडीशनर लगाएं। हेयर कैप लगाकर बालों को कुछ देर के लिए ऐसे ही छोड़ दें। आधे घंटे बाद शैंपू कर लें। रूखे बालों को सुलझाएं रूखे बालों को सुलझाने के लिए एक साफ स्प्रे बोतल में कंडीशनर और हल्का गर्म पानी भर लें। अगर आपके बाल पतले हों तो पानी की मात्रा ज्यादा रखें और अगर बाल मोटे और रूखे हैं, तो पानी की मात्रा कम कर दें। इस मिश्रण को हल्के गीले बालों पर स्प्रे करें।
कंडीशनर का कमाल एक अच्छा कंडीशनर न सिर्फ बालों को पोषण देता है, बल्कि उलझे बालों को सुलझाकर उसे स्टार्इंलग के दौरान होने वाले नुकसान से भी बचाता है। आपको बालों की प्रकृति को समझते हुए कंडीशनर का चुनाव करना होगा: बालों को पोषण लौटाने का सबसे आसान तरीका है, नर्रिंशग कंडीशनर। घरों में आसानी से उपलब्ध नारियल या जैतून के तेल (ऑलिव ऑयल) की कुछ बूंदें अपनी हथेली पर लेकर हल्के गीले बालों पर लगा लें। फिर मोटी कंघी या ब्रश की मदद से बालों को सुलझा लें।
स्मूथनिंग कंडीशनर: रूखे, उलझे और बेजान बालों की समस्या आम है और इनसे निपटने का आसान तरीका है, प्राकृतिक स्मूर्थंनग कंडीशनर। एलोवेरा जेल और पानी के मिश्रण को एक स्प्रे बोतल में रखें। जब भी बाल बहुत ज्यादा उलझे या रूखे लगें तो बालों पर यह मिश्रण स्प्रे कर लें। बालों का रूखापन कम होगा और वे मुलायम हो जाएंगे। मॉइस्चराइजिंग कंडीशनर: एक कप पानी, आधा कप जोजोबा तेल और पेपर्रंमट तेल की कुछ बूंदें एक स्प्रे बोतल में डालकर मिलाएं। इसे बालों में स्प्रे करें। यह कंडीशनर रूखे-बेजान बालों के लिए वरदान है। ग्लिसरीन कंडीशनर: यदि आपके बाल बहुत ज्यादा उलझे रहते हैं तो यह कंडीशनर आपके लिए परफेक्ट है। इस कंडीशनर से बालों को टेक्स्चर मिलता है, खासकर घुंघराले उलझे हुए बालों के लिए यह बहुत उपयोगी साबित होता है। एक बोतल में पानी और ग्लिसरीन को समान मात्रा में डालकर मिलाएं और उंगलियों की मदद से अपने हल्के गीले बालों पर लगाएं।

प्राकृतिक तरीकों से बढ़ाएं खूबसूरती
अगर आप अपनी खूबसूरती प्राकृतिक तरीके से निखारना चाहती हैं तो इसके लिए घर में ही उपलब्ध यह चीजें आजमाएं।
नारियल तेल : आजकल नारियल के तेल के उपयोग का परिक्षेत्र काफी बढ़ गया है। खाने-पीने की तमाम चीजों से लेकर ब्यूटी ट्रीटमेंट तक में इसका खूब उपयोग किया जा रहा है। नारियल के तेल का प्रयोग बालों को लंबे, घने और सुंदर बनाने के लिए किया जाता है। इसके लिए आप नारियल तेल को हल्का गर्म करके अपने सिर की त्वचा तथा बालों में लगाकर 8-12 घंटे बाद बाल धो लें।
शहद – शहद का उपयोग चेहरे को बेदाग और चमकदार रखने के लिए किया जाता है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह बालों और चेहरे दोनों को खूबसूरत बनाने के लिए प्रयोग में लाए जाते हैं। चेहरे पर से मुहांसे हटाने के लिए शहद का प्रयोग काफी लाभकारी है। कच्चे शहद की एक बूंद मुहांसों पर लगाकर 10-15 मिनट तक यूं ही रहने दें। फिर गर्म पानी से धोकर सूखे कपड़े से पोछ लें। बेजान बालों से छुटकारा पाने के लिए 2-3 चम्मच नारियल तेल में 1-2 चम्मच कच्चा शहद मिलाकर बालों में लगा लें और 15-20 मिनट तक यूं ही रहने दें।
हल्दी – भारतीय परंपरा में शादियों से पहले हल्दी की रस्म निभाई जाती है। इसमें दुल्हन की त्वचा पर हल्दी का उबटन लगाया जाता है। हल्दी में चेहरे को माश्चराइज करने तथा उसे चमकदार बनाने का अद्भुत गुण होता है। आधा चम्मच हल्दी, 2 चम्मच चने का आटा, 1 चम्मच नारियल का तेल और थोड़ा गुलाबजल एक साथ मिलाकर चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट तक के लिए छोड़ दें। बाद में गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।

पीरियड्स में स्वच्छता रखना जरुरी
मासिक धर्म (पीरियड्स) को लेकर लोगों में तमाम तरह की भ्रांतियां हैं, जबकि यह बीमारी नहीं। एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। जरूरत हैं इसमें स्वच्छता की क्योंकि स्वच्छता न अपनाने से महिलाएं सवाईकल कैंसर, प्रजनन रोग व अन्य इन्फेक्शन से गंभीर बीमार हो सकती हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार देश में 12 फीसदी महिलाएं ही सैनेटरी पैड्स का इस्तेमाल कर पाती हैं। 82 प्रतिशत महिलाएं आज भी पुराना कपड़ा अपना रहीं हैं। जो उनके लिए बेहद घातक है। 71 प्रतिशत युवतियों को अपने पहले मासिक धर्म के बारे में कोई जानकारी नहीं होती। मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता के तौर-तरीके न अपनाने से 23 प्रतिशत महिलाएं सर्वाइकल कैंसर व अन्य रोगों की शिकार हो रहीं हैं। ग्रामीण इलाकों में 48 प्रतिशत महिलाएं ही सैनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल कर रही हैं। यह तथ्य डराने और हैरान करने वाले हैं।
स्वस्थ लड़की, स्वस्थ परिवार की नींव
स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार मासिक धर्म को लेकर लोगों में गलतफहमियां हैं। ये कोई बीमारी नहीं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य लड़की ही स्वस्थ्य परिवार की नींव रखती है। मासिक धर्म में महिलाओं व युवतियों को घबराने, छुपाने या शर्माने की जरूरत नहीं है। यह स्वभाविक प्रक्रिया है। इस दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। गंदा कपड़ा इस्तेमाल न करें। बाजार में सस्ते सेनेटरी पैड्स भी उपलब्ध हैं। उनका इस्तेमाल करें। रूढ़िवादी सोच से हटकर जागरूक होने की जरूरत है। महिलाएं स्वयं भी जागरूक हों और अपनी बच्चियों को भी जागरूक बनाएं।

मेकअप से बढ़ता है आत्मविश्वास
मेकअप से सिर्फ खूबसूरती ही नहीं निखरती, मूड भी ठीक होता है। आमतौर पर लड़कियां दूसरों के सामने अपने आप को अच्छी तरह से प्रस्तुत करना चाहती हैं और इस काम में मददगार साबित होता है मेकअप। मेकअप एक ऐसी कला है, जिससे खूबसूरती भी निखरती है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। मनोवैज्ञानिक भी मानते हैं कि मेकअप से आत्मविश्वास बढ़ता है, क्योंकि जब हम अच्छे लग रहे होते हैं तो किसी के सामने पूरे आत्मविश्वास के साथ जाते हैं। मेकअप आत्मविश्वास देता है, बल देता है, प्राकृतिक गुणों को उभारता है।
मेकअप करना एक कला की तरह है। कला की तरह ही किया जाए तो महिलाओं को मेकअप करने में भी काफी मजा आता है। मेकअप की मदद से आप कई सारे अलग-अलग लुक को आजमा सकती हैं। जैसे-जैसे कोई महिला मेकअप करने में हुनरमंद होती जाती है, वैसे-वैसे मेकअप की बारीकियों से भी रूबरू होती जाती है। खासकर यह कि आपके चेहरे पर कौन-सा और कैसा मेकअप सूट करता है। एक बार आपको यह समझ आ गया तो फिर आपका चेहरा कैनवास और आप बन जाएंगी चित्रकार, जैसा चाहे संवार लें अपना चेहरा। खूबसूरती निखारने के अलावा मेकअप और कैसे है फायदेमंद, आइए जानें:
बढ़ता है आत्मविश्वास
कई बार महिलाओं का आत्मविश्वास मेकअप की वजह से भी बढ़ता है। महिलाएं भी इस बात से सहमत होती हैं कि मेकअप करने से उनके अंदर आत्मविश्वास भर जाता है। जहां कुछ महिलाएं आंखों पर काजल या लाइनर लगाकर खुद को आत्मविश्वास से भरा पाती हैं।वहीं कुछ ऐसी भी होती हैं, जो तब तक घर से बाहर कदम नहीं रखतीं, जब तक उनका पूरा मेकअप न हो जाए। दरअसल मेकअप करने से चेहरा सुंदर दिखने लगता है, जिससे अंदर से खुद पर और अपनी क्षमताओं पर भरोसा जाग जाता है।
मूड बना दे
मेकअप कहीं न कहीं आपके मूड को भी अच्छा कर देता है। शायद यही वजह है कि अधिकांश महिलाओं को थोड़ा-बहुत ही सही, पर मेकअप करना अच्छा लगता है। काजल, लिपस्टिक या फिर किसी खास आकार की बिंदी इन्हीं वजहों के कारण हम महिलाओं की पर्सनैलिटी का हिस्सा बन जाती है। अगर आप अपने चेहरे पर मेकअप करती हैं तो आप मेकअप की मदद से अपने चेहरे की छोटी-मोटी कमियों को आसानी से छिपा सकती हैं, जिससे आत्मविश्वास आता है। सिर्फ इतना ही नहीं, मेकअप की मदद से आपके चेहरे की खोई चमक वापस लौट आती है।
खुद से करें प्यार
अगर आपको मेकअप करना पसंद है तो किसी की चिंता किए बिना मेकअप कीजिए। मेकअप को लेकर लोगों की राय अलग होती है, पर आप अपनी राय मानिए। अगर काजल और आई लाइनर लगाकर आप अच्छा महसूस करती हैं, तो वह लगाइए। अगर लाल लिपस्टिक लगाकर आपका खोया आत्मविश्वास वापस लौट आता है, तो बेधड़क होकर लगाइए।
मिट जाती है थकान
मेकअप करने के बाद न सिर्फ आपके चेहरे की थकान छिप जाती है, बल्कि मेकअप देखकर आपके मन की थकान भी मिट जाती है। वैसे थकावट तो हम नींद से भी दूर कर सकते है, परंतु फिर भी थकावट हमारे चेहरे पर आसानी से दिखती है। इसे आप हल्के मेकअप से आसानी से दूर कर सकती हैं और अपने लुक को बेहतर बना सकती हैं। इसके लिए आपको सिर्फ बीबी क्रीम, लिप कलर और मस्कारा की आवश्यकता होगी और साथ ही अपनी आई ब्रो का ध्यान रखना न भूलें।
दिखाता है परिपक्व
हालांकि उम्र से बड़ा कोई नहीं दिखना चाहता है, पर कई बार मेच्योर होने से ज्यादा दिखना जरूरी हो जाता है। यह भी मेकअप से संभव है। मेकअप से आपका पूरा लुक बदल जाता है। सामने वाला उन्हें गंभीरता से ले, इसके लिए कुछ लोग इस ट्रिक का इस्तेमाल करते हैं।

गर्मी के मौसम में करें ये उपाय
गर्मियों के मौसम में तेज धूप तथा यूवी रेडिएशन की वजह से त्वचा में नमी कम हो जाती है, जिस वजह से त्वचा रूखी, मुरझाई तथा बेजान हो जाती है और त्वचा का रंग सामान्य से ज्यादा गहरा या काला हो जाता है। गर्मी तथा वायु प्रदूषण से चेहरे पर कील, मुहांसे, छाइयां, काले दाग उभर आते हैं। इसमें आपको घरेलू उपायों से राहत मिल सकती है।
इस मौसम में त्वचा की देखभाल के और सूर्य की किरणों से बचाव के लिए सनस्क्रीन का लेप काफी प्रभावी माना जाता है। इसके अलावा छाता लेकर चलना तथा दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक घर में रहना वैकल्पिक उपाय माने जाते हैं। अगर आपको भरी दोपहर में घर से निकलना ही पड़े तो सूर्य की गर्मी से बचाव करने वाली सनस्क्रीन लगाकर ही निकलें।
त्वचा में मेलेनिन की मात्रा बढ़ जाती है जो कि त्वचा की रंगत को प्रभावित करती है। मेलेनिन वास्तव में सूर्य की हानिकारक अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से त्वचा की रक्षा करता है। मेलेनिन जब त्वचा के निचले हिस्सों में पैदा होने के बाद इसके ऊपरी बाहरी हिस्सों तक पहुंचता है तो त्वचा की रंगत काली पड़ जाती है।
सूर्य की गर्मी से झुलसी त्वचा की रंगत को दुबारा हल्की रंगत में लाने के लिए त्वचा के अनुरूप फेशियल स्क्रब का उपयोग कर सकती हैं। यदि आपकी त्वचा शुष्क हो तो सप्ताह में मात्र एक बार ही स्क्रब का उपयोग करना चाहिए, पर तैलीय त्वचा में इसका उपयोग दोहरा सकती हैं।
स्क्रब को त्वचा पर आहिस्ता से गोलाकार स्वरूप में उंगलियों के सहारे लगाना चाहिए तथा कुछ समय बाद इसे ताजे सादे पानी से धो डालना चाहिए। इससे त्वचा की मृत कोशिकाएं हट जाती हैं जिससे त्वचा में निखार आ जाता है।
घर में उपलब्ध उत्पादों से स्क्रब बनाया जा सकता है। वास्तव में रसोई में रखे अनेक उत्पादों को झुलसी त्वचा को ठीक करने के लिए सीधे तौर पर लगाया जा सकता है।
दिनभर बाहर रहने पर शाम को चेहरे पर कुछ समय तक बर्फ के टुकड़ों को रखिए। इससे सनबर्न से हुए नुकसान से राहत मिलेगी तथा त्वचा में नमी बढ़ेगी।
चेहरे पर टमाटर का पेस्ट लगाने से भी गर्मियों में झुलसी त्वचा को काफी सुकून मिलता है।
सनबर्न के नुकसान को कम करने के लिए चेहरे को बार बार ताजे, साफ तथा ठंडे पानी से धोइए।
गुलाब जल में तरबूज का रस मिलाकर चेहरे पर लगाने के 20 मिनट बाद ताजे पानी से धो डालने से सनबर्न का असर खत्म हो जाएगा।
एक चम्मच शहद में दो चम्मच नींबू का रस मिलाइए तथा आधा घंटा बाद ताजे साफ पानी से धो डालिए।
इसे प्रतिदिन चेहरे पर लगाइए।
तैलीय त्वचा से झुलसी त्वचा को राहत प्रदान करने के लिए खीरे की लुगदी को दही में मिलाइए और इस मिश्रण को 20 मिनट बाद ताजे स्वच्छ पानी से धो डालिए।
सूर्य की किरणों से झुलसी त्वचा पर कॉटनवूल की मदद से ठंडा दूध लगाएं। इससे त्वचा को न केवल राहत मिलेगी, बल्कि त्वचा कोमल बनकर निखरेगी।
लंबे समय तक इसका उपयोग करने से त्वचा की रंगत में निखार आएगा।
तिल को पीसकर इसे आधे कप पानी में मिला लीजिए तथा दो घंटे तक मिश्रण को कप में रखने के बाद पानी को छानकर इससे चेहरा साफ कर लीजिए, झुलसी त्वचा में फायदा होगा।

