डाटा सेंटर व्यवसाय में बनेगी मध्यप्रदेश की नई पहचान, 4125 करोड़ रु के प्रारंभिक निवेश का रास्ता साफ़

भोपाल,मध्यप्रदेश डाटा सेंटर व्यवसाय में अपनी नई पहचान बना सकता है। इसके लिए प्रदेश में अलग-अलग 9 स्थानों पर 690 एकड़ जमीन उपलब्ध है। इस क्षेत्र में आने वाली कंपनियों को सरकारी जमीन पर इकाइयाँ लगाने की लागत में 75 प्रतिशत तक की रियायत भी मिल सकेगी। इस क्षेत्र की संभावनाओं पर दावोस में वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम की वार्षिक बैठक के तीसरे दिन मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ से आज अमेजन वेब सर्विस के वाइस प्रेसीडेंट श्री मेक्स पीटरसन ने विस्तारपूर्वक चर्चा की। मुख्यमंत्री को उन्होंने बताया कि फिलहाल नई दिल्ली, मुम्बई, हैदराबाद, बैंगलुरू, पुणे, चैन्नई मिलाकर 6 स्थानों पर कंपनी काम कर रही है। इसमें दिल्ली, मुम्बई और चैन्नई में डाटा सेंटर हैं। मध्यप्रदेश में भी कंपनी अपनी आमद दर्ज करना चाहती है। मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में डाटा सेंटर व्यवसाय के लिए जरूरी जमीन, बिजली और श्रम आदि सभी परिस्थितियाँ मौजूद हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम के अध्यक्ष बॉर्ज ब्रेंडे से और लुलु ग्रुप के मालिक मोहम्मद युनुस अली से मुलाकात की। उधर,दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में शीर्ष निवेशकों के साथ चर्चा के शुरुआती दौर में ही बड़ी सफलता हासिल करते हुए 4125 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित कर लिया है। मंडीदीप में स्थित दावत फूड कंपनी लिमिटेड को सऊदी सरकार की कंपनी सऊदी अरब एग्रीकल्चर एंड लाइवस्टॉक इन्वेस्टमेंट कंपनी से 125 करोड़ रुपये का सीधा विदेशी निवेश मिला है। इसके अलावा कुल 650 मेगावाट क्षमता की दो केंद्रीय पवन परियोजनाएं भी अनुमोदित हो गई हैं। प्रत्येक परियोजना 325 मेगावाट क्षमता की है। सॉफ्ट बैंक एनर्जी (जापान) द्वारा और एक्टिस (इंग्लैंड) द्वारा क्रियान्वित की जायेगी। इसमें कुल 4000 रुपये का निवेश होगा। प्रारंभिक सफलता से साबित हो गया है कि निवेशक समुदाय ने मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ के नेतृत्व में भरोसा किया है। विश्वास के इसी वातावरण के चलते अब परिणाम मिलना शुरू हो गये हैं। इससे पहले 220 करोड़ रुपये की लागत से एक वर्ल्ड क्लास 27-होल गोल्फ कोर्स सह रिसॉर्ट और होटल का निर्माण प्रसिद्ध पर्यटक स्थल सांची के पास निनोद गाँव में होने जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने हाल ही में वेस्ले समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री डोरियन मूलन को लैटर आफ अवार्ड सौंपा था।

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