सिंधिया का पांच मंत्रियों की मौजूदगी में अभूतपूर्व स्वागत, बोले जनता नेता बनाती है और वही जमीन पर भी लाती है

अशोकनगर, कांग्रेस के महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया का आज लोकसभा चुनाव में पराजय के बाद पहली बार जनसंपर्क के लिए अशोकनगर आने पर प्रदेश के पांच मंत्रियों की उपस्थिति में जोरदार स्वागत किया गया, ऐसा स्वागत अशोकनगर शहर के इतिहास में सबसे बड़ा स्वागत समारोह माना जा रहा है। किसी भी राजनीतिक व्यक्ति के लिए आज तक शहर को इस तरह से नही सजाया गया था।
जगह-जगह पर मुख्य चौक चौराहों पर सिंधिया के स्वागत में बैनर पोस्टर एवं होर्डिंग लगाए गए। वायपास रोड़, विदिशा रोड़ जहां होर्डिगो से पटा रहा, वहीं गांधी पार्क पर रंग-विरंगे परदो से विशेष साज-सज्जा की गई। लोगों का मानना है, कि इस तरह की साज-सज्जा और प्रदर्शन पहले कभी देखने को नहीं मिला। खुद सिंधिया कई बार चुनाव जीत कर आये मगर आज जैसा स्वागत पहले कभी नही हुआ। स्थानीय विधायक जजपाल सिंह जज्जी के नेतृत्व में कोंग्रेसियो ने पूरे शहर बैनर पोस्टरों एवं स्वागतद्वारो से पाट दिया था। जिन जिन इलाकों से सिंधिया निकले उन इलाकों को कोंग्रेसियो ने दुल्हन की तरह सजाया गया था। शुक्रवार सुबह लगभग 11:30 बजे जब श्री सिंधिया लगभग 200 वाहनों के काफिले के साथ अशोकनगर पहुंचे तो क्षेत्र की जनता ने गाजे-बाजे, पटाखो, फूल मालाओं के साथ श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का भव्य स्वागत किया। सिंधिया के आगमन पर उनके स्वागत में जगह-जगह फलों से तौला गया। गांधी पार्क पहुंचते ही श्री सिंधिया द्वारा गांधी जी कि प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर विश्राम ग्रह पहुँचे। जहां श्री सिंधिया ने सबसे पहले पुलवामा हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। जिसके बाद उन्होंने वहाँ उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्यक्ष राजनीति में आज भले ही मैं न रहा हूं लेकिन प्रत्यक्ष रूप से आपका जनसेवक था आज भी हूं और आगे भी रहूंगा। उन्होने कहा कि मेरी रग-रग में आपका प्यार है और मेरे खून की एक-एक बूंद आपके लिए निछाबर है यह विश्वास आपको दिलाता हूं। श्री सिंधिया ने कहा कि संसद की चार दीवारियो में भले ही आज मेरी उपस्थिति न हो, आपकी खुशी में आपके साथ खड़ा रहूं या न रहूं लेकिन कभी अगर भगवान न करे आप पर कोई संकट आये उस समय कोई आये न आये लेकिन मैं आपके साथ खड़ा रहूंगा। पूर्व सांसद सिंधिया ने कहा कि हम अति आत्मविश्वास में बीता चुनाव हार गए, हम सोचते रहे कि 1 वोट से क्या होता है और इसी 1-1 वोट की वजह से परिणाम बदल गया। उन्होने कहा कि प्रजातंत्र में सबसे बड़ा भगवान जनता होती है। वही नेता बनाती है और जमीन पर लाकर खड़ा कर देती है। आज में जमीन पर खड़ा हूं और इसका अहसास भी मुझे है। इस जमीन के साथ आपके दिल में भी मैं टिका रहूं। श्री सिंधिया ने कहा कि अण्डरब्रिज जिसका शिलान्यास अभी हुआ है। उसके शिलालेख में मेरा नाम भले ही न हो लेकिन अण्डरब्रिज की एक-एक ईट में मेरा नाम है। जनसंपर्क के बाद सिंधिया पूर्व विधायक स्व. बलवीर कुशवाह ने निवास पर पहुँचकर शोक संवेदना व्यक्त की यहाँ से वे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मलकीत सिंह के यहाँ सौजन्य भेंट करने उनके घर गए यहाँ से श्री सिंधिया पार्षद स्व. रामसिंह रघुवंशी के निवास पर पहुँचकर शोक संवेदना व्यक्त की। जिसके बाद श्री सिंधिया कोलारस के लिए रवाना हुए।

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