फेस सीरम से पाये अच्छी त्वचा
अगर आप अपने रोजाना के ब्यूटी रूटीन में कुछ आसान से बदलाव कर लें तो अच्छी त्वचा पाना बेहद आसान हो जाएगा। ऐसा करने का एक सबसे बेहतरीन तरीका है स्किन केयर प्रॉडक्ट्स में सीरम को शामिल करना।
सीरम लाइट वेट लिक्विड्स होते हैं, जिनमें त्वचा को फायदा पहुंचाने वाले ऐक्टिव इन्ग्रीडिएंट्स हाई कॉन्संट्रेशन में मौजूद होते हैं। ये इन्ग्रेडिएंट्स त्वचा को सेहतमंद बनाने वाले मुख्य तत्वों के रूप में काम करते हैं।लेकिन एक ही सीरम हर किसी के लिए ठीक हो यह जरूरी नहीं। सीरम को लेकर इन बातों का ध्यान रखें
सीरम एक ऐसा प्रॉडक्ट है जिसमें स्किनकेयर को विस्तार देने की क्षमता है। यह त्वचा की कुछ खास समस्याओं को ध्यान में रखकर बनाया जाता है जैसे- उम्र के साथ त्वचा पर दिखने वाली बारीक रेखाएं, झुर्रियां, पिगमेंटेशन, स्किन की नीरसता और रोमछिद्रों का बड़ा हो जाना। सीरम को त्वचा पर सीधे लगाया जाता है, जहां से ये समस्याएं शुरू होती हैं, ये स्किन की ऊपरी लेयर को भेदकर उस जगह पहुंचकर उसको ठीक करते हैं, जहां से यह समस्याएं पैदा होती हैं। इसलिए अगर स्किन की कोई ऐसी समस्या है जिससे आप लंबे समय से जूझ रही हैं तो सीरम इस समस्या को दूर करने के लिए बेस्ट स्किन एजेंट है। जिन महिलाओं की त्वचा हेल्दी है वे भी विटमिन्स और प्लांट एक्सट्रैक्ट वाले सीरम को अपने डेली रूटीन में शामिल कर सकती हैं। इस तरह के डेली विअर सीरम अपनी ऐंटीऑक्सिडेंट प्रॉपर्टी के साथ आपकी त्वचा को रिपेयर करते हैं और हर मौसम में बैलेंस बनाए रखते हैं।
लगाने का सही तरीका
अच्छी स्किन केयर का सीक्रेट है इसे सही तरीके से लगाना। इसलिए आपको यह पता होना जरूरी है कि किस ऑर्डर में क्लींजिंग, टोनिंग, इनरिचिंग और मॉइश्चराइजिंग होनी चाहिए। स्किन को नरिश्मेंट देने के स्टेप्स में क्लींजिंग और टोनिंग के बाद तीसरे नंबर पर आता है सीरम लगाना। इसे लगाने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि इसे दो उंगलियों से लगाएं ताकि यह फैले नहीं और दिन का वक्त हो तो सीरम के बाद सनस्क्रीन लगाएं और रात का वक्त हो तो एक अच्छा मॉइश्चराइजर अप्लाई करें।
अपनी त्वचा के लिए बेस्ट सीरम का चुनाव
अंदरूनी और बाहरी वातावरण में सक्रिय चीजों के अनुरूप अलग-अलग तरह की स्किन अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया देती है। यही वजह है कि बाजार में मौजूद रेग्युलर स्किन सीरम के अलावा आप अपनी स्किन की खास परेशानियों को ध्यान में रखते हुए ऐसे सीरम का चुनाव कर सकती हैं, जो स्किन को गहराई से ठीक कर सके। स्किन में कोलाजन और इलास्टिन बॉन्ड को टूटने से बचाने और बढ़ती उम्र के प्रभावों को रोकने के लिए आप ऐसे सीरम का इस्तेमाल कर सकती हैं जिनमें रेटिनॉल, पेप्टाइड्स या ऐंटिऑक्सिडेंट्स मौजूद हों। अच्छे सीरम में पेप्टाइट्ज, स्टेम सेल्स और विटमिन्स जैसे बढ़िया तत्व मौजूद होते हैं और फिलर्स नहीं होते, यही वजह है वे थोड़े महंगे हो सकते हैं।

खूबसूरती बढ़ाने करें ये घरेलू उपाय
खूबसूरती बढ़ाने के लिए महिलाएं तरह तरह के उपाय करती हैं और महंगे सौंदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल करती हैं पर क्या आप जानती हैं खूबसूरती का खजाना आपके रसोईघर में ही उपलब्ध है। आपके घर में ऐसे ढ़ेर सारे खाद्य पदार्थ मौजूद होते हैं, जो हमारी सुंदरता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
दूध : प्रतिदिन चेहरे पर रुई के फाहे से कच्चा दूध लगाने पर चेहरे पर मौजूद ध्ब्बे हल्के हो जाते हैं। बाद में चेहरे को हल्के गुनगुने पानी से साफ कर लें।
आलू कच्चे : आलू का रस निकालकर त्वचा पर लगाने से दाग-धब्बों से राहत मिलती है। आलू में मौजूद पोटैशियम सल्फर, फास्फोरस और कैल्शियम त्वचा की सफाई में मदद करता है।
कच्चे आलू को काटकर आंखों के नीचे प्रतिदिन थोड़ी देर मलने से आंखों के नीचे का
कालापन दूर होता है और त्वचा की रंगत भी निखरती है।
आलू का रस बालों के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में स्टार्च पाया जाता है, जिससे बालों में मौजूद अतिरिक्त तेल साफ हो जाता है। यही नहीं कच्चे आलू के रस से बालों को धोने पर बाल मजबूत होते हैं।
संतरा : चेहरे पर प्रतिदिन संतरे का ताजा रस लगाने से निखार आता है।
संतरे के छिलकों को थोड़े से पानी के साथ अच्छी तरह पीसकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे पर लगाने से मुहांसों की समस्या दूर होती है। अगर आपकी त्वचा रूखी है तो संतरा एक बेहतरीन मॉइश्चराइजर का काम करता है। एक चम्मच संतरे के रस में आधा चम्मच शहद और एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर लगाकर करीब 15 मिनट के लिए छोड़ दें। बाद में साफ करें।
सेब
एक सेब लेकर उसे अच्छी तरह मसल लें। इसे चेहरे पर फेसपैक की तरह लगाएं। इससे त्वचा में निखार आता है। साथ ही कसावट भी आती है।
सेब की एक स्लाइस काटकर इसे दांतों पर मलने से दांतों में चमक आती है।
अनानास
चेहरे पर ताजा अनानास
का रस लगाने से त्वचा में निखार आता है। बेहतर परिणाम के लिए इसे दिन में कई बार लगाएं।

तेज धूप से इस प्रकार करें बचाव
गर्मियों का मौसम शुरू होते ही धूप में चलना मुश्किल हो जाता है। धूप के साथ-साथ आने वाली सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणें आपकी त्वचा के लिए नुकसानदायक होती हैं। चेहरे की त्वचा बहुत नाजुक होती है इसलिए ये अल्ट्रावायलेट किरणों से जल्दी प्रभावित होती है। उम्र से पहले त्वचा पर पड़ने वाली झुर्रियां, फाइन लाइंस, त्वचा का फटना, रंगत पर प्रभाव, झांइयों का सबसे बड़ा कारण यूवी किरणें होती हैं। ये हानिकारक किरणें कई तरह के स्किन संबंधी रोगों के साथ-साथ स्किन कैंसर का भी कारण बन सकती हैं। इसलिए अगर आप धूप की यूवी किरणों से खुद को बचाना चाहती हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें।
सनस्क्रीन लगाएं
घर से बाहर निकल रही हैं, तो सनस्क्रीन जरूरी है। आप अपनी त्वचा के अनुसार कम से कम 20 एसपीएफ का सनस्क्रीन जरूर लगाएं। इसके अलावा अगर आप ज्यादा देर तक धूप में रहती हैं, तो आपको हर दो घंटे में सनस्क्रीन लगाते रहना चाहिए।
पूरे शरीर को ढक कर रखें
धूप में बाहर घूमने जाना है या कोई जरूरी काम है, अपने पूरे शरीर को ढक कर रखें। इसके लिए धूप का चश्मा, सिर ढकने के लिए स्टॉल, हैट और पूरी बांह के कपड़े जरूर पहनें। ध्यान रखें कि चेहरे की त्वचा नाजुक होती है इसलिए धूप में निकलने के दौरान चेहरे और हाथों को अच्छी तरह कवर करें। सूती कपड़े पहनने से पसीना जल्दी सूखता है। कोशिश करें कि आपकी हैट चौड़ी हो और चश्मा यूवी प्रोटेक्शन वाला हो।
खूब पानी पिएं
पानी हर मौसम में हमारे शरीर के लिए जरूरी है। अगर आप धूप में बाहर निकल रहे हैं, तो अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें। पानी पीने से शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स यानी विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। इसके अलावा गर्मी में पसीना ज्यादा बहता है, इसलिए पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है। पानी पीने से त्‍वचा की नमी बरकरार रहती है और चमक भी बनी रहती है। इसके अलावा धूप की किरणों के कारण सनटैन का खतरा भी कम हो जाता है।
फल और हरी सब्जियां खाएं
यूवी किरणों और धूप के प्रभाव से बचने के लिए फल और सब्जियों का सेवन भरपूर करें। गर्मी के मौसम में बाजार में खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा, अंगूर, आम आदि फल आते हैं, जो आपके शरीर को पौष्टिक तत्व भी देते हैं और पानी की कमी भी पूरी करते हैं। ताजे फलों में एंटीऑक्‍सीडेंट होता है जो त्‍वचा को धूप की हानिकारक किरणों से बचाता है।
छाता लेकर चलें और जरूरी हो, तभी निकलें बाहर
गर्मियों में अगर जरूरी हो तभी घर से निकलें। आमतौर पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक धूप बहुत तेज होती है। इसलिए इस दौरान कम से कम बाहर निकलने की कोशिश करें। यदि आपको जाना भी पड़े, तो छाते का प्रयोग करें। इसके इस्तेमाल से यूवी किरणों से 99 फीसदी तक सुरक्षा मिलती है।

मेकअप पर इस प्रकार लगायें सनस्क्रीन
किसी भी मौसम में बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना कितना जरूरी है। सनस्क्रीन आपकी त्वचा को सूरज की नुकसानदायक किरणों से बचाती है, टैनिंग से बचाती है साथ ही ड्राई होने और बर्निंग से भी बचाता है। इन सबके अलावा यह आपकी त्वचा को समय से पहले एजिंग (उम्रदराज) होने के प्रभाव से भी रोकती है। इसलिए अगर आप बाहर जा रही हैं तो सनस्क्रीन जरुर लगायें।
अगर आपने मेकअप कर रखा है तो भी सनस्क्रीन लगायें। अगर आप धूप में 2 घंटे से ज्यादा का वक्त बिताती हैं तो ब्यूटी ब्लेंडर से सनस्क्रीन दोबारा लगा सकती हैं। इसके लिए आपको ब्लेंडर पर बस थोड़ा सा सनस्क्रीन निकालकर इसे पूरे चेहरे पर ब्लेंड करना है। इसको चेहरे पर घुमाकर या मलकर न लगाएं वर्ना मेकअप खराब हो जाएगा। बस इस पर सनस्क्रीन लें और चेहरे पर थपथपा लें। आपकी त्वचा सनस्क्रीन को अब्जॉर्ब कर लेगी और आपका फाउंडेशन भी नहीं बिगड़ेगा। इसके बाद आप ब्लश या ब्रॉन्जर से टचअप दे सकती हैं क्योंकि यह सनस्क्रीन से हल्का हो सकता है। सनस्क्रीन लग जाए तो टचअप दे लें। धूप के प्रभाव से भी बची रहेंगी और मेकअप भी नहीं बिगड़ेगा।

सोशल मीडिया भी आपको कर सकता है बीमार
अगर आप भी सोशल मीडिया पर घंटों सक्रिय रहती हैं और दूसरी की प्रोफाइल तस्वीरें देखकर अपनी तुलना उससे करने लगती हैं तो सावधान हो जाएं ये आदत आपके लिए नुकसानदेह हो सकती है। सोशल मीडिया पर दूसरों की खूबसूरत तस्वीरें देखने से आपके अंदर हीन भावना आ सकती है। इसकी वजह से आप आत्मविश्वास खो देंगी जिससे उदासी आपके अंदर घर कर जाएगी। यहां तक कि यह उदासी बढ़ने पर अवसाद का रुप भी ले सकती है।
सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह के अध्ययनों में यह बात सामने आयी है कि सोशल मीडिया पर अपनी फोटो शेयर करने वाले लोगों में हीन भावना आ रही है।
सबसे पहले इस सर्वे में 227 लड़कियों को शामिल किया गया। सर्वे में पता चला कि लड़कियां सबसे ज्यादा अपनी तुलना अपने दोस्तों से ही करती हैं। इसके अलावा वो फेसबुक पर लोकप्रिय सेलिब्रिटीज की एडिटिड तस्वीरें देखकर भी परेशान हो जाती हैं। इस सर्वे में इस बात का भी पता चला कि लड़कियां कभी भी अपनी तुलना अपने परिवार के सदस्यों से नहीं करती हैं। ऐसे में इन लोगों को ये समझना जरूरी है कि जो तस्वीरें फेसबुक पर देखने को मिलती हैं वो पूरी तरह सही नहीं होती हैं।
वहीं एक अन्य अध्यन में इस बात का दावा किया गया कि लगातार ली गई कई सेल्फी के बावजूद भी लड़कियां अपने अंदर आत्मविश्वास नहीं जगा पाती हैं। इन तस्वीरों में उन्हें कहीं न कहीं खामियां नजर ही आती रहती हैं। इतना ही नहीं वो अपनी तस्वीर की तुलना अपने दोस्तों के साथ भी करती हैं। लड़कियों को अपनी तस्वीर में सिर्फ खामियां ही नजर आईं। उनके पास उस तस्वीर को सुधारने का मौका था, बावजूद इसके उनका ध्यान सिर्फ नकारात्मक चीजों पर ही लगा रहा।ऐसे में आपको अपनी तुलना छोड़कर सोशल मीडिया का उपयोग आत्मविश्वास बढ़ाने और जिंदगी को बेहतर तरीके के लिए जीने के लिए करना चाहिये।
अध्ययन के अनुसार दिक्कतें उस समय से शुरू हो जाती हैं जब लोग अपनी तुलना दूसरों से करना शुरू कर देते हैं। ऐसा करना उसके आत्मविश्वास के लिए घातक साबित हो सकता है। आज लोग अपनी शारीरिक सुंदरता को लेकर इतना सचेत रहते हैं कि यह उनके लिए तनाव का कारण बन जाता है। एक अध्ययन के मुताबिक सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले लोग खुद को दूसरों की तुलना में अपने को कम आंकने लगते हैं।

