क्या भारतीय हॉकी ओलंपिक में पुराना गौरव हासिल कर पाएंगी ?

नईदिल्ली,भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह ने कहा है कि अगर उनकी टीम इस प्रकार लगातार बेहतर प्रदर्शन करती रही तो आगामी टोक्यो ओलंपिक के फाइनल तक पहुंच जाएगी। भारतीय टीम पिछली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में ही हार गयी थी। भारतीय टीम ने उसके बाद से ही नये कोच ग्राहम रीड के मार्गदर्शन में अपने खेल में काफी सुधार किया है । मनप्रीत ने कहा कि पिछला साल टीम के लिये अच्छा रहा हालांकि शीर्ष स्तर पर ज्यादा खेलने का अवसर नहीं मिला । उन्होंने कहा ,‘‘ 2019 अच्छा रहा । हम शुरूआत में पांचवें स्थान पर थे और उसे बरकरार रखने में सफल रहे। इसके बाद हमारा लक्ष्य ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करना जो हमने हासिल कर लिया है।’’ मनप्रीत ने कहा ,‘‘ इसके लिये हमने पूरे साल अच्छा प्रदर्शन किया।’’ पिछले साल एफआईएच के वर्ष के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के पुरस्कार के लिये नामांकित मनप्रीत ने कहा कि नीदरलैंड, बेल्जियम और आस्ट्रेलिया जैसी शीर्ष टीमों के खिलाफ आगामी प्रो लीग में खेलने से अंदाजा होगा कि टीम किस स्तर पर है। वहीं भारतीय टीम इस माह 18 और 19 जनवरी को नीदरलैंड टीम के खिलाफ खेलेगी । इसके बाद उसे आठ और नौ फरवरी को बेल्जियम से और 22 तथा 23 फरवरी को आस्ट्रेलिया से खेलना है।’’
प्रो लीग मुकाबलों से लाभ होगा : श्रीजेश
भारतीय हॉकी टीम के गोलकीपर पी आर श्रीजेश ने कहा कि आगामी एफआईएच प्रो लीग में खेलना भारत के लिये ओलंपिक से पहले लाभदायक रहेगा। इससे भारतीय टीम को तैयारियों का अच्छा अवसर मिलेगा। प्रो लीग में विश्व की शीर्ष टीमें भाग लेंगीं। इसमें भारतीय टीम 18 जनवरी को अपने अभियान की शुरुआत नीदरलैंड के साथ मुकाबले से करेगी। श्रीजेश ने कहा कि ओलंपिक में गोल करके स्कोरबोर्ड का दबाव कम करना महत्वूपर्ण होगा और इसलिए टोक्यो जाने से पहले इस विभाग में सुधार करना बेहद जरूरी है। भारत ने एफआईएच क्वालीफायर में रूस को कुल 11-3 से हराकर ओलंपिक में जगह बनायी। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपरों में से एक श्रीजेश के ओलंपिक में भी यह भूमिका निभाने की उम्मीद है। श्रीजेश ने कहा, ‘‘ओलंपिक क्वालीफायर अब इतिहास हैं और हमें अब आगे के बारे में सोचना होगा। ओलंपिक में मैच कड़े होंगे। हम सभी शीर्ष टीमों से भिड़ने के लिये तैयार हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब केवल कुछ महीने का समय बचा है। हमें सभी विभागों पर गौर करना होगा। इनमें पेनल्टी कार्नर को गोल में बदलना, आक्रमण और रक्षण सभी शामिल हैं। हमें अधिक से अधिक गोल करके ओलंपिक में अपने प्रतिद्वंद्वी पर स्कोरबोर्ड का दबाव बनाने की रणनीति पर काम करना होगा।’’
भाग लेंगी शीर्ष टीमें
अगले माह 18 जनवरी से शुरू होने वाली एफआईएच प्रो लीग में लीग में भारत के अलावा आठ अन्य शीर्ष टीमें भाग लेगी। इस लीग को लेकर भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह का मानना है कि प्रो लीग में आस्ट्रेलिया और अर्जेंटीना जैसी शीर्ष टीमों के खिलाफ प्रदर्शन से टोक्यो ओलंपिक 2020 की तैयारियों का आंकलन करना होगा।
मनप्रीत ने कहा, ‘टीम का लक्ष्य अपने पूल (ओलंपिक) में शीर्ष दो टीमों में रहने का है। अगले साल प्रो लीग में हमें आस्ट्रेलिया और अर्जेंटीना जैसी शीर्ष टीमों के खिलाफ खेलना है। इन दोनों टीम के खिलाफ हमारा प्रदर्शन यह तय करेगा कि ओलंपिक में जाने से पहले टीम की स्थिति कैसी है। इसके बाद हमें उसके मुताबिक तैयारी करनी होगी।’ भारतीय पुरुष टीम को मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना और दुनिया की नंबर एक टीम ऑस्ट्रेलिया के साथ पूल ए में रखा गया है। इनके अलावा भारत के पूल में स्पेन, न्यूजीलैंड और मेजबान जापान भी शामिल हैं। मनप्रीत ने कहा, ‘ओलंपिक में कोई ग्रुप आसान नहीं होता है। रैंकिंग के मामले में हम अपने पूल में आस्ट्रेलिया और अर्जेंटीना के बाद तीसरी सर्वश्रेष्ठ टीम हैं जिससे हमारा पूल थोड़ा आसान लग रहा है। पूल बी में बेल्जियम, नीदरलैंड, जर्मनी, ग्रेट ब्रिटेन, कनाडा और दक्षिण अफ्रीका की टीमें हैं।’
भारतीय कप्तान ने आगे कहा, ‘ओलंपिक में रैंकिंग का कोई ज्यादा असर नहीं होता। किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता है हमें अपने पूल के सभी मैचों में अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना होगा जिससे यह पता चलेगा कि क्वार्टर फाइनल में कौन सी टीमें भिड़ेगी। हमें अब भी याद है कि रियो (2016) में कनाडा (2-2) के खिलाफ क्या हुआ था।’ भारतीय महिला टीम को पूल बी में रखा गया है जहां विश्व चैम्पियन नीदरलैंड, जर्मनी, ग्रेट ब्रिटेन, आयरलैंड और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।

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