गर्भनिरोधक गोलियां लेने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
अगर आप भी परिवार नियोजन के लिए गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती हैं तो सावधान हो जाएं क्योंकि यह नुकसानदेह भी हो सकती हैं। एक अध्ययन के अनुसार गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं में चेहरे के हाव-भावों को पढ़ने की क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे उनके अंतरंग संबंध पर भी असर पड़ सकता हैं। अध्ययन के अनुसार इन महिलाओं को खुशी या डर जैसे मूल हाव-भावों के बजाय गर्व या अपमान जैसे जटिल भावनात्मक हाव-भावों की पहचान करने का अवसर दिया गया था। इस दौरान गर्भनिरोध गोलियां (ओसीपी) लेने वालीं महिलाओं में भावनात्मक पहचान में बदलाव देखा गया।
इसमें पता चला कि गोलियों का इस्तेमाल नहीं करने वाली महिलाओं की तुलना में ओसीपी प्रयोगकर्ताओं में तकरीबन 10 प्रतिशत नकारात्मक असर दिखा। अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि इस अध्ययन ने ओसीपी के संभावित प्रभाव को लेकर सवाल खड़े किए हैं कि इसका असर सामाजिकता और अंतरंग संबंधों पर पड़ सकता है।
अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि जन्म नियंत्रण के अलावा हार्मोन से संबंधी गर्भनिरोधक गोलियां मुंहासे, भारी माहवारी एवं एंडोमेट्रिओसिस को नियंत्रित करने में मददगार हो सकती हैं। साथ ही इनसे गर्भाशय और पाचन तंत्र के निचले भाग पर स्थित कोलन के कैंसर का खतरा कम हो सकता है।
एंडोमेट्रिओसिस, महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन के कारण होने वाली ऐसी बीमारी है, जो दर्द, अनियमित मासिक धर्म के साथ बांझपन जैसी गंभीर समस्याओं को लेकर आती हैं। इसका नकारात्मक प्रभाव यह है इन दवाइयों से स्तन और सर्वाइकल कैंसर, खून के थक्के बनना और उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ सकता है। दुनिया भर में 10 करोड़ महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती हैं लेकिन इससे उनकी भावनाओं, बोध तथा व्यवहार पर पड़ने वाले असर के बारे में बहुत कम जानकारी है। इन परिणामों में यह सुझाया गया है कि गर्भनिरोधक गोलियां लेने वाली महिलाओं में अन्य के भावनात्मक हाव-भावों की पहचान करने की क्षमता प्रभावित होती है।

बच्चों के लिए बनायं मशरूम डिश
बच्चों को खाना खिलाना कभी-कभी काफी मुश्किल होता है। ऐसे में उनके पोषण और सेहत का ख्याल रखना मुश्किल हो जाता है। आपकी इस समस्या का निदान करने के लिए आज हम आपके लिए लेकर आए हैं मशरूम-हरा प्याज वाली डिश। यह बच्चों को बेहद पसंद आयेगी। इसकी रेसिपी इस प्रकार है।
सामग्री :
बारीक कटा मशरूम- 400 ग्राम
बारीक कटा हरा प्याज- 2
पानी- 2 कप
बटर- 3 चम्मच
कॉर्न फ्लोर- 1 चम्मच
दूध- 1 कप
नमक व काली मिर्च- स्वादानुसार
बारीक कटी धनिया पत्ती- 4 चम्मच
विधि :
एक पैन में तेल गर्म करें और उसमें कटा हुआ मशरूम और हरा प्याज डालें। प्याज और मशरूम के मुलायम होने तक पकाएं। नमक और काली मिर्च पाउडर डालकर मिलाएं। गैस ऑफ करें और मशरूम को ठंडा होने दें। अब मशरूम को अन्य सभी सामग्री के साथ ब्लेंडर में डालकर अच्छी तरह से प्यूरी तैयार कर लें। सूप को वापस पैन में डालकर गाढ़ा होने तक पकाएं। जरूरत हो तो थोड़ा-सा पानी भी मिलाएं। नमक और काली मिर्च को स्वादानुसार रखें। धनिया पत्ती से सजा कर बच्चों को दें।

सनस्क्रीन को हर मौसम में लगायें
हर मौसम में घर से बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन को लगाना चाहिए क्योंकि यह आपकी स्किन (त्वचा) को सूर्य की हानिकारक किरणों के साथ ही सनबर्न से भी बचाती है हालांकि इसके फायदे जानने के बाद भी बहुत सी लड़कियां और महिलाएं ऐसी होती हैं जो हर दिन सनस्क्रीन का इस्तेमाल नहीं करतीं हैं। सनस्क्रीन सिर्फ धूप से नहीं बचाती बल्कि त्वचा के लिए भी कई तरह से फायदेमंद है।
चेहरे पर आता है निखार
अगर आप ऐसी क्रीम या प्रोटेक्शन का इस्तेमाल नहीं करतीं हैं जो आपकी स्किन को सूर्य की हानिकारक यूवी किरणों से बचाता है तो आपकी स्किन निश्चित तौर पर ड्राई होकर डैमेज हो जाएगी। सुबह घर से बाहर निकलते वक्त स्किनकेयर का ध्यान रखना इसलिए भी जरूरी है ताकि दिनभर आपकी स्किन को वातावरण से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। सनस्क्रीन लगाने से स्किन की बाहरी लेयर प्रोटेक्टेड रहती है और चेहरे पर आता है हेल्दी ग्लो।
मुंहासे का दाग होगा दूर
अगर आपके चेहरे पर अक्सर कील-मुंहासे निकल आते हैं और मुंहासे ठीक होने के बाद उनका दाग रह जाता है तो इस परेशानी में सनस्क्रीन आपके काम आ सकती है। डर्मैटॉल्जिस्ट्स के अनुसार इस समस्या को पोस्ट-ऐक्ने हाइपरपिग्मेंटेशन कहते हैं। अगर आप नियमित रूप से सनस्क्रीन फेस पर लगाती रहेंगी तो कील-मुंहासे के दाग से छुटकारा पाना आसान हो जाएगा।
फेस पर आएगी ताजगी
हेल्दी स्किन में मौजूद कोलाजन, केराटिन और इलास्टिन जैसे इसेंशल स्किन प्रोटीन को सुरक्षित बनाए रखने और मेनटेन रखने में भी सनस्क्रीन आपकी मदद कर सकता है। ये वे इसेंशल प्रोटीन हैं जो स्किन को स्मूथ और ग्लोइंग बनाने में मदद करते हैं। स्किन की नैचरल ब्यूटी बनाए रखने में टाइटेनियम ऑक्साइड बेहद फायदेमंद है। लिहाजा ऐसा सनस्क्रीन यूज करें जिसमें टाइटेनियम ऑक्साइड मौजूद हो।
प्राइमर की तरह करेगा काम
सनस्क्रीन प्राइमर की तरह भी काम करता है और यह फेस पर फाइन लाइन्स, ड्राइनेस और ब्राउन स्पॉट्स को दूर करने में मदद करता है। स्किन की अलग-अलग प्रॉब्लम्स से निपटने के लिए सनस्क्रीन एक अच्छा तरीका है।

खूबसूरती भी बढ़ाता है नमक
नमक, आपकी त्वचा, बाल और नाखूनों को खूबसूरत बनाने के लिए बेहद कारगर साबित हो सकता है। नमक के इन घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल इस प्रकार करें
नमक के पानी से नहाएं
नमक के पानी में नहाने से शरीर में मौजूद गंदगी, प्रदूषण से जुड़े हानिकारक तत्व और ऑइल को नमक सोख लेता है और आपको मिलती है सॉफ्ट, स्मूथ और चमकदार त्वचा। इसके लिए अपने बाथटब को गुनगुने पानी से भर लें और फिर इसमें करीब 1 कप नमक डाल दें और नमक को पानी में अच्छी तरह से घोल दें। अब इस पानी में 15 से 30 मिनट के लिए आराम से बैठें और फिर सामान्य पानी से नहा लें।
सॉल्ट मास्क यूज करें
4 चम्मच शहद में 2 चम्मच समुद्री नमक डालें और अच्छी तरह से मिला कर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं और 15 से 20 मिनट के लिए लगा छोड़ दें। अब एक नर्म कपड़े को गर्म पानी में भिगोएं और उसे अपने फेस पर 30 सेकंड के लिए रख दें। अब इसी कपड़े से सर्कुलेर मोशन में हल्के हाथ से फेस को साफ करें और फिर नॉर्मल पानी से चेहरा धो लें। आप देखेंगी कि आपके चेहरे पर निखार आ जाएगा।
टोनर के तौर पर करें इस्तेमाल
स्किन के पोर्स को साफ करने, स्किन में तेल के उत्पादन को बैलेंस करने और कील-मुहांसे जैसी चीजों को पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ने में भी मददगार है नमक। टोनर के तौर पर भी आप नमक का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके लिए 120 मिलीलीटर गुनगुने पानी में 1 चम्मच समुद्री नमक मिलाएं। जब नमक पूरी तरह से पानी में घुल जाए तो इसे स्प्रे बॉटल में भरें और चेहरे पर दिन में 1 या 2 बार छिड़कें।
नमक से बनाएं बॉडी स्क्रब
स्किन पर मौजूद डेड स्किन सेल्स को हटाने में बेहतरीन एक्सफोलिएंट का काम करता है नमक। इसके लिए एक चौथाई कप नमक लें और उसमें आधा कप ऑलिव ऑइल या नारियल का तेल मिलाएं। इस मिश्रण में अपने पसंदीदा इसेंशल ऑइल की 10 बूदें मिलाएं। इसे अपने चेहरे के साथ-साथ स्किन के बाकी हिस्सों पर भी लगाएं और हल्के हाथ से एक्सफोलिएट करें। फिर कुछ देर बाद सामान्य पानी से धो लें।

हॉट कैंडल वैक्स मसाज से नजर आयें खूबसूरत
अगर आपके चेहरे पर बारीक रेखाएं, महीन लकीरें और झुर्रियां नजर आने लगी है, तो हॉट कैंडल मसाज आपको फिर पुराना निखार देगा। हॉट कैंडल मसाज से आपकी स्किन (त्वचा) भी ठीक हो जाएगी और आप लंबे समय तक जवां और खूबसूरत दिखेंगी।
ऐसे होती है हॉट वैक्स मसाज
इस थेरेपी में मोमबत्ती को जलाकर पिघलाया जाता है। जब इससे वैक्स पिघलकर निकलने लगता है, तब शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर इससे स्क्रब किया जाता है। उसके बाद गर्म तौलिए से शरीर को लपेट दिया जाता है। इस तरीके से शरीर के डेड स्किन को मॉइश्चराइज किया जाता है और फिर स्किन पर ब्राइटनिंग पैक लगाया जाता है। इससे स्किन शाइन करने के साथ ही टाइट भी हो जाती है।
पूरी बॉडी में करवा सकती हैं
इस मसाज को पूरी बॉडी में करवाया जा सकता है। ओवरऑल बॉडी के लिए यह बेहद फायदेमंद है। दरअसल, इस मसाज में डेड स्किन सेल्स खत्म हो जाते हैं और बॉडी का ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है।
स्ट्रेच मार्क्स होते हैं दूर
इस मसाज से ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है, जिससे स्किन पर आए दाग धब्बे या स्ट्रेच मार्क्स से आपको राहत मिलती है। केवल तीन से चार सिटिंग में आप इस मसाज के जरिए स्ट्रेच मार्क्स खत्म कर सकती हैं।
वैक्स से मसाज
आंखों के नीचे तीन उंगलियां रखें जिनपर कैंडल वैक्स लगा हो। इन्हें 10 सेकंड के लिए प्रेस करें और फिर हटा लें। ऐसा दोबारा करें और हटा लें। दिन में 2 बार यह व्यायाम करें। इससे आंखों के नीचे की लटकती हुई त्वचा नैचरली टाइट होने लगेगी। साथ ही इससे पफी आइज यानी आंखों के आसपास सूजन की समस्या भी दूर होगी।
रिंग फिंगर पर वैक्स लगा लें और इनसे आईब्रोज पर प्रेशर डालें। कम से कम 7 सेकंड के लिए ऐसा करें। आईब्रोज पर प्रेशर डालने से आंखें ऊपर की तरफ लिफ्ट होंगी। इससे ब्लड सर्कुलेशन तेज होगा और डार्क सर्कल्स जैसी प्रॉब्लम्स दूर रहेगी।
वैक्स लेकर आंखों के दोनों कोने पर हाथ की रिंग फिंगर रखें और थोड़ा-सा स्ट्रेच करें। कम से कम 3 सेकंड के लिए प्रेशर बनाएं फिर छोड़ दें। इससे झुर्रियां कम हो जाएगी।

ये बातें अपने तक ही रखें
महिलाओं के बीच अक्सर सबसे पसंदीदा विषय उनके पति या ब्वॉफ्रेंड ही होते हैं पर बातों-बातों में उनके मुंह से कई बार अपने पार्टनर के बारे में वो बातें निकल जाती हैं, जिनके लिए उन्हें बाद में पछतावा होता है।
अक्सर पति से झगड़ा होने के बाद पत्नियां अपने मायके चली जाती हैं और वहां जाकर अपना दुख सबको बताने लगती हैं। जरा सी सांत्वना पाने के चक्कर में वह आगे के लिए अपना रास्ता खुद खराब कर लेती हैं।
पति से मनमुटाव या झगडो़ के बारे में मायके डंका पीटने से दूसरों की नजरों में आपके पति की इज्जत कम होती है। भविष्य में वो झगड़ा खत्म होने के बाद आप चाहकर भी अपने पति के सम्मान को बढ़ा नहीं पाएंगे। इसलिए घर की बातें घर में ही रहने दें।
अपने पति के वेतन का जिक्र कभी दूसरों के सामने न करें। मौजूदा दौर में एक व्यक्ति का रुतबा ऐसी ही चीजों से तय होता है। व्यवहार में भले ही वो इंसान कितना भी बेहतर क्यों न हो, लोग उसकी जेब में झांककर जरूर देखते हैं।
यदि आपके पति को किसी चीज से डर या भय है तो इसे अपने तक ही सीमित रखें। दूसरों तक यह बात जाने से उनकी निजता और प्रतिष्ठा तो खराब होगी ही। साथ ही साथ वो अवसाद का शिकार भी हो सकते हैं।

इस प्रकार करें सही तरीके से मेकअप
मेकअप तो सभी महिलाएं कर ही लेती हैं पर मेकअप करने के दौरान अधिकतर महिलाएं बहुत सी ऐसी गलतियां करती हैं, जिससे उनका चेहरा खूबसूरत दिखने के बजाए अजीब लगने लगता है। मेकअप करने का सही तरीका जानें।
चेहरे को तरोताजा और प्राकृतिक लुक देने के लिए सबसे पहले कंसीलर का इस्‍तेमाल करें। इसके लिए कंसीलर के दो शेड का इस्तेमाल करें। लाइट कंसीलर को आंखों के पास लगाएं और डार्क कंसीलर को चेहरे के बाकी हिस्‍सों पर एप्‍लाई करें। इसके बाद बाकी के मेकअप को एप्‍लाई करें।
अगर चेहरे की खूबसूरती को निखराना चाहती हैं तो हमेशा ध्‍यान रखें कि होंठों पर गहरी लिपस्टिक लगाएं और चेहरे का मेकअप हल्‍का रखें।
अपने लिप्‍स को सुंदर और बोल्‍ड दिखाने के लिए सबसे पहले लिप्‍स पर कंसीलर लगाएं। उसके बाद जिस कलर की लिपस्टिक आप लगाने जा रही हैं उसी कलर के लिपलाइनर से होठों की आउटलाइनिंग करें। ऐसा करने से आपके लिप्‍स बहुत आकर्षक लगेंगे और आपकी लिपस्टिक लंबे समय तक टिकी रहेगी।
आपकी आंखें आपके चेहरे की पहचान होती हैं, इसलिए इनका मेकअप करते समय खास ख्‍याल रखें। सबसे पहले लाइट कलर के फाउंडेशन से बेस तैयार कर लें। इसके बाद हल्‍के ग्रे कलर की आईलाइनर पेंसिल से ऊपर से नीचे की ओर लाइनर लगाएं। बाद में इसे उंगलियों की सहायता से स्‍मज कर दें। इससे स्‍मोकी लुक आता जाता है। इसके बाद मसकारा लगाएं।
बालों को फटाफट सेट करने के लिए थोड़ी सी मात्रा में फेस क्रीम लगाने से उनमें चमक आ जाएगी। ऐसा करने से रूखे बाल भी सही दिखने लगते हैं। आप चाहें तो रूखे बालों के लिए सीरम या फिर जेल लगाकर भी बालों को सेट कर सकती हैं। कोई नया हेयर स्‍टाइल बनाने से अच्‍छा है कि आप बालों को खुला ही रहने दें।

घरेलू उपायों से गायब होंगे डार्क सर्कल्स
आपकी आंखों के नीचे अगर डार्क सर्कल्स (काले घेरे) हैं, तो उन्हें अनदेखा ना करें, क्योंकि ये आपकी खूबसूरती को कम कर सकते हैं। हम आपको कुछ टिप्स बता रहे हैं, जिन्हें फॉलो कर के आप डार्क सर्कल्स से राहत पा सकती हैं। डार्क सर्कल्स आजकल अधिकतर लोगों की समस्या है। इसकी एक अहम वजह तनाव है। काम के अधिक प्रेशर और तनाव के चलते लोग ठीक तरह से सो नहीं पाते हैं, जिस कारण लोगों की आंखों के नीचें काले घेरे पड़ जाते हैं। डार्क सर्कल्स होने के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं। ये काले घेरे आपकी खूबसूरती में ग्रहण लगा देते हैं। इन काले घेरों यानी डार्क सर्कल्स को दूर करने के लिए आजकल बाजारों में कई ब्यूटी प्रोडक्ट्स मौजूद हैं लेकिन हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं, जिन्हें फॉलो कर के आप बिना पैसे खर्च किए ही डार्क सर्कल्स से राहत पा सकती हैं।
आलू का रस- डार्क सर्कल्स पर आलू का रस जादू की तरह काम करता है। डार्क सर्कल्स से छुटकारा पाने के लिए आलू के रस को कॉटन बॉल्स में भिगो लें। इसके बाद आंखें बंद कर के इसे कम से कम 10 मिनट तक आंखों पर रखें। इसके बाद ताजे पानी से आंखें धो लें।
टमाटर- डार्क सर्कल्स की समस्या से छुटकारा पाने के लिए टमाटर भी बहुत लाभकारी होता है। टमाटचर डार्क सर्कल्स को दूर कर के त्वचा को कोमल बनाता है। इसके लिए एक चम्मच टमाटर के रस में कुछ बूंदें नींबू के रस की मिलकर उसे आंखों के नीचे काले घेरे पर लगाएं। 10 मिनट के बाद चेहरा धो लें। ऐसा दिन में कम से कम 2 बार करें।
टी बैग- आप टी बैग का इस्तेमाल कर के भी डार्क सर्कल्स की समस्या से छुटकारा पा सकती हैं। इसके लिए ग्रीन टी बैग को पानी में भिगोकर फ्रिज में रख दें। ठंडा होने पर टी बैग को आंखें बंद कर के आंखों के ऊपर रख लें। रोजाना ऐसा करने से आंखों के काले घेरों से जल्दी राहत मिलेगी।
संतरे का रस- संतरे के रस में कुछ बूंदें ग्लिसरीन की मिलाकर डार्क सर्कल्स पर लगाएं। इससे डार्क सर्कल्स दूर होने के साथ त्वचा में चमक भी आएगी।
खीरा- ज्यादातर लोगों ने डार्क सर्कल्स की समस्या से राहत पाने के लिए खीरे का इस्तेमाल जरूर किया होगा। डार्क सर्कल्स को दूर करने में खीरे को गोल आकार में काटकर उसे 30 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें। इसके बाद खीरे के टुकड़ों को 10 मिनट के लिए आंखों पर रखें. डार्क सर्कल्स की समस्या जल्दी खत्म हो जाएगी।

पीरियड्स बताते हैं सेहत के कई राज
पीरियड्स महिलाओं की सेहत से जुड़े कई राज और बिमारियों के संकेत पहले ही देते हैं। पीरियड्स के दौरान महिलाओं को चिड़चिड़ापन,शरीर में दर्द और पाचन से जुड़ी कई समस्याएं झेलनी पड़ती हैं हालांकि ये सारी दिक्कतें पीरियड्स खत्म होने के साथ अपने आप ठीक हो जाती हैं।इस दौरान लड़कियों को लगता है कि शरीर से निकलने वाले खून का रंग लाल ही होता है पर अगर आप गौर करेंगे तो आप पायेंगी कि इस दौरान खून का रंग गाढ़ा भूरा भी हो सकता है और हल्का गुलाबी भी। आइए जानते हैं किस रंग के खून का मतलब आखिर क्या होता है।
पीरियड्स का खून लाल रंग का हो तो
पीरियड्स के दौरान साधारण लाल रंग का खून बताता है कि आप बिल्कुल स्वस्थ है।दरअसल, यह खून नया होता है।जो शरीर से बनते ही तुरंत निकल जाता है।इस तरह के खून का रंग हल्के लाल रंग का होता है।इस तरह का खून हैवी ब्लीडिंग के साथ शरीर से बाहर निकलता है।
गहरे भूरे रंग का खून
इस तरह के रंग वाला खून बताता है कि यह खून लंबे समय से गर्भाशय में जमा रहा होगा। इस तरह के खून का रंग बताता है कि महिला को कोई संक्रमण हो सकता है।इस रंग का खून आने के बाद लड़कियों को तेज पेट दर्द की भी शिकायत हो सकती है।ऐसे में अपने डॉक्टर से जांच जरूर करवाएं।
पीरियड्स के दौरान गहरे लाल रंग के थक्के आना
अगर इस दौरान खून का रंग गहरा लाल है तो यह शरीर में हॉर्मोनल असंतुलन की वजह हो सकता है। इसके अलावा यह ओवेरियन सिस्ट का भी संकेत देता है।
अगर आपका खून काला या गहरा है तो
काले रंग का खून खतरे का संकेत है। हो सकता है कि आपके गर्भाशय में संक्रमण हो या फिर ये गर्भपात का भी सूचक हो सकता है।अगर आपको पीरियड्स के सभी दिनों में काले रंग का ब्लड फ्लो हो रहा हो तो तत्काल डॉक्टर को दिखायें।

माइक्रोकरंट फेशियल से निखारें खूबसूरती
अभी तक आपने फ्रूट, गोल्ड, चारकॉल, पर्ल और भी न जाने तमाम फेशियल के बारे में सुना होगा, लेकिन इन दिनों माइक्रोकरंट फेशियल काफी सुर्खियों में है। आइए जानते हैं माइक्रोकरंट फेशियल के बारे में
क्या है माइक्रोकरंट फेशियल
माइक्रोकरंट फेशियल फेस की मसल्स को टोन करके टेक्सचर को बेहतर करता है। इसे कराने से भी दूसरे फेशियल की तरह आपकी स्किन ग्लो करने के साथ ही चमकने भी लगती है, लेकिन इसे मशीन और कुछ केमिकलयुक्त प्रॉडक्ट्स के द्वारा किया जाता है। बता दें, इसे कराते हुए आपको किसी तरह का दर्द नहीं होता है।
माइक्रोकरंट फेशियल करने की प्रक्रिया
माइक्रोकरंट फेशियल पेशेवरों द्वारा किया जाता है। बहुत सारे डर्मोटोलॉजिस्ट (त्वचा रोग विशेषज्ञ) इसकी सर्विस देते हैं। इसमें सबसे पहले क्लींजिंग की जाती है, जिससे चेहरे पर जमी गंदगी हट जाए। इसके बाद मैग्नीफाइंग लैम्प्स की मदद से स्किन की जांच की जाती है और पता लगाया जाता है कि आखिर त्वचा की जरूरत क्या है। इसके बाद हॉट स्टीम दी जाती है, जिससे स्किन सॉफ्ट हो जाए और पोर्स भी ओपन हो जाए।
स्टीम देने के बाद डर्मेटोलॉजिस्ट मैकेनिकल की मदद से त्वचा की डेड स्किन निकालकर एक्सफोलिएशन किया जाता है। इसके बाद मसाज की जाती है। फिल मास्क लगाया जाता है और आखिर में टोनर लगाकर छोड़ देते है। इसे कराने का बेद कम से कम एक दिन तक चेहरे पर किसी चीज का इस्तेमाल करने से परहेज करना पड़ता है।
माइक्रोकरंट फेशियल के फायदे
त्वचा के टेक्सचर को बनाता है बेहतर,फाइन लाइन्स और झुर्रियां होती हैं कम, त्वचा के पोर्स को करता है टाइट-पिंपल्स और एक्ने होते हैं दूर। त्वचा को करता है डिटॉक्स और ब्लड सर्कुलेशन होता है बेहतर।
इन बातों का रखें ध्यान
इस फेशियल को 20 की उम्र से पहले न करवाएं क्योंकि यह मैच्योर स्किन के लिए है।
गर्भवती महिलाओं को यह फेशियल नहीं करवाना चाहिए।
यह फेशियल करवाने के बाद चेहरे पर फेशवॉश और साबुन का इस्तेमाल न करें।
कुछ दिनों तक स्किन को एक्सफोलिएट करने से बचें।
फेशियल के बाद मेकअप बिल्कुल भी ना करें।

सर्दी में इस प्रकार पायें ग्लैमरस लुक
सर्दी के मौसम में लड़कियों को सबसे ज्यादा चिंता सुंदर दिखने की रहती है क्योंकि कई लड़कियों को लगता है कि ज्यादा कपड़े पहनने से वो मोटी तो लगेंगी ही, साथ ही उनकी उम्र भी ज्यादा दिखाई देगी। ऐसे में कपड़े पहनने के इन तरीकों से आप सर्दी में मौसम में भी ग्लैमरस दिखाई देंगी।
सर्दियों के मौसम में सबसे ज्यादा दिलकश और हॉट लाल रंग लगता है। अगर आप भी सर्दी के इस मौसम मे हॉट दिखना चाहती हैं तो, इस तरह से लाल रंग का स्वेटर जैगिंग या जींस के साथ पहन सकती हैं। सर्दियों में डार्क रंग पहनने से चेहरा भी निखरा हुआ लगता है।
कार्डिगन को ज्यादातर महिलाएं आउटडेटेड समझती हैं लेकिन आप अगर इसे सही ढंग से पहनेंगी तो इसमें भी ग्लैमरस लुक पा सकेंगी। आप कार्डिगन को खुला छोड़कर श्रग की तरह किसी टॉप या ड्रेस के साथ पहन सकती हैं। साथ में मफलर का इस्तेमाल भी करेंगी तो ज्यादा अच्छा लगेगा।
शार्ट जैकेट महिलाओं की हमेशा से ही पहली पसंद रही है। गर्मी हो या सर्दी महिलाएं इन जैकेट्स को पहनने का कोई ना कोई बहाना ढूंढ ही लेती हैं। शॉर्ट जैकेट्स की खास बात यह है इन्हें किसी भी तरह कि ड्रेस के साथ पहना जा सकता हैं। मौका अगर सर्दी का हो तो इसको पहनना जरूरी हो जाता है।
अगर आप सिंपल और क्लासी लुक चाहती हैं तो आप जींस पर डार्क रंग की लॉंग जैकेट पहनें। साथ में शूज भी पहन सकती हैं। यह लुक क्लासी होने के साथ बहुत ही कंफर्टेबल भी हैं।
वूलेन स्लिम फिट लॉंग कोट सर्दियों के मौसम के लिए सबसे बेस्ट होते हैं क्योंकि यह खुद में ही इतने गर्म होते हैं कि इस तरह के कोट पहनने के बाद दूसरे कपड़े पहनने की जरूरत नहीं रहती है। जिस वजह से महिलाओं की ज्यादा कपड़े पहन कर मोटे लगने की समस्या भी दूर हो जाती है, साथ ही खूबसूरत भी लगते हैं।
अगर आप एक कॉलेज गर्ल हैं तो यह आपके लिए सबसे परफेक्ट लुक है। जींस टॉप पर वूलेन स्वेटर को श्रग की तरह पहनें। साथ में शूज या बूट्स पहनें। थोड़ा और ज्यादा ग्लैमरस दिखने के लिए गले में मफलर डाल सकती हैं।
अगर आप वन पीस ड्रेस पहनने की शौकिन हैं लेकिन सर्दी की वजह से नहीं पहन पा रहीं हैं तो निराश होने के बजाए खुश हो जाएं क्योंकि आपकी इस परेशानी का हल हमने ढूंढ निकाला है। जी हां, आप किसी गर्म हाई नेक स्वेटर पर अपना वन पीस स्टोकिंग्स और लॉंग बूट्स के साथ पहनकर ग्लेमरस और हॉट दिख सकती हैं।
सर्दी के मौसम में ग्लेमरस लुक पाने के लिए आप इस तरह से वूलन ड्रेस के उपर फैदर जैकेट्स पहन सकती हैं। साथ में बूट्स और कैप पहन कर अपना लुक निखारकर हॉट दिख सकती हैं। इसके साथ ही आप ऑफ शोल्डर ऊनी टॉप जींस और बूट्स के साथ पहन कर अपनी लुक में ग्लेमर का तड़का लगा सकती हैं।

सर्दियों में घी से होगी कोमल और मुलायम त्वचा
आजकल अपने को फिट स्लिम रखने के कारण महिलाएं घी के इस्तेमाल से दूर रहती हैं। अगर आप भी उनमें से एक हैं तो अब अपनी लाइफस्टाइल में घी शामिल करने का समय आ गया है क्योंकि घी के कई फायदे भी हैं। आपको जानकर हैरानी होगी की सर्दियों में घी के इस्तेमाल से आप त्वचा की कई समस्याओं से राहत पा सकती हैं। अगर आपकी ड्राई स्किन है तो घी आपकी समस्या का हल है। ड्राई स्किन से राहत पाने के लिए घी की कुछ बूंदें लेकर त्वचा पर कुछ मिनटों तक मालिश करें। इससे त्वचा नरम और कोमल बनेगी।
झुर्रियों को दूर करता है- घी का तड़का खाने का स्वाद तो बढ़ाता ही है साथ ही आपकी त्वचा को लंबे समय तक जवान बनाये रखने में मदद करता है। दरअसल, घी में विटामिन ई पाया जाता है, जो त्वचा की झुर्रियों को दूर करता है।
काले घेरे दूर करता है- अगर आपकी आंखों के नीचें डार्क सर्कल्स अधिक दिखाई देने लगे हैं तो परेशान न हों बल्कि आंखें के चारों ओर घी की 1-2 बूंदें लेकर मसाज करें। डार्क सर्कल कम हो जाएंगे पर ध्यान रखें कि घी आंखों के अंदर न जाए।
होंठों को कोमल बनाए- घी एक लिब बाम की तरह काम करता है। कई लोग अपने होंठों पर घी लगाते हैं। इससे होंठ गुलाबी होने के साथ नरम भी रहते हैं। मॉइश्चराइजर की जगह घी- कोमल और मुलायम त्वचा के लिए नहाने के बाद मॉइश्चराइजर की जगह घी की कुछ बूंदों से मालिश भी कर सकती हैं।
सर्दियों में घी से होगी कोमल और मुलायम त्वचा
आजकल अपने को फिट स्लिम रखने के कारण महिलाएं घी के इस्तेमाल से दूर रहती हैं। अगर आप भी उनमें से एक हैं तो अब अपनी लाइफस्टाइल में घी शामिल करने का समय आ गया है क्योंकि घी के कई फायदे भी हैं। आपको जानकर हैरानी होगी की सर्दियों में घी के इस्तेमाल से आप त्वचा की कई समस्याओं से राहत पा सकती हैं। अगर आपकी ड्राई स्किन है तो घी आपकी समस्या का हल है। ड्राई स्किन से राहत पाने के लिए घी की कुछ बूंदें लेकर त्वचा पर कुछ मिनटों तक मालिश करें। इससे त्वचा नरम और कोमल बनेगी।
झुर्रियों को दूर करता है- घी का तड़का खाने का स्वाद तो बढ़ाता ही है साथ ही आपकी त्वचा को लंबे समय तक जवान बनाये रखने में मदद करता है। दरअसल, घी में विटामिन ई पाया जाता है, जो त्वचा की झुर्रियों को दूर करता है।
काले घेरे दूर करता है- अगर आपकी आंखों के नीचें डार्क सर्कल्स अधिक दिखाई देने लगे हैं तो परेशान न हों बल्कि आंखें के चारों ओर घी की 1-2 बूंदें लेकर मसाज करें। डार्क सर्कल कम हो जाएंगे पर ध्यान रखें कि घी आंखों के अंदर न जाए।
होंठों को कोमल बनाए- घी एक लिब बाम की तरह काम करता है। कई लोग अपने होंठों पर घी लगाते हैं। इससे होंठ गुलाबी होने के साथ नरम भी रहते हैं। मॉइश्चराइजर की जगह घी- कोमल और मुलायम त्वचा के लिए नहाने के बाद मॉइश्चराइजर की जगह घी की कुछ बूंदों से मालिश भी कर सकती हैं।

आईब्रो की सही देखभाल ऐसे करें
खूबसूरती बढ़ाने में आईब्रो का भी अहम स्थान है। क्या आप जानती हैं कि सही आकार की आईब्रो आपकी खूबसूरती में चार-चांद लगा सकती है? कैसे करें आईब्रो की सही देखभाल, आइए जानें:
अगर आप चाहती हैं कि आपकी आईब्रो घनी और खूबसूरत दिखें तो एक अच्छा आईब्रो ब्रश जरूर खरीदें। आईब्रो पेंसिल का इस्तेमाल किए बिना भी आपकी भौंहें घनी दिखेंगी।
अपनी भौंह की ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए नियमित अंतराल पर थ्रेडिंग करवाएं। नियमित थ्रेडिंग की मदद से आपकी खूबसूरती कई गुना निखर जाएगी।
कई लोगों की भौंहों में बालों की ग्रोथ ठीक नहीं होती। भौंह में कोई-कोई जगह खाली नजर आती है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए नियमित रूप से आईब्रो पेंसिल या फिर जेल का इस्तेमाल करें। चेहरे को आकर्षक रूप देने के लिए अपनी आईब्रो में थोड़ा-सा ‘आर्च’ बीच से उठा हुआ लुक देने से न घबराएं। आईब्रो के दोनों किनारों को घना रखें।
आंखों की खूबसूरती इस प्रकार निखरेगी
खूबसूरत आंखें हर कोई महिला चाहती है क्योंकि बड़ी, चमकीली और कटीली आंखों को सुंदरता की निशानी माना जाता है। ऐसी आंखें जिनसे नजरें हटती ही नहीं हैं सबके आकर्षण का केन्द्र होती हैं पर जरूरी नहीं कि प्राकृतिक रूप से हर किसी की आंखें इतनी ही खूबसूरत हों। अगर आप भी अपनी आंखों की खूबसूरती को निखारना चाहती हैं तो आपको आई मेकअप से जुड़ी मुख्य बातों को सीखना होगा। यह सच है कि शुरुआत में कुछ कमियां रह जाएंगी, पर लगातार कोशिश करने से आप भी मेकअप के जरिये अपनी आंखों की खूबसूरती को एकदम से निखार पाएंगी।
आई प्राइमर की भूमिका रहती है अहम
आई मेकअप करने के कुछ घंटे बाद ही अगर पूरा मेकअप फैलने लगे तो चेहरे की रौनक खराब होने में समय नहीं लगता है। ऐसे में आई प्राइमर की भूमिका अहम हो जाती है। चेहरे के प्राइमर की तरह ही आंखों का प्राइमर वहां की त्वचा के टेक्सचर को बेहतर बनाकर आई मेकअप को लंबे समय तक टिकने में मदद करता है। साथ ही आई प्राइमर, आई शैडो को भी खराब होने और उस पर क्रैक पड़ने से बचाता है। आई प्राइमर को आप आई शैडो लगाने से पहले अपनी उंगलियों या फिर मेकअप ब्रश की मदद से लगा सकती हैं।
कंसीलर है जरूरी
जब भी आई कंसीलर की बात आती है तो सही चुनाव करना कठिन हो जाता है। एक गलत धारणा यह है कि अगर आंखों के नीचे काले घेरे या दाग-धब्बे न हों तो कंसीलर की जरूरत ही नहीं पड़ती पर, सच्चाई यह है नहीं। प्रभावी आई मेकअप के लिए हमेशा कम मात्रा में ही सही, कंसीलर का इस्तेमाल जरूर करें।
जरूरी है आई शैडो
आई शैडो से आंखों की खूबसूरती सही तरीके से तभी निखरती है, जब आप उसे मेकअप करते वक्त अच्छी तरह से मिलाती हैं। आई मेकअप करते वक्त आई शैडो को सही तरीके से मिलाने पर पूरा ध्यान दें। आई शैडो में आप कितने रंगों का चुनाव कर रही हैं, यह मायने नहीं रखता है। मुख्य बात यह है कि आप आई शैडो को अच्छी तरह से मिलाएं।
वॉटरप्रूफ आईलाइनर खरीदें
आजकल बाजार कई तरह के आईलाइनर से भरा पड़ा है। इनमें सबसे ज्यादा चलन में लिक्विड ब्लैक आईलाइनर है। आईलाइनर खरीदते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि वह वॉटरप्रूफ हो। बाजार में पेंसिल आईलाइनर भी उपलब्ध है, जिसका इस्तेमाल आप आई शैडो की तरह भी कर सकती हैं। इसे लगाना लिक्विड आईलाइनर की तुलना में आसान होता है। प्रभावी इस्तेमाल के लिए अपने पेंसिल आईलाइनर को नियमित अंतराल पर नुकीला भी करें। कम वक्त में खूबसूरत आईलाइनर लगाने के लिए पेन आईलाइनर का इस्तेमाल करें।
काजल लगायें
काजल के बिना आई मेकअप पूरा नहीं होता है। आंखों की खूबसूरती निखारने में काजल की भूमिका अहम होती है। जरा-सा काजल लगाते ही आंखों की पूरी थकावट गायब हो जाती है। बाजार में ब्लू, ग्रे, ग्रीन, ब्लैक जैसे कई रंगों में काजल उपलब्ध हैं। काली व भूरी आंखों पर हरे रंग का काजल भी लगाया जा सकता है। हरे व हेजल रंगों की आंखों पर बैंगनी, हल्का भूरा, नीला व हरा रंग फबता है। अगर आपकी आंखों का रंग नीला है तो उस पर नीला काजल लगाने से बचें। काला, ग्रे या बैगनी रंग का काजल आपकी आंखों की खूबसूरती को निखारेगा।
पलकों का रखें ध्यान
प्रभावी आई मेकअप के लिए पलकों की सही देखभाल भी जरूरी है। मस्कारा लगाने के बाद अपनी पलकों को कर्ल करना न भूलें। इससे आपकी पलकों को आकर्षक अंदाज मिलेगा।

कामकाजी महिलाएं यूं करेंगी काम तो होगी आसानी
कामकाजी महिलाओं के लिए सबसे बड़ी समस्या घर और ऑफिस में तालमेल बैठाते हुए खाना बनाने और खिलाने की होती है। दरअसल कामकाजी महिलाओं को ऑफिस की जिम्मेदारी उठाते हुए घर में भी तालमेल बैठाना अनिवार्य होता है। ऑफिस जाने का समय होने से पहले खाना बनाना सबसे कठिन काम होता है। एक तो ऑफिस समय पर पहुंचने की समस्या ऊपर से परिवार के सभी सदस्यों की पसंद और नापसंद का ख्याल आखिर इसमें सामंजस्य बनाएं भी तो कैसे। आईये आपकी मदद करने वाले कुछ टिप्स बताते हैं जो कि खाना बनाने से लेकर आफिस टाइम पर पहुंचने में आपकी मदद कर सकते हैं। इसमें सबसे पहले झटपट खाना बनाने के लिए ये तरीके अपनाएं। कुछ ऐसी रेसिपी जिसमें सब्जियों और जो भी तलने या पकाने में हम वक्त बर्बाद न करें बल्कि अच्छा होगा कि हम उसे भून लें या ग्रिल कर लें। इसके अतिरिक्त खाने को स्टीम पर पकाना या उसे उबालकर पकाना भी अच्छा विकल्प हो सकता है। इससे खाने में पौष्टिक तत्व भी बरकरार रहते हैं। इससे खाना बिना झंझट तुरंत पक जाता है। इसे अपनाने से समय बचेगा और आपकी गैस की खपत भी कम हो जाएगी। इसके आलावा खाने के साथ सलाद जरुर खाएं। सलाद को सेहत के लिए अच्छा माना गया है। हालांकि सलाद को हम पूरा खाना नहीं मानते लेकिन अगर आप थोड़ी-सी समझदारी बरतें तो सलाद को नया रूप देकर अपनी सेहत का भी ख्याल रख सकती हैं। इसके लिए जरुरी है कि आपकी सलाद में ब्रोकली, शिमला मिर्च, गाजर, खीरा और पत्ता गोभी आदि थोड़ी कम पकी होनी चाहिए, इसमें नमक या नींबू मिलाकर खाने से यह और भी टेस्टी लगती है। जहां तक हो सब्जी को पहले से ही काटकर और साफ कर फ्रिज में रख लें जब सब्जी बनाना हो या सलाद बनाना हो उसी वक्त उसे लेकर थोड़े-से तेल में सलाद को दो मिनट हल्का तल लें या पका लें। हल्का पकाते हुए मनपसंद मसाले भी इसमें डाले जा सकते हैं। आप चाहें तो इसमें थोड़ा-सा लहसुन या सॉस भी डाल सकती हैं। इसे आप रोटी, सब्जी या ब्रेड के साथ चटखारे लेती हुई खा सकती हैं। बच्चे भी इसे खाना ज्यादा पसंद करते हैं। यह न सिर्फ झटपट तैयार होगा बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है। इसके अलावा पास्ता-नूडल्स जो कि बच्चे दीवाने होते हैं, उन्हें आसानी से बनाकर दिया जा सकता है और आप भी इसका इस्तेमाल समय पर कर सकती हैं। वेसे भी यह सभी उम्र के बच्चों की पसंद होती है। इसके लिए जरुरी है कि आप पास्ता या नूडल्स को उबालकर फ्रिज में 4 से 5 दिनों तक के लिए आराम से स्टोर कर सकती हैं। जब भी बच्चे खाने को मांगे या आपको जल्दी हो रही हो तो आप स्मार्टली उन्हें उबले हुए पास्ता में सब्जियां, सॉस और थोड़ा-सा चीज मिलाकर फटाफट तैयार कर खुद भी खा सकती हैं और दूसरों को खिला भी सकती हैं। इसी प्रकार सूप भी तैयार कर सकती हैं। इसके साथ ही खाने के शॉर्ट कट तरीके अपनाने से आपका समय बचेगा और आप आसानी से ऑफिस और घर के समय को मैनेज कर सकेंगी।

आप भी करें टैल्कम पाउडर का सही इस्तेमाल
भारतीय महिलाएं आम तौर पर सजने-संवरने के दौरान टैल्कम पाउडर का इस्तेमाल करती ही करती हैं। वैसे जो लोग टैल्कम पाउडर को सिर्फ पसीना सोखने के और खुश्बू के लिए इस्तेमाल करते हैं उन्हें बतला दें कि यह न सिर्फ पसीना सोखने और खूश्बू के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है बल्कि इसका इस्तेमाल मेकअप सेट करने में भी बहुतायत में किया जा सकता है। इसके लिए जरुरी टिप्स जो अपनाएं जाने चाहिए उसमें मस्कारा लगाने से पहले हल्का सा टैल्कम पाउडर लगा लें। इससे आईलैश मेकअप ज्यादा देर तक रह सकता है। टैल्कम पाउडर लगाते समय अपनी आंखों को बंद कर लें, इससे आंखों में खुजली या किसी अन्य किस्म की समस्या नहीं होने पाती है। इसके अलावा मेकअप बेस के तौर पर भी टैल्कम पाउडर का बेहतरीन इस्तेमाल किया जा सकता है। मेकअप के चिपचिपेपन व चेहरे के तैलीय लुक से बचने के लिए हल्का सा टैल्कम पाउडर आप लगा सकती हैं। यह आपके मेकअप को सेट करने में मदद करेगा। यही नहीं बल्कि जब आप वैक्सिंग करें और उसके बाद यदि आपको खुजली या लालिमा हो तो टैल्कम पाउडर का इस्तेमाल कर लें, यह पहले भी किया जा सकता है। जरुरी है कि जिस हिस्से में वैक्स कराना है, वहां पर थोड़ा सा पाउडर लगा लें, इससे त्वचा में कोमलता महसूस होगी। टैल्क बेहतरीन ड्राइ शैम्पू जैसे भी इस्तेमाल किया जा सकता है। सिल्की बालों के लिए बालों की जड़ों पर थोड़ा सा टैल्कम पाउडर छिड़क लें। यह अतिरिक्त तेल को अवशोषित कर लेगा और आपके बालों को रेशमी लुक देगा। ऐसा कर लेने के बाद बाल जरूर धो लें, हालांकि इसका इस्तेमाल नियमित रूप से न करें, क्योंकि इससे अन्य तरह की समस्या उत्पन्न हो सकती है। पसीने की बदबू दूर करने वाले टैल्कम पाउडर को इस्तेमाल इस तरह से करें तो ज्यादा प्रभावी होगा।

घरेलू उपायों से सफेद बालों को करें काला
बढ़ती उम्र के साथ बालों का सफेद होना आम बात है लेकिन मौजूदा समय में आधुनिक जीवनशैली और पोषण की कमी के कारण कम उम्र में ही लोगों के बाल सफेद होने लगते हैं हालांकि, कई बार जींस और हार्मोन में बदलाव के कारण भी बाल असमय सफेद होने लगते हैं। अगर आपके बाल भी कम उम्र में ही सफेद होने लगे हैं तो इन घरेलू उपायों का इस्तेमाल करें
क्यों होते हैं बाल सफेद-
दरअसल, बालों का काला रंग बालों के फोल्लिकल्स में पाए जाने वाले मेलानिन पिंगमेंट की वजह से होता है। जब यह पिगमेंट बनना बंद हो जाता है या फिर कम बनता है तो बाल सफेद होने लगते हैं।
ऐसे करें सफेद बालों की समस्या को दूर-
मेहंदी- मेहंदी का इस्तेमाल बालों को नेचुरल कलर देने के लिए किया जाता है। बालों पर केमिकल युक्त कलर करने के बजाए मेहंदी लगाना फायदेमंद होता है। इससे बालों को नेचुरल कलर तो मिलता ही है, साथ ही बालों में चमक भी आती है। बालों में मेहंदी लगाने के लिए इसे रातभर भिगोकर रख दें। अगले दिन इसमें कॉफी और नींबू का रस मिलाकर बालों पर लगाएं।
चाय पत्ती- चाय पत्ती में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो बालों के रंग को डार्क करने के साथ-साथ सफेद बालों की ग्रोथ को भी कम करती है। इसके लिए चाय की पत्ती को पानी में उबाल लें। उस पानी को ठंडा करके जड़ों में मसाज करें। एक घंटे बाद ताजे पानी से बाल धो लें। चाय पत्ती का पानी इस्तेमाल करने के बाद बालों में शैंपू न करें।
तिल और बादाम का तेल- बादाम का तेल कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है। ये बालों की ग्रोथ को बढ़ाकर उन्हें झड़ने से रोकता है। साथ ही दोमुंहे बालों की समस्या को भी कम करता है। बादाम के तेल से बाल लंबे समय तक काले रहते हैं। वहीं तिल का तेल भी बालों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। हफ्ते में कम से कम 2 बार इनमें से किसी एक तेल से बालों में जरूर मालिश करें।
आंवला- बालों को स्वस्थ रखने के लिए सदियों से आंवले का इस्तेमाल किया जा रहा है। आंवले में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो बालों को सफेद होने से रोकते हैं। आंवला से डैमेज बालों की समस्या भी दूर होती है। बालों को लंबे समय तक काला और हेल्दी बनाए रखने के लिए कई तरह से आंवले का इस्तेमाल किया जा सकता है।
मेथी दाना- मेथी दाने में भी कई न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं, जो बालों को समय से पहले सफेद होने से रोकते हैं। इसके लिए आप मेथी दाने को पानी में भिगोकर पीस लें। इसके बाद मेथी के पेस्ट को नारियल या बादाम के तेल में मिलाकर बालों को जड़ों में लगाएं। जल्दी सफेद बालों की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।

लिक्विड लिपस्टिक लगाते समय रखें इन बातों का ध्यान
आजकल लड़कियों के बीच लिक्विड लिपस्टिक काफी लोकप्रिय हो रही है और यह सबसे ज्यादा यूज होने वाले ब्यूटी प्रॉडक्ट्स में से एक बन गई है। जिन्हें भी मेकअप का शौक है, उनके बैग में कम से कम एक लिक्विड लिपस्टिक जरूर मिल जाएगी। अन्य लिपस्टिक की अपेक्षा ये ज्यादा समय तक टिकती है और इसका कलर भी काफी इन्टेस होता है। इसका एक कोट ही आपके लिप्स को बेहद खूबसूरत कलर देता है। अगर आप भी लिक्विड लिपस्टिक की शौकीन हैं तो इन 5 बातों को जरूर ध्यान रखें
बाकि लिपस्टिक्स की तरह इसे झटपट नहीं लगाया जा सकता। लिक्विड लिपस्टिक लगाते समय आपको धैर्य रखने की जरूरत होती है। इसे आप जल्दबाजी में कभी न लगाएं। इसे लगाते वक्त समय लें ताकि प्रॉपर आउटलाइन और फिनिशिंग दे सकें।
मेकअप करें
लिक्विड लिपस्टिक काफी पिगमेंटेड होती है, इसलिए इसे लगाने के साथ-साथ मेकअप करना भी जरूरी हो जाता है। मेकअप बेस के तौर पर फाउंडेशन लगाएं और अच्छी तरह से मेकअप करें ताकि देखने में अजीब न लगे। आप लिपस्टिक की मैचिंग का ब्लश भी यूज कर सकती हैं।
ज्यादा लिपस्टिक न लगाएं
लिक्विड लिपस्टिक का एक कोट काफी होता है। एक्सट्रा पिगमेंटेशन से बचने के लिए लिपस्टिक लगाने से पहले एकस्ट्रा लिपस्टिक स्टिक से हटा दें। इससे आपके लिप्स को टेक्सचर भी मिलेगा और एकस्ट्रा लिपस्टिक पर कंट्रोल भी रहेगा। ड्रमैटिक लुक के लिए आप लिपस्टिक की एक्सट्रा कोट्स लगा सकती हैं।
होंठों को मॉइश्चराइज करें
अगर आप के होंठ अक्सर सूखे और फटे रहते हैं तो लिपस्टिक लगाने से पहले होंठों को मॉइश्चराइज जरूर करें। इससे आपके होंठ हाइड्रेटेड रहेंगे। लिपस्टिक लगाने से पहले होंठों पर लिप बाम लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें। इसके बाद ही लिक्विड लिपस्टिक लगाएं।
निचले होंठ पर पहले लगाएं लिपस्टिक
लिपस्टिक लगाने का सबसे अहम रूल है कि लिपस्टिक सबसे पहले निचले होंठ पर लगाएं और फिर दोनों होंठों को एकसाथ प्रेस करें जिससे की लिरस्टिक आपस में मिल जाए। लिप ब्रश या लिप लाइनर से होंठों को अच्छी तरह से शेप दें। ये ध्यान रखें कि लिप लाइनर का कलर लिपस्टिक से एक शेड डार्क होना चाहिए।

उबटन, शावर जेल का इस्तेमाल करें
सर्दी का मौसम में गर्म पानी से नहाना आरामदेह तो होता है पर इससे त्वचा पर विपरीत असर पड़ता है और त्वचा से मॉइश्चर कम होने लगता है। इससे आपको त्वचा के रुखे और खिंची-खिंची होने का आहसास होता है। ऐसे में त्वचा की समस्याओं से निपटने के लिए आपको नहाने के दौरान कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखने की जरूरत है।
शावर जेल का उपयोग करें
साबुन से तुलना करें तो शावर जेल सॉफ्ट और माइल्ड होता है। बहुत से शावर जेल ऐसे होते हैं जिसमें मॉइश्चराइजिंग एजेंट्स भी होते हैं जो आपकी त्वचा को रुखे होने से बचाते हैं जबकि साबुन आपकी त्वचा को सर्दियों में रुख बना देता है।
बेसन और दूध का उबटन
आप चाहें तो हफ्ते में 1 या 2 बार नहाते वक्त शरीर की सफाई के लिए साबुन की जगह उबटन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए बेसन में थोड़ा सा दूध मिलाएं और पेस्ट बना लें। इसे पूरे शरीर पर लगाएं और कुछ देर बाद रगड़कर धो लें।
नहाने से पहले तेल मालिश
सर्दी के मौसम में ड्राई स्किन से बचने के लिए तेल मालिश भी एक अच्छा विकल्प है। नहाने से 30 मिनट पहले नारियल तेल, जैतून का तेल या फिर बादाम के तेल से शरीर की मालिश करें। इससे आपकी त्वचा रुखी होने से बच जाएगी और आपको मॉइश्चराइज करने के लिए क्रीम लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
दूध से नहाएं
दूध में न सिर्फ मॉइश्चराइजिंग प्रॉपर्टी होती है बल्कि इससे स्किन की रंगत भी हल्की होती है और निखरती है। लिहाजा रूई को दूध में भिगोकर शरीर पर हल्का सा रगड़ें और फिर गर्म पानी से धो दें।
मॉइश्चराइजर लगाएं
जहां तक संभव हो माइल्ड साबुन यूज करें और नहाने के तुरंत बाद शरीर को मॉइश्चराइज रखने के लिए मॉइश्चराइजिंग लोशन लगाएं ताकि शरीर लोशन को आसानी से अब्जॉर्ब कर ले और आपकी त्वचा रुखी होने से बच जाए। साथ ही साथ सर्दियों के मौसम में बहुत देर तक गर्म पानी से नहाने से बचें क्योंकि ऐसा करने से भी आपकी त्वचा रुखी हो जाती है।

मेकअप  से मिलेंगे नये ट्रेंड्स
नया साल आने पर जहां हर चीज नई-नई और बदली-बदली नजर आती है वहीं मेकअप के पुराने ट्रेंड्स भी धीरे-धीरे आउट होने लगते हैं और नए ट्रेंड्स डिवेलप होने लगते हैं। इस साल नैचरल मेकअप की जगह लेगा ब्राइट मेकअप ले सकता है। तो वहीं हेयरस्‍टाइल में भी इस साल रेट्रो लुक आउट हो सकता है।
ब्राइट मेकअप – इन
इस साल में मेकअप से लेकर ड्रेस तक में कलर्स का बोलबाला रहेगा। पर्पल, ऑरेंज, रस्ट, पैरट ग्रीन, ब्लू जैसे कलर्स मेकअप किट का पार्ट बनेंगे। मेकअप के सारे प्रॉडक्ट्स नेचर से इंस्पायर्ड होंगे। मेकअप एक्सपर्ट के अनुसार ब्राइट कलर्स छाए रहेंगे। फ्लोरल कलर्स, जैसे पिंक, रोज और ट्यूलिक इन होंगे। आंखों के लाइनर से लेकर आई शैडो तक में एमरल्ड ग्रीन खूब देखने को मिल सकता है।’
नैचरल मेकअप – आउट
न्यूड मेकअप ट्रेंड से बाहर हो जाएगा। दरअसल, यह साल था नो कलर और नो टेंशन का। लाइट मेकअप की डिमांड ज्यादा थी। महिलाएं मेकअप तो करना चाहती थीं, लेकिन दिखाना नहीं चाहती थीं। इसलिए ब्लैक एंड वाइट कलर्स ज्यादा छाए रहे। मगर इस साल लाइट मेकअप कम ही देखने को मिलेगा।
ऑर्गेनिक मेकअप – इन
हर्ब्स और मिनरल से तैयार किए ऑर्गेनिक मेकअप की खूब डिमांड रहेगी। ब्यूटी एक्सपर्ट के मुताबिक, ‘इन कॉस्मेटिक्स को प्लांट डाइज, एसेंशियल ऑयल, हर्ब्स और मिनरल्स से तैयार किया जाता है, जिससे स्किन को नैचरल इंग्रीडिएंट्स मिलते हैं और स्किन हेल्दी रहती है।’
रेट्रो हेयर स्टाइल – आउट
ईजी टू कैरी हेयर स्टाइल – इन
ईजी टू कैरी हेयर स्टाइल्स की डिमांड बढ़ेगी। ऐसे स्टाइल डिमांड में रहेंगे, जो बिना किसी मेहनत के आराम से बन जाएं। बालों को कलर करवाने पर जोर रहेगा। बालों में अक्सेसरीज के तौर पर ऑरिजनल फ्लॉवर्स, आर्किड, रोज, लिली यूज किए जाएंगे।’ ज्यादातर हेयर स्टाइल्स विक्टोरियन लुक से इंस्पायर्ड होंगे। हेड गियर का खूब यूज किया जाएगा, तो एंजेलिक लुक पर भी जोर रहेगा।
टेंपररी ब्यूटी – आउट
टेंपररी ब्यूटी प्रोसेस। 6 महीने और 2 महीने वाले ब्यूटी ट्रीटमेंट की जगह ज्यादा टाइम वाले ब्यूटी ट्रीटमेंट ज्यादा पसंद किए जाएंगे।
आई मेकअप थीम – इन
थ्री डी और फैंटसी आई मेकअप ट्रेंड में रहेगा। इसमें पलकों की ऊपर वाली जगह पर डिफरेंट स्टाइल की पेंटिंग ट्रेंड में रहेगी। इसमें पेड़, बटरफ्लाई, फ्लॉवर, बर्ड्स वगैरह बनाए जाएंगे। इसके लिए कलर, क्रिस्टल, स्पार्कल और ग्लिटर का यूज किया जाएगा। ब्राइट कलर्स के साथ ड्रमैटिक आई मेकअप यूज जाएंगे।
कैट आई – आउट
कैट आई मेकअप किया जाएगा, लेकिन डिफरेंट कलरफुल आईलाइनर के साथ। ऑरिजनल कैट आइज ट्रेंड से बाहर हो जाएंगी। स्मोकी आइज भी कम पसंद की जाएंगी।
पील फेशियल – आउट
ब्यूटीशियन स्वाति कहती हैं, ‘इसे करवाते ही तुरंत ग्लो आता है, लेकिन यह लॉन्ग टर्म तक इफेक्टिव नहीं होता। एक हफ्ते बाद ही आपको लगेगा कि फिर से फेस पर कुछ करवाने की जरूरत है। दरअसल, इसकी वजह इनमें मिलाए गए केमिकल्स होते हैं।’

कामकाज़ी महिलाऐं इस प्रकार निखारें सौंदर्य
कामकाज़ी महिलाओं को घर और बाहर की दौहरी जिम्मेदारी निभानी पड़ती है, ऐसे में हर दिन काम आनेवाले ये आसान-से सौंदर्य नुस्ख़े मिनटों में आपकी सौंदर्य से जुड़ी उलझनों को सुलझा देंगे
टी-शर्ट से बालों को सुखाएं
क्या आपके पास बालों को हवा में सुखाने या ब्लो-ड्राय करने का समय नहीं है? तो कॉटन टी-शर्ट से अपने गीले बालों को पोछें। कॉटन टी-शर्ट तौलिए की तुलना में बालों को जल्दी सुखाते हैं।
सीरम में मॉइस्चराइज़र मिलाएं
क्या आपको मीटिंग के लिए देर हो रही है और आपके पास सुबह-सुबह की अपनी ब्यूटी रूटीन को फ़ॉलो करने तक का समय नहीं है? तो अपने मॉइस्चराइज़र में फ़ाउंडेशन और सीरम की कुछ बूंदें मिलाकर अपना बीबी क्रीम ख़ुद ही तैयार करें।
बेबी पाउडर की मदद से पाएं घनी लैशेस
यदि नकली लैशेस लगाना आपके बस का न हो तो मस्कारा लगाने से पहले अपनी लैशेस पर बेबी पाउडर लगाएं। फिर मस्कारा के कुछ कोट्स लगाकर पाएं वॉल्यूम से भरपूर घनी लैशेस।
दुर्गंध को दूर रखने के लिए करें बेकिंग सोडा का इस्तेमाल
क्या आपका डीओडरन्ट ख़त्म हो गया है? तो घबराने की ज़रूरत नहीं है, आर्मपिट पर थोड़ा-सा बेकिंग सोडा छिड़कें और पूरे दिन दुर्गंध से दूर रहें।
बर्फ़ से कर दें मुहांसों की छुट्टी
त्वचा के लाल पड़े हिस्सों, सूजन, मुहांसों को हल्का करने के लिए त्वचा पर बर्फ़ रगड़ें। आइस क्यूब तुरंत राहत देता है। इसके अलावा यह त्वचा में कसावट लाने में मदद करता है।
झिलमिलाता लुक पाने का तरीक़ा
कॉन्टूर करने के बजाय नमीयुक्त चमकीला लुक पाने की कोशिश करें। इसमें समय भी कम लगता है और यह आपके नैन-नक़्श को भी उभारने में मदद करता है। अपनी नाक के ब्रिज, ठोढ़ी, ब्रो बोन और गालों के उभारों पर हाइलाइटर थपथपाएंध्1
पेट्रोलेयिम जेली से कर लें दोस्ती
यदि सलून जाकर पैडिक्योर और मैनिक्योर करवाने का समय आपके पास नहीं है तो रात में अपने हाथ और पैर पर ढेर सारी पेट्रोलियम जेली लगाएं और मोज़ा पहनकर सो जाएं। यह आपकी त्वचा को नैसर्गिक मॉइस्चर देता है और आपके हाथ-पैर चिकने और मुलायम नज़र आते हैं।
थकी हुई आंखों को तरोताज़ा बनाएं
क्या ऑफ़िस के काम और देर रात तक जागने की वजह से आपकी आंखें थकी हुई और बेजान नज़र आने लगती हैं? आंखों को तुरंत तरोताज़ा और दमकता हुआ दिखाने के लिए आंखों के निचली वाटरलाइनर पर वाइट काजल लगाएं। इसके बाद ऊपरी पलकों पर ब्राउन काजल या लाइनर लगाएं।

गर्भावस्था के बाद बढ़ा हुआ मोटापा इस प्रकार कम करें
अक्सर बच्चे को जन्म देने के बाद महिलाओं में पेट बढ़ने की समस्या बहुत आम हो जाती है। साथ ही प्रेगनेंसी (गर्भावस्था) के बाद बढ़ा हुआ मोटापा कम करना महिलाओं के थोड़ा मुश्किल भी होता है क्योंकि बच्चे को जन्म देने के बाद महिलाओं की बॉडी काफी कमजोर हो जाती है। इसलिए गर्भावस्था के बाद बढ़ा हुआ वजन और पेट कम करने में जल्दबाजी कभी ना करें, ना किसी दवाई का उपयोग करें जिससे आपकी और आपके बच्चे की सेहत पर गलत असर पड़े। बल्कि आप कुछ घरेलू उपाय की मदद से अपना पेट कम कर सकती हैं। यह उपाय मां और बच्चे दोनों के लिए सुरक्षित तो हैं ही साथ ही काफी असरदार भी हैं।
ऐसे करें पेट और वजन कम:
मेथी के बीज पेट कम करने में काफी मददगार होते हैं। साथ ही यह महिलाओं में हार्मोन को संतुलित रख कर पेट कम करते हैं। रात के समय में 1 चम्मच मेथी के बीजों को 1 ग्लास पानी में उबालें। पानी को हल्का गुनगुना होने पर पीएं। पेट जल्दी कम हो जाएगा।
बच्चे को स्तनपान जरूर कराएं। एक स्टडी के मुताबिक, स्तनपान कराने से शरीर में मौजूद फैट सेल्स और कैलोरीज दोनों मिलकर दूध बनाने का का काम तरते हैं जिससे बिना कुछ करे ही वजन कम हो जाता है।
बच्चे को जन्म देने के बाद पीने के लिए सिर्फ गर्म पानी का ही इस्तेमाल करें क्योंकि गर्म पानी ना केवल पेट कम करता है बल्कि यह शरीर को मोटा होने से भी बचाता है।
अपने पेट को किसी गर्म कपड़े या बेल्ट की मदद से लपेट कर रखें। यह पेट को सामान्य आकार में लाने का काम करता है साथ ही इससे गर्भावस्था के बाद पीठ के दर्द में भी आराम मिलता है।
गर्भावस्था के बाद पेट को कम करने के लिए दालचीनी और लौंग बहुत कारगार साबित होते हैं. इसके लिए 2-3 लौंग और और आधा चम्मच दालचीनी को उबाल कर उसके पानी को ठंडा करके पीएं। जल्द ही पेट कम हो जाएगा।
ग्रीन टी वजन को कम करने में काफी लाभकारी होती है। यह एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होती है।साथ ही इससे बच्चे और मां की सेहत को कोई नुकसान भी नहीं पहुंचता है और वजन भी कम हो जाता है।

फटी एड़ियां ठीक करने अपनायें ये तरीके
सर्दियों के मौसम में फटी एड़ियां सबसे ज्यादा परेशान करती हैं। शुष्क मौसम की वजह से त्वचा अपनी नमी खोने लगती है जिसकी वजह से होंठ और एड़ियां सख्त होकर फटनी शुरू हो जाती है। ऐसा पानी की कमी से भी होता है, इसलिए सर्दियों के मौसम में भी 8 से 10 गिलास पानी जरूर पीएं। इसके अलावा सर्दियों में जितना हो सकें जुर्राबे पहनें ताकि इन्हें फटने से बचाया जा सकें।
अगर आप भी सर्दियों में अपनी फटी एड़ियों की वजह से परेशान हैं तो आज हम आपको कुछ घरेलू टिप्स बताते हैं जो आपके बहुत काम आएंगे। इससे एड़ियां एक दम मुलायम हो जाएंगी।
रोज लगाएं ग्लि‍सरीन- फटी एड़ियों के लिए ग्लि‍सरीन किसी वरदान से कम नहीं। आप इसे हर रात सोने से पहले एड़ियों पर लगाएं। ऐसा नियमित करते रहने से एड़ी जल्दी ठीक हो जाएंगी।
नारियल तेल- फटी और बेजान एड़ियों के लिए नारियल तेल एक अच्छा घरेलू उपाय है। ये एड़ी में नमी को बनाए रखता है। इसके अलावा ये फंगस जैसे बैक्टीरिया संक्रमण से भी एड़ी को सुरक्षित रखता है।
स्क्रबिंग- फटी एड़ियों को स्क्रबिंग की मदद से मुलायम बनाया जा सकता हैं। ऐसा करने से डेड स्किन हट जाती है और एड़ियां मुलायम हो जाती है। स्क्रबिंग करने से पहले अपने पैर को थोड़ी देर के लिए गुनगुने पानी में डुबोकर रखें।
नींबू का रस और वैसलीन
लगभग 10-15 मिनट तक पैरों को गर्म पानी में भिगो कर कपड़े से अच्छी तरह सूखा लें। इसके बाद वैसलीन में नींबू का रस मिक्स करके पैरों की हल्सी मसाज करें। इससे 2 दिन में आपको फटी एड़ियों से राहत मिल जाएगी।
शहद
एंटी-बैक्टीरिअल गुणों से भरपूर शहद को एक बाल्टी गर्म पानी में मिलाकर 15-20 मिनट तक पैरों को उसमें भिगोएं। इसके बाद क्रीम से मसाज करें। इससे फटी हुई एड़िया कुछ दिन में ही ठीक हो जाएगी।
पैराफिन वैक्स
टेबलस्पून पैराफिन वैक्स में 2-3 बूदें सरसों के तेल की डालकर इसे पिघला लें। इसके बाद इसे गुनगुना करके रात को पैरों में लगाकर जुराबें डाल लें। इसके बाद सुबह इसे पानी से साफ करें।
चावल का आटा
एक चम्मच चावल का आटे, 1 चम्मच शहद और 2-3 बूंदे एप्पल साइडर सिरके को मिला करके मोटा पेस्ट बना लें। इसके बाद 15 मिनट गर्म पानी में पैर भिगो कर इस पेस्ट से स्क्रब करें। इससे त्वचा की डेड स्किन निकल जाएगी।
विटामिन ई
कैप्सून में से तेल निकाल कर 15-20 मिनट तक पैरों की मसाज करें। 3-4 दिन इससे मसाज करने से आपकी फटी एड़ियों की समस्या दूर हो जाएगी।

सर्दियों में नारियल तेल से त्वचा को बनाये खूबसूरत
सर्दियों के मौसम में खुश्क हवाओं से हमारी त्वचा रुखी और बेजान होने लगती है। इसलिए सर्दि के मौसम में सेहत के साथ हमारी त्वचा को भी खास देखभाल की जरूरत होती है। सर्दी त्वचा की कोमलता पूरी तरह से खत्म हो जाती है। ऐसे में नारियल के तेल का इस्तेमाल करके आप सर्दी के मौसम में आपनी त्वचा को कोमल और खूबसूरत बना सकती हैं।
नमी बरकरार रखे
सर्दियों में अपनी त्वचा को कोमल और मुलायम रखने के लिए रोजाना नहाने के बाद बॉडी पर मॉइश्चराइजर की जगह नारियल के तेल से मालिश करें। नारियल के तेल में एसपीएफ भी मौजूद होता है इसलिए यह आपको सन बर्न से भी बचाता है।
कंडीशनर
नारियल का तेल हमारी स्किन के साथ बालों के लिए भी बहुत लाभकारी होता है। अपने बालों को मुलायम और चमकदार बनाने के लिए नारियल के तेल को गर्म कर के अपने बालों में मालिश करें। इसके बाद अपने बालों को प्लास्टिक बैग या तौलिए की मदद से ढक लें। कुछ समय बाद बालों को धो लें।
लिप बाम: सर्दी के मौसम में रात को सोने से पहले अपने होंठों पर नारियल का तेल जरूर लगाएं। आप देखेंगे कि सुबह होने तक आपके होंठ बिल्कुल कोमल हो जाएंगे। आप दिन में भी लिप बाम की जगह नारियल के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
मेकअप रिमूवर
आपको शायद यह जानकर हैरानी होगी कि नारियल का तेल मेकअप छुड़ाने के लिए सबसे सस्ता और आसान उपाय है। नारियल के तेल से मेकअप साफ करने से आपकी स्किन से केमिकल पूरी तरह से साफ हो जाते हैं और साथ ही आपकी त्वचा मॉइश्चराइज भी होती है।
ग्लो
अगर आप भी सर्दी में रुखी सूखी त्वचा के कारण घर से बाहर निकलने से कतराती हैं तो परेशान होना छोड़ दें। बल्कि घर से बाहर निकलने से पहले अपने चेहरे पर नारियल का तेल लगाएं। अगर आप अपनी त्वचा को थोड़ा ज्यादा ग्लोइंग बनाना चाहते हैं तो तेल में ब्रोंजर मिला कर के लगाएं।
डार्क स्पॉट्स से राहत
नारियल के तेल में नींबू का रस मिलाकर रोजाना लगाने से रंग तो निखरता ही है साथ ही काले धब्बों से भी राहत मिलती है। आप नारियल तेल और नींबू के रस के मिश्रण को काले पड़ चुके घुटनों और कोहनियों पर भी लगाए।

दाग-धब्बे हटाने करें आलू का इस्तेमाल
दाग-धब्बे हटाने और आंखों के डार्क सर्कल कम करने के लिए आलू का इस्तेमाल काफी समय से किया जाता रहा है। आलू का रस आंखों के आसपास लगाने से यह आंखों की सूजन को कम करता है। चेहरे का ग्लो बढ़ाने और त्वचा में कसाव लाने के लिए भी आलू के फेसपैकक का इस्तेमाल होता है।
आलू-अंडे का फेसपैक आलू और अंडे के फेसपैक को लगाने से चेहरे के पोर्स टाइट होते हैं। आधे आलू के रस में एक अंडे का सफेद हिस्सा मिलाकर अच्छी तरह मिला लें। इसे चेहरे और गर्दन पर लगाकर 20 मिनट के लिए छोड़ दें। बाद में सादे पानी से चेहरा धो लें। आपको तुरंत फर्क नजर आएगा।
आलू-हल्दी का फेसपैक आलू और हल्‍दी के फेसपैक के नियमित उपयोग से त्‍वचा का रंग साफ होने लगता है। आधे आलू को कद्दूकस करके इसमें एक चुटकी हल्‍दी मिलाकर चेहरे पर लगाकर आधे घंटे के लिए छोड़ दें। बाद में चेहरा पानी से साफ कर लें। इस फेसपैक को हफ्ते में एक बार जरूर लगाएं।
आलू-मुल्तानी मिट्टी फेसपैक यह फेसपैक आपकी त्‍वचा में निखार लाने के साथ ही मुंहासे वाली त्‍वचा की सूजन को कम करने में भी मददगार है। इस फेसपैक को बनाने के लिए बिना छिले आधे आलू का पेस्‍ट बना लें और उसमें 3 से 4 चम्‍मच मुल्‍तानी मिट्टी और कुछ बूंदें गुलाब जल की मिलाकर पेस्ट तैयार करें। अब इस पेस्‍ट को अपने चेहरे और गर्दन पर लगाकर 30 मिनट के लिए छोड़ दें। यह पैक आपकी स्किन को चमकदार बनाता है।
आलू-दूध से बना फेसपैक आधे आलू को छीलकर उसका रस निकाल लें और इसमें दो चम्‍मच कच्‍चा दूध मिलाकर अच्‍छी तरह मिक्‍स करके कॉटन की मदद चेहरे और गर्दन पर लगाएं। फिर 20 मिनट के बाद इसे धो लें। सप्‍ताह में तीन बार इसे लगाने से चेहरे पर फर्क साफ नजर आने लगेगा।
पीरियड के दर्द को कम करता है अदरक
सर्दियों में अदरक हर घर में इस्तेमाल किया जाता है। खाने का स्वाद बढ़ाने से लेकर सर्दी-खांसी, जुखाम में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है पर क्या आप जानती हैं। यह पीरियड के दर्द को कम करता है। एक अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को अदरक कम करता है। अधिकतर लड़कियां दर्द कम करने के लिए दवाएं लेती हैं, लेकिन अदरक भी एकदम दवा की तरह ही काम करता है और खास बात ये है कि इससे कोई साइड इफेक्ट्स भी नहीं होता। इसके अलावा यह मोटापे को भी कम करता है।
अदरक को फैट बर्नर के रूप में भी देखा जाता है। यह मेटाबॉलिज्म को फास्ट करता है। मेटाबॉलिज्म फास्ट होने से फैट बर्न होता है। ये हाजमें को ठीक करने के साथ शरीर को फिट रखता है। अदरक बॉडी से टॉक्सिन को पसीने के रूप में बाहर निकालता है। कच्चे अदरक के 5 छोटे टुकड़ों से आपको जिंक, मेग्नीशियम, पोटेशियम और क्रोमियम मिल जाता है। यह सब साथ मिलकर ब्लड सर्कुलेशन को अच्छा करते हैं। यह हार्ट को भी स्वस्थ् रखता है।
हाइपरटेंशन और हाई ब्लड प्रेशर कार्डियक डिसीज के लिए खतरा बनता। अदरक ब्लड प्रेशर को लो करता है। इसके नियमित सेवन से हाई ब्लड प्रेशर नॉर्मल रहता है। अदरक में विटामिन सी होता है जो रोग प्रतिरोधक शक्ति को बेहतर करता है। अरदक सर्दी और फ्लू में कारगर रहता है। अदरक टुकड़ों को पानी में उबालकर पीने से कॉल्ड और फ्लू खत्म हो जाता है। यह गले के दर्द को भी खत्म करता है।
बालों को रूसी से बचायें
सर्दियों का मौसम में त्वचा के साथ ही बालों की भी खास देखभाल करनी पड़ती है। सर्दियों के मौसम में बालों का इस प्रकार ध्यान रखें।इस मौसम में बाल रूखे हो सकते हैं और रूसी की समस्या भी हो सकती है। बालों को स्वस्थ व चमकदार बनाए रखने के लिए ये उपाय करें।
सप्ताह में एक बार गर्म नारियल तेल या बादाम तेल से सिर की मसाज करें। इससे रक्त परिसंचरण में सुधार होगा। साथ ही बालों का रूखापन भी दूर होगा और सर्दी के मौसम में भी बाल स्वस्थ रहेंगे।
सर्द मौसम में बालों की ट्रिमिंग कराना ठीक रहता है कयोंकि सर्द हवाएं बालों को रूखा व बेजान बना देती हैं, जिससे बाल टूटने और दोमुंहे होने की समस्या पैदा हो जाती है। ट्रिमिंग कराने से आपको इन परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।
शैम्पू के बाद कंडीशनिंग करना बालों के लिए जरूरी होता है। सर्दियों के दौरान आपका ध्यान बालों की अच्छे से कंडीशनिंग करने पर होना चाहिए, इससे आपके बाल रूखे नहीं होंगे।
सर्दियों में बालों को हर रोज धोने से बचें. हर दिन बाल धोने से सिर में मौजूद प्राकृतिक तेल सूख जाएगा और इससे आपके बाल नमी की कमी से बेजान नजर आएंगे। वहीं उलझे बालों से राहत पाने के लिए उन्हें सप्ताह में दो दिन धोएं। सर्दी के महीनों में बालों को जितना हो सके उतना ढककर रखें, अन्यथा बाल रूखे हो सकते हैं। जूड़ा, विग्स, वीव्ज स्टाइल बनाएं और हेड स्कार्फ का इस्तेमाल करें।

गर्भधारण करने से पूर्व घटाएं वजन
गर्भधारण करने से पूर्व पूरी तरह से स्वस्थ रहना बहुत जरूरी होता है। इस दौरान आपको अपने वजन का भी खास ध्यान रखना पड़ता है। अगर आप गर्भधारण करने के बारे में सोच रहीं हैं तो आपको सबसे पहले अपने बढ़ते वजन को नियंत्रित करना चाहिए। अगर आप गर्भावस्था से पहले मोटी हैं तो इसके कारण आपको गर्भावस्था के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कुछ किलो वजन घटाकर आप गर्भावस्था से जुड़ी कई तरह की समस्याओं से राहत पा सकती हैं और ये बच्चे के लिए भी अच्छा रहता है।
जन्म के दौरान आती हैं दिक्कतें
कई शोधों में ये दावा किया जा चुका है कि गर्भपात, बच्चे में कोई कमी और जन्म के दौरान किसी भी तरह की परेशानी का कारण मोटापा हो सकता है।
प्रजनन स्तर
मोटापे के कारण आपकी प्रजनन क्षमता भी कम हो सकती है। मोटापे का असर महिलाओं के प्रजनन स्तर पर भी पड़ता है। जी हां, ये बात सच है कि मोटापे के कारण कई महिलाएं शुरुआती स्तर में ही गर्भधारण नहीं कर पाती हैं।
गर्भावधि डायबिटीज़
गर्भावस्था के दौरान मोटापे की वजह से उच्च रक्तचाप, डायबिटीज़ और अन्य कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। जन्म से ही डायबिटीज़ इन सामान्य खतरों के अलावा आपके बच्चे को कोई घातक परेशानी या रोग भी हो सकता है। अगर गर्भावस्था के दौरान मोटापे के कारण बच्चे को जन्म से ही डायबिटीज़ की शिकायत हो सकती है। इसके अलावा बच्चे को और भी कई रोग होने का खतरा बना रहता है।
वजन घटाएं
अगर आपका वजन सामान्य है या सामान्य से थोड़ा ज्यादा है तो आपको बहुत ज्यादा चिंता करने की जरूरत बिलकुल नहीं है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप लापरवाह हो जाएं और जो कुछ भी मन करे वो खाएं। इस समय आपके शरीर को कई ज्यादा पोषण और देखभाल की जरूरत होती है इसलिए गर्भावस्था से पहले, गर्भावस्था के दौरान और प्रसव के बाद अपने खानपान और वजन का खास ख्याल रखें

लिपस्टिक के इन शेड्स से सबसे अलग नजर आयेंगी आप
दिवाली पर आप जरूर सब से अलग दिखना चाहेंगी। इसके लिए ट्रेंडी ड्रेस की जरूरत नहीं है बस लिपस्टिक के ये शेड्स ही आपकी सुंदरता को कई गुना बढ़ा देंगे। लिपस्टिक महिलाओं की मेकअप किट का एक बेहद अहम हिस्सा है। इससे चेहरे पर एक अलग ही निखार आ जाता है।
अगर आप त्योहारों पर अपने लुक के साथ एक्सपेरिमेंट करना चाहती हैं तो ऑरेंज, ब्लैक और पर्पल रंग के लिपस्टिक का चुनाव कर सकती हैं। आइए जानते हैं सीजन के लेटेस्ट लिपिस्टिक शेड्स के बारे में, जिन्हें लगा कर आप एकदम अलग नजर आएंगी। सुर्ख लाल रंग के लिपस्टिक हर अवसर पर इस्तेमाल में लाए जा सकते हैं, इस रंग का दौर हमेशा बरकरार रहता है। ऑरेंज रंग की लिपस्टिक या इससे मिलते-जुलते शेड्स इस सीजन में छाए हुए हैं। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह हर ड्रेस और गोरी या सांवली हर महिला पर जंचता है।
ब्राउन रंग की लिपस्टिक चमकते लुक के ऊपर खूब जंचते हैं। कम मेकअप के साथ इसे लगाने से यह आपके लुक को अलग अंदाज देगा।
पर्पल रंग की लिपस्टिक से होठों को सजा आप इसके साथ मैंचिंग रंग के कपड़े या मिक्स रंग के कपड़े भी पहन सकती हैं। साथ ही इसी रंग का चमकीला आईलाइनर लगाना ना भूलें। यह आपको बोल्ड लुक देगा।
काले रंग के लिपस्टिक शेड आजकल लड़कियों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। शाम की पार्टी में आप इसे लगाएं। यकीनन आप भीड़ से अलग नजर आएंगी।

सर्दियों में ऐसे करें मेकअप
सर्दियों में मेकअप करने के कुछ खास टिप्स अपनाकर आप कुछ समय में ही अपनी खूबसूरत निखार सकती हैं। सर्दियों का मौसम इसलिए अच्छा रहता है क्योंकि इस दौरान आप अपने मेकअप के साथ तरह- तरह के प्रयोग कर सकती हैं। जो मेकअप गर्मियों में अच्छा नहीं लगता वहीं मेकअप सर्दियों में आपकी लुक्स को और बढ़ा सकता है।
सर्दियों में त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है जिस कारण कई बार मेकअप चेहरे पर निखार लाने के बजाए आपकी लुक को खराब कर देता है। इसलिए आपको अपनी त्वचा का विशेष ध्यान रखना चाहिये।
सर्दियों में मेकअप करने के कुछ खास टिप्स
सर्दियों में मेकअप करने से पहले जरूरी है कि आप अपनी स्किन (त्वचा) को अच्छी तरह से मॉइस्चराइज कर लें। इसलिए मेकअप करने से पहले अपनी स्किन को सबसे पहले किसी अच्छे क्लीनजिंग मिल्क से साफ करें।
इसके बाद अपने चेहरे पर प्राइमर लगाने के बाद अपनी स्किन टोन से मिलते-जुलते रंग का फाउंडेशन लगाएं। सर्दी के मौसम में हमेशा क्रीम बेस फाउंडेशन का ही इस्तेमाल करें। बेस और कॉम्पेक्ट पाउडर को अच्छी तरह से स्किन में ब्लेंड करें।
मौसम में ब्लैक और ब्राउन आई शेडो से आंखों को स्मोकी लुक दें। स्मोकी आईज हॉट और बोल्ड लुक देती हैं।
सर्दियों में मेकअप करते समय आंखो पर काजल, लाइनर और मस्कारा का इस्तेमाल जरूर करें। यह इस मौसम में आपकी आंखो को एक हॉट लुक देते हैं।
इस मौसम में हमेशा लिपस्टिक लगाने से 10-15 मिनट पहले होठों पर लिप बाम जरूर लगाएं। इससे आपके होठों में नमी बनी रहेगी।
सर्दियों में गहरे रंग की लिपस्टिक बहुत अच्छे लगती है। रेड कलर की लिपस्टिक हर ड्रेस पर फबती है। इससे चेहरे पर भी निखार आता है. पिंक, महरून और ब्राउन कलर्स की लिपस्टिक भी इस मौसम में अच्छी लगती हैं। चेहरे पर चमक लाने के लिए गालों पर हल्के हाथों से ब्लशर या ब्रॉन्ज लगाएं। ये आपको बिल्कुल तरोताज लुक देता है।

समय के अनुसार करें मेकअप
खूबसूरत दिखने की चाहत हर महिला को होती है। इस चाहत में महिलाएं ज्यादा से ज्यादा मेकअप का इस्तेमाल करती हैं। दिन हो या रात, वो अपने चेहरे पर मेकअप लगाती हैं लेकिन मेकअप करने के दौरान कई छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है। एक छोटी सी गलती भी पूरे लुक को बर्बाद कर सकती है। इसलिए मेकअप करते समय इस बात का ध्यान रखें कि मेकअप समय के अनुसार ही हो, यानी दिन और रात का मेकअप हमेशा अलग तरह का ही हो।
अगर आप दिन के समय ज्यादा मेकअप करती हैं तो इन बातों का ध्यान रखें। इससे आपकी मेकअप से जुड़ी कुछ परेशानियां जरूर कम हो जाएंगी।
दिन का मेकअप चुभने वाला या भड़कीला बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए।
दिन में मेकअप करते समय काजल का इस्तेमाल जरूर करें।
दिन के वक्त गाढ़े रंग का शैडो लगाने से बचें और अगर लगाना ही है तो न्यूट्रल कलर का इस्तेमाल कीजिए।
लिपस्ट‍िक को ग्लॉस के साथ लगाना बेहतर होगा।
मेकअप करने से पहले ये तय कर लें कि आपका चेहरा पूरी तरह साफ हो। टोनर का इस्तेमाल करके मेकअप लगाने से मेकअप फैलता नहीं है।
भूलकर भी दिन के समय में किए गए मेकअप में ग्लीटर का इस्तेमाल ना करें।
दिम में धूप और गर्मी के कारण आपका मेकअप खराब हो सकता है। इसलिए हमेशा वाटर प्रूफ ब्यूटी प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करें। मेकअप करने से 20 मिनट पहले सन स्क्रिन जरुर लगायें।

घरेलू उपायों से गालों को बनायें आकर्षक और गोल-मटोल
No Imageआकर्षक दिखने के लिए सुंदर आंखें और होंठों की तरह ही गोल-मटोल गाल भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए हर लड़की गोल-मटोल गाल पाना चाहती है। मगर तनाव और चेहरे की ठीक से देखभाल ना कर पाने के कारण गाल पिचकने लगते हैं। पिचके हुए गालों पर मेकअप भी अच्छा नहीं लगता। ऐसे में चेहरे को भरा हुआ दिखाने के लिए और गोल-मटोल गाल पाने के लिए आप कुछ घरेलू नुस्खों को अपना सकती हैं।
एलोवेरा जेल
एलोवेरा जेल हर तरह की त्वचा के लिए अच्छा होता है। इसको लगाने से या पीने से त्वचा और स्वास्थ से जुड़ी परेशानियां दूर होती है। चिपके गालों को गोल-मटोल बनाने के लिए एलोवेरा जेल को चेहरे पर लगाकर 20 से 30 मिनट तक मालिश करें। हर दिन ऐसा करने से चेहरा उभरा हुआ नजर आने लगेगा।
सेब का पेस्ट
सेब में पाए जाने वाले प्राकृतिक गुण गालों को हफ्तेभर में गोल और फूला हुआ बना देते हैं। पेस्ट बनाने के लिए सबसे पहले सेब को बारीक पीस लें, फिर इसे 20 से 30 मिनट तक गालों पर लगाकर रखें। इसके बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लें। रोजाना इस पेस्ट को लगाने से आपको फर्क दिखाई देने लगेगा।
मेथी दाना
मेथी दाने में एंटी ऑक्सीडेंट एवं जरूरी विटामिन्स होते हैं जो चेहरे पर पड़ी बारीक लाइनों को गायब करने के साथ ही त्वचा में कसाव लाता है। मेथी का पेस्ट बनाने के लिए इसको रात में भिगोने के लिए रख दें और फिर इसे लगाएं।
गुलाबजल और ग्लिसरीन
गुलाबजल सिर्फ फटी एड़ियों और होंठों को नरम बनाने ही नहीं बल्कि गालों को गोल-मटोल बनाने का भी काम करता है। इसको चेहरे पर लगाने से कसावट आती है। गुलाबजल और ग्लिसरीन को बराबर मात्रा में मिलाकर चेहरे पर लगाकर एक घंटे तक ऐसे ही छोड़ दें। फिर चेहरे से इस पेस्ट को साफ करके गुनगुने पानी से मुंह धो लें।

योग से महिलाओं में प्रजनन संबंधी समस्या होती है ठीक
हर महिला शादी के बाद मां बनना चाहती है पर कई बार कुछ समस्याओं के कारण गर्भधारण नहीं कर पाती है तो माना जाता है कि पति या पत्नी में से किसी एक को प्रजनन संबंधी समस्या है। अगर स्त्री को यह समस्या है इसे बांझपन की समस्या कहते हैं।
कई महिलाएं मामूली समस्याओं की वजह से भी मां नहीं बन पाती हैं क्योंकि कारण का पता नहीं चलता है इसलिए इलाज भी मुश्किल हो जाता है। योग में बांझपन का इलाज बताया जाता है। माना जाता है कि चक्रासन बांझपन की समस्या से जूझ रही महिलाओं के लिए लाभदायक होता है। कैसे करें चक्रासन- सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं। घुटने मोड़ें और एड़ियों को नितंबों से स्पर्श कराते हुए पैरों को 10-12 इंच की दूरी पर रखें। बांह उठाएं और कोहनियां मोड़ लें। हथेलियों को कंधों के ऊपर सिर के निकट जमीन पर रख लें। सांस लें और धीरे-धीरे धड़ को उठाते हुए पीठ को मोड़ें। धीरे से सिर को लटकता छोड़ दें एवं बांहों तथा पांवों को यथासंभव तान लें। धीरे-धीरे सांस लें और धीरे-धीरे सांस छोड़ें। जब तक संभव हो सके इस मुद्रा को बनाए रखें। इसके बाद शरीर को इस तरह नीचे करते हुए आरंभिक अवस्था में लौटें कि सिर जमीन पर ही टिका रहे। शरीर के शेष भाग को नीचे लाएं तथा विश्राम करें। यह 1 चक्र हुआ। इस तरह आप 4 से 5 चक्र करें। इससे प्रजनन से जुड़ी कई समस्यायें दूर होती हैं।

हर्बल थेरेपी से हटायें झुर्रियां
युवतियां और महिलाएं खूबसूरती के लिए कई बार जरुरत से ज्यादा सौंदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल कर लेती हैं जिसका परिणाम यह होता है कि समय से पहले ही चेहरे पर झुर्रिया पड़ने लगती हैं, इससे उम्र भी अधिक दिखने लगती है। इसके बाद झुर्रियों को छुपाने के लिए वे कई प्रकार के महंगे उपचार कराती हैं। जिससे फायदा कम और नुकसान ज्यादा देखने को मिलते हैं। अगर इसकी जगह आप प्राकृतिक हर्बल स्टीम थेरेपी अपनाएंगी तो बिना किसी नुकसान और अतिरिक्त खर्च के अपनी सुंदरता निखार सकती हैं। इस थेरेपी में उपयोग किए जाने वाले हर्ब्स में एंटी-ऑक्सीडेंट्स और पॉली-फिनॉल के साथ एंटी-एजिंग गुण होते हैं जो कि त्वचा को लंबे समय तक जवां बनाएं रखने में मदद करते हैं। इस तरह घर पर ही करें हर्बल स्टीम थैरेपी का उपयोग।
इस तरह होता है फायदा
इस थैरेपी को करते समय पानी में हर्बल एसेंशियल ऑयल मिला कर स्टीम ली जाती है, जिससे चेहरे की त्वचा में रक्त संचार बढ़ जाता है। त्वचा की नई कोशिकाएं बनती है और उनमें कसावट आती है।
इस तरह इस्तेमाल करें एसेशिंयल ऑयल
कभी भी एसेशिंयल ऑयल का इस्तेमाल चेहरे पर सीधा नहीं किया जा सकता बल्कि इसे पानी में मिला कर स्टीम लेने में किया जाता है। हर्बल स्टीम थैरेपी के लिए रोजमेरी, लेवेंडर आदि के एसेशिंयल ऑयल का इस्तेमाल करें क्योंकि इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-एजिंग गुण होते हैं जो त्वचा को जवां बनाएं रखने के साथ तनाव को भी दूर करते हैं।
इस तरीके से हर्बल स्टीम थैरेपी
पैन में 6 कप पानी डाल कर गर्म करें और इसमें उबाल आने के बाद इसे आंच से उतार दें। फिर इसमें लेवेंडर या रोजमेरी के ऑयल की 4 बूंदें डालें। अब पैन के ऊपर चेहरे को तौलिए से कवर करके 5 मिनट तक स्टीम लें। इसके बाद चेहरे को तौलिए से अच्छी तरह साफ करें।

सोने से पहले आंखों का मेकअप उतारें
आंखों को खूबसूरत दिखाने के लिए लड़कियां कई तरह के ब्यूटी प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल करती है पर इनमें केमिकल्स मिलें होने के कारण इसे हर वक्त आंखों पर लगा रहने देने से कई नुकसान हो सकते हैं। अगर आप इन समस्याओं के बचे रहना चाहती है तो रात को सोने से पहले इसे जरूर उतार सोएं। इसे उतार कर सोने से सुबह आपकी आंखे तरोताजा महसूस करेंगी और किसी तरह का नुकसान भी नहीं होगा।
जलन और लालगी
आई प्रॉडक्ट्स में रसायन होने के कारण यह आंखों को रूखा बना देते हैं, जिससे आंखों में जलन होने लगती है और आंखों में लालगी आ जाती है। इसके अलावा आंखो में खारिश भी रहने लगती है।
पलकों के फॉलिकल्स बंद होना
रात को मस्कारा और लाइनर लगा रहने देने से पलकों के हेयर फॉलिकल्स और आईलीड के ऑयल ग्लैंड बंद हो जाता है। जिससे आपको आराम नहीं महसूस होता और आंखों को भी नुकसान पहुंचता है।
पलके झड़ना
आंखों को खूबसूरत दिखाने में पलकों का खास रोल है लेकिन इस पर 24 घंटे मस्कारा लगा रहने से यह रूखी और बेजान हो जाती है, जिससे यह टूटकर झड़ने लगती है।
डार्क सर्कल्स
आई मेकअप करने से आंखे केवल कुछ देर के लिए ही खूबसूरत दिख सकती है लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल डार्क सर्कल्स की वजह भी बन सकता है। इसलिए रात को सोने से पहले इसे जरूर उतार कर सोएं।
नजर पर बुरा प्रभाव
आई मेकअप प्रॉडक्ट्स में केमिकल्स होने के कारण इसे सोने से पहले न उतारने से आंखों की रोशनी पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।